फिलीपींस (Philippines), दक्षिण पूर्व एशिया में एक द्वीप देश है. पश्चिमी प्रशांत महासागर में इसके 7,641 द्वीप हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 300,000 वर्ग किलोमीटर है. इन्हें द्वीपों को मोटे तौर पर उत्तर से दक्षिण तक तीन मुख्य भौगोलिक प्रभागों में वर्गीकृत किया गया है जो इस तरहल हैं- लूजोन, विसायस और मिंडानाओ.
फिलीपींस पश्चिम में दक्षिण चीन सागर, पूर्व में फिलीपीन सागर और दक्षिण में सेलेब्स सागर से घिरा है. इसकी समुद्री सीमाएं उत्तर में ताइवान, उत्तर-पूर्व में जापान, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में पलाऊ, दक्षिण में इंडोनेशिया, दक्षिण-पश्चिम में मलेशिया, पश्चिम में वियतनाम और उत्तर-पश्चिम में चीन से लगती हैं. यह विविध जातीयताओं और संस्कृतियों का देश है. साथ ही यह दुनिया का बारहवां सबसे अधिक आबादी वाला देश भी है. फिलीपींस की राजधानी मनीला है. इसका सबसे अधिक आबादी वाला शहर क्वेजोन सिटी है.
फिलीपींस एक उभरता हुआ बाजार और एक नया औद्योगीकृत देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था कृषि से हटकर सर्विस और मैन्यूफैक्चरिंग की ओर बदल रही है.
यह संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, आसियान, एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का संस्थापक सदस्य है. यह गुटनिरपेक्ष आंदोलन का सदस्य और संयुक्त राज्य अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी भी है.
एशियाई देश फिलीपींस डेंगू के प्रति संवेदनशील रहा है. इस साल की शुरुआत से ही फिलीपींस में डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं. इसे देखते हुए राजधानी मनीला के पास एक गांव में मच्छरों के बदले पैसे की मुहिम शुरू की गई है. इसका मकसद डेंगू के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है.
सीरिया में तबाही मचाने के बाद अमेरिका अपने खतरनाक ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट A-10 Thunderbolt को फिलीपींस में तैनात कर चुका है. इसे प्यार से वॉरथॉग्स भी बुलाते हैं. ये जेट्स दक्षिण कोरिया से बुलाए गए थे. अभी फिलीपींस में इनकी तैनाती चीन की बढ़ती हरकतों की वजह से है. आइए जानते हैं इस शानदार विमान की ताकत...
फिलीपींस में कानलाओन नाम का ज्वालामुखी अचानक फट पड़ा. जिसकी वजह से राख का गुबार आसमान में 3 किलोमीटर ऊपर तक गया. सरकार ने तत्काल 87 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू किया है. ताकि ज्वालामुखी की गर्म राख, लावा या पत्थर से किसी की जान न जाए.
साउथ चाइना सी में एक बार फिर फिलीपींस और चीन के बीच टकराव देखने को मिला..दोनों देशों ने साउथ चाइना सी में एक-दूसरे के कोस्ट गार्ड वेसल को जानबूझकर टक्कर मारने का आरोप लगाया है…
फिलीपींस और चीन ने साउथ चाइना सी में एक-दूसरे पर कोस्ट गार्ड वेसल को जानबूझकर टक्कर मारने का आरोप लगाया है. तारिएला ने कहा कि टक्कर से फिलीपींस के सबसे बड़े कोस्ट गार्ड के 97 मीटर (320 फुट) टेरेसा मैगबानुआ नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई भी कर्मी घायल नहीं हुआ. वहीं, चीन के कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता लियू देजुन ने एक बयान में कहा कि शोल में अवैध रूप से फंसे फिलीपींस ने गैरकानूनी तरह से साउथ चाइना सी में जहाज रोक रखा था.
फिलीपींस और चीन ने एक दूसरे पर दक्षिण चीन सागर में एक-दूसरे के जहाजों को टक्कर मारने का आरोप लगाया है. वहीं चीन के कोस्टगार्ड का कहना है कि उसने फिलीपींस के उन कर्मियों को बचाया है, जो चीन सागर में विवादित तट पर गिर गए थे. देखिए ये VIDEO
चीन से चल रहे तनाव की वजह से फिलीपींस ने फैसला किया है कि वो भारत से मिली BrahMos मिसाइल का मुंह चीन की तरफ करेगा. भारत से और मिसाइलें खरीदेगा. उसे भी चीन की तरफ घुमाएगा. क्योंकि चीन लगातार फिलिपींस की नौसेना, मछुआरों और कोस्ट गार्ड्स को समंदर में परेशान कर रहा है.
फिलीपींस में आज यानी 11 जुलाई 2024 को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. कोई नुकसान नहीं हुआ, इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया. लेकिन पिछले तीन दिनों में ऐसे दो गहरे भूकंप आ चुके हैं. भूकंपों की गहराई से लगता है कि धरती के नीचे कुछ खतरनाक हो रहा है. जिसका नतीजा जल्द देखने को मिलेगा.
