जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) जम्मू - कश्मीर में एक राजनीतिक दल है. पीडीपी का नेतृत्व और स्थापना मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने की थी. जनवरी 2016 में उनकी मृत्यु के बाद उनकी बेटी, महबूबा मुफ्ती पार्टी नेता बनीं. वह जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री भी बनीं. पार्टी पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन चुनावी गठबंधन की सदस्य है. जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 18 जून 2023 को अपनी स्थापना के बाद से भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन की भी सदस्य है (Jammu and Kashmir Peoples Democratic Party).
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गांदरबल आतंकवादी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गये हैं - लोगों को उमर अब्दुल्ला का आंतकवादियों के लिए 'उग्रवादी' शब्द का इस्तेमाल किया जाना अच्छा नहीं लगा है.
Omar Abdullah Swearing In Ceremony: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को आज नया मुख्यमंत्री मिल गया है. उमर अब्दुल्ला आज J-K के नए सीएम बन गये हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है.
Aaj Ki Taza Khabar: हरियाणा में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. मुख्यमंत्री से लेकर कैबिनेट के चेहरे तय होना बाकी है, लेकिन इससे पहले हरियाणा सरकार ने शपथ ग्रहण का विज्ञापन जारी कर दिया है, जिसमें पीएम मोदी और नायब सैनी की तस्वीर है. वहीं, एलन मस्क के नाराजगी जताने के बाद सरकार ने फैसला लिया है कि अब स्पेक्ट्रम का आवंटन अलग तरीके से होगा.
Haryana and Jammu Kashmir Political updates Live: हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनावी नतीजों के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों जगह नए मुख्यमंत्री कब सीएम पद की शपथ लेते हैं. इस बीच हरियाणा में सीएम पद के लिए बयानबाजी भी शुरू हो गई है.
नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जो तेवर दिखाया है, चुनाव जीतने के बाद वो स्वाभाविक है. वैसे मुख्यमंत्री बनने जा रहे उमर अब्दुल्ला के केंद्र के साथ सहयोगात्मक रुख की पहल काफी अच्छी है - लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल सामने खड़ी चुनौतियों से पार पाना है.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में मतगणना की स्थिति साफ हो गई है. फारूक अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन को 49 सीटों पर जीत मिली है. इससे पहले फारूक अब्दुल्ला का एक बयान सामने आया था.
Jammu Kashmir Vidhan Sabha Election Results Updates: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में सभी 90 सीटों के नतीजे अब सामने आ चुके हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने 49 सीटों पर जीत हासिल की है. उमर अब्दुल्ला अपनी दोनों सीटें जीत गए हैं. वहीं महबूबा मुफ्ती की पीडीपी को सिर्फ तीन सीटें मिली हैं. जबकि बीजेपी के खाते में 29 विधानसभा सीटें आई हैं.
फारूक अब्दुल्ला को यकीन हो गया है कि नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन जम्मू-कश्मीर में बहुमत हासिल करने जा रहा है, और कुछ हद तक महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी को भी. तभी तो एक पीडीपी नेता के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने साथ आने के लिए बधाई दे डाली है - लेकिन क्या महबूबा मुफ्ती भी ऐसा ही सोच रही हैं?
सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन को 41.1 फीसदी वोट मिल सकते हैं. जबकि, पीडीपी को 16.6 फीसदी और बीजेपी को 3 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. अन्य के खाते में 39.3 फीसदी वोट जाने का अनुमान है.
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को आएंगे लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल के अनुमान सामने आ गए हैं. इंडिया टुडे सी वोटर के सर्वे में कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन की सरकार बनती दिख रही है. एग्जिट पोल अनुमानों के मुताबिक बीजेपी के गढ़ जम्मू में यह गठबंधन कितनी सेंध लगा पाया?