China अपनी सीमा से सटे तीन सागरों में कई सारे युद्धपोत भेजे हैं. ये युद्धपोत लगातार मिलिट्री ड्रिल कर रहे हैं. खासतौर से फिलिपींस और ताइवान के आसपास दक्षिणी चीन सागर, पूर्वी चीन सागर और यलो/बोहाई सागर में. लेकिन इसे टक्कर देने के लिए भारत भी करने वाला है बड़ा युद्धाभ्यास.
China एकसाथ तीन देशों से पंगा ले रहा है. ताइवान की खाड़ी में घुसपैठ कर रहा है. फिलीपींस के नौसैनिकों पर हमला किया. इतना ही नहीं उसने अमेरिका के फाइटर जेट्स पर हमला करने की प्रैक्टिस भी शुरू कर दी है. यानी चीन एकसाथ थ्री फ्रंट वॉर की तैयारी में है. चीन की यही कायराना हरकत दुनिया में बड़े जंग की शुरूआत करेंगे.
चीन के नौसैनिकों ने फिलिपींस के मरीन कमांडो की उंगली काट दी. नाव में टक्कर मारी. फिलिपींस ने ब्रह्मोस, टोमाहॉक और SM-6 मिसाइलें तैनात कर दी हैं. किसी भी समय ये तनाव की स्थिति बड़े जंग में बदल सकती है. अमेरिका फिलिपींस की मदद करेगा. ऐसे में तीसरा विश्व युद्ध साउथ चाइना सी से शुरू हो सकता है.
चीन ने एक बार फिर गलवान जैसी घटना को अंजाम दिया है. हालांकि इस बार मामला भारत से जुड़ा नहीं है, इस बार उसने दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस की नौसेना को टारगेट किया है. हथौड़े और चाकुओं से लैस चीनी सैनिकों ने फिलीपींस के जवानों को घेरा और उनकी नौकाओं पर हमला कर दिया. देखें वीडियो.
चीन और फिलीपींस के बीच इसे लेकर टकराव बना हुआ है. इस बार चीनी तट रक्षक कर्मी आठ मोटरबोटों पर सवार होकर आए और दो फिलीपींस नौसेना की इन्फ़्लैटेबल नौकाओं को बार-बार टक्कर मारी, उनके जहाजों को छुरी, चाकू और हथौड़ों से क्षतिग्रस्त कर दिया.
China को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए फिलिपींस ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदीं. अब वह इन मिसाइलों को रखने और दागने के लिए पहला बेस बना रहा है. ये बेस ऐसी जगह है, जहां से साउथ चाइना सी में चीन के युद्धपोतों, विमानों, ड्रोन्स, पनडुब्बियों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है.
चीन की हरकतों पर लगाम लगाने और निगरानी के लिए अमेरिका ने फिलिपींस में अपना सबसे खतरनाक MQ-9A Reaper ड्रोन तैनात कर दिया है. इसके जरिए साउथ चाइना सी में चीन की सेना पर नजर रखी जा सकती है. ताकि वह किसी भी तरह से अमेरिका के मित्र देशों को परेशान न कर सके.
फिलीपींस में अब तक नहीं मिल सकी तलाक को कानूनी मंजूरी, क्या है इसका धर्म से संबंध, नाखुश कपल्स के लिए क्या रास्ते?
वेटिकन सिटी के बाद फिलीपींस दुनिया का अकेला देश है, जहां तलाक को कानूनी मान्यता नहीं. हालांकि वहां सेपरेशन की व्यवस्था है, लेकिन खराब से खराब रिश्ते में भी डिवोर्स मुमकिन नहीं. अब वहां की संसद देश में तलाक को वैध बनाने के बिल लेकर आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे लागू करना उतना आसान नहीं होगा.
वेटिकन सिटी के बाद फिलीपींस दुनिया का अकेला देश है, जहां तलाक को कानूनी मान्यता नहीं. दोनों ही देशों में कैथोलिक ईसाइयों को तलाक की इजाजत नहीं. हालात ये हैं कि तलाक के लिए भी लोग धर्म परिवर्तन करने की बात करने लगे.
फिलिपींस इन दिनों चरम गर्मी से जूझ रहा है. नदियां सूख रही हैं. गर्मी के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. देखें वीडियो.
फिलिपींस में इतनी भयानक गर्मी पड़ रही है कि वहां के एक बड़ा बांध सूख गया. सदियों पुराना डूबा हुआ कस्बा बाहर निकल आया. अब इस प्राचीन कस्बे को देखने के लिए पर्यटक आ रहे हैं. चावल उगाने वाले किसान इन्हें घुमाने के नाम पर पैसे कमा रहे हैं. क्योंकि चावल की फसल खराब हो चुकी है.
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान से जब भारत की ओर से फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल सौंपे जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चीन का हमेशा विश्वास रहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग से किसी तीसरे पक्ष को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. साथ ही इससे किसी तीसरे देश की क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बाधित नहीं होनी चाहिए.