जम्मू-कश्मीर चुनाव 2024 के परिणाम 8 अक्टूबर को आएंगे. 90 सीटों पर तीन चरणों में 18 सितंबर से एक अक्टूबर तक मतदान हुए हैं. आज तक के हल्ला बोल शो में बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया और पीडीपी प्रवक्ता तौसीफ शाह के बीच चुनाव के परिणाम को लेकर जोरदार बहस हुई है. देखें वीडियो.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 सीटों पर 25 सितंबर को मतदान होना है. इनमें राजौरी और पुंछ की आठ विधानसभा सीटें भी हैं जिसमें पांच सीटें एसटी रिजर्व हैं. जानिए, ये सीटें कौन सी हैं और इनका गणित क्या है?
जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव में इंजीनियर राशिद फोकस पॉइंट बन गए हैं. इंजीनियर राशिद की चुनावी मौजूदगी कश्मीर की सभी प्रमुख पार्टियों को परेशान किए हुए है. इसकी वजह क्या है?
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं. इस बीच पहले चरण के प्रचार के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने पूरी ताकत झोंकी. बता दें पहले फेज में 7 जिलों की 24 सीटों पर 18 सितंबर को वोटिंग होगी. देखें ये रिपोर्ट.
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा बिजबेहरा सीट से मैदान में हैं तो वहीं अकबर लोन के बेटे हिलाल अकबर लोन भी चुनावों में किस्मत आजमा रहे हैं. जम्मू कश्मीर के चुनाव में सियासी परिवारों की नई पीढ़ी की चर्चा भी खूब हो रही है.
अव्वल तो उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर विधानसभा का चुनाव लड़ना ही नहीं था, लेकिन अब वो दो-दो सीटों से मैदान में उतरने जा रहे हैं. लोकसभा चुनाव हार चुके उमर अब्दुल्ला का इरादा क्या राहुल गांधी के साथ आ जाने से बदला है?
उमर पर हमला करते हुए महबूबा ने कहा कि वह पोटा लेकर आए, उन्होंने पाकिस्तान पर हमला करने की वकालत की. लेकिन हमने बीजेपी के साथ शर्तों पर गठबंधन किया था. हमने 12 हजार नौजवानों की एफआईआर वापस ली. दिल्ली से बहुत बड़ा डेलिगेशन आया, जो हुर्रियत के दरवाजे तक गया. महबूबा ने कहा कि हमने सीजफायर करवाया.
जम्मू कश्मीर चुनाव में इस बार सियासी बयार बदली-बदली नजर आ रही है. अलगाववादी संगठन और इनसे जुडे़ नेता जो चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया करते थे, वे अब जनता के वोट से माननीय बनने की कोशिश में चुनाव मैदान में उतर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
SCO के शिखर सम्मेलन का मेजबान इस बार पाकिस्तान है. अक्टूबर में होने जा रही इसकी बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता भेजा है. विदेश मंत्री जयशंकर के बयान से लगता तो नहीं कि मोदी पाकिस्तान जाएंगे - लेकिन इस सवाल पर बहस जरूर हो रही है कि मोदी को इस्लामाबाद जाना चाहिये या नहीं?
जम्मू कश्मीर के चुनाव में मुफ्ती परिवार की तीसरी पीढ़ी इल्तिजा का भी डेब्यू हो रहा है. इल्तिजा ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग की बिजबेहरा सीट से नामांकन पत्र भरा है. महबूबा की बेटी इल्तिजा बिजबेहरा से ही क्यों चुनाव लड़ रही हैं?
महबूबा मुफ्ती और मायावती की सियासी स्टाइल में कई बातें कॉमन लगती हैं. दोनो नेताओं की आपसी तकरार ने यूपी और जम्मू-कश्मीर की राजनीति को कई चीजें एक जैसी नजर आ रही हैं. महबूबा की जबान से उमर अब्दुल्ला का नाम वैसे ही सुनाई पड़ता है, जैसे मायावती के मुंह से अखिलेश यादव का - लेकिन निशाना कहीं और है.