प्रताप सिंह खाचरियावास, राजनेता
प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) राजस्थान के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं. वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य और राजस्थान सरकार में खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभागों के कैबिनेट मंत्री हैं (Khachariyawas ministry). वह राजस्थान विधानसभा में सिविल लाइंस, जयपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं (Khachariyawas constituency). प्रताप सिंह 2015 से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और जयपुर कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर हैं.
प्रताप सिंह खाचरियावास का जन्म 16 मई 1969 को जोधपुर में हुआ था (Khachariyawas age). वह लक्ष्मण सिंह शेखावत और हिम्मत कंवर के पुत्र हैं (Khachariyawas parents). प्रताप सिंह खाचरियावास पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के भतीजे हैं (Khachariyawas uncle). उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा आदर्श विद्या मंदिर, किशनगढ़ रेनेवाल, टैगोर विद्या भवन, जयपुर से की और बाद में 9वीं से 11वीं तक की पढ़ाई माहेश्वरी हायर सेकेंडरी स्कूल, जयपुर से की. इसके अलावा उन्होंने राजस्थान कॉलेज से राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री ली और राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर से एलएलबी की (Khachariyawas education) खाचरियावास ने नीरज कंवर से शादी की (Khachariyawas wife), उनके दो बेटे आदित्य वर्धन और कृष्ण वर्धन हैं (Khachariyawas son).
खाचरियावास ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राजस्थान विश्वविद्यालय के एक स्वतंत्र अध्यक्ष के रूप में की थी. वह 2008 से 2013 तक सिविल लाइंस, जयपुर से विधान सभा के सदस्य थे. वह राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य प्रवक्ता और जयपुर के अध्यक्ष हैं (Khachariyawas political career).
राजस्थान के जयपुर से कांग्रेस ने प्रताप सिंह खाचरियावास को उम्मीदवार बनाया है. उन्होंने आजतक को बताया कि चुनाव जीत कर पहला काम वो क्या करेंगे? प्रताप सिंह खाचरियावास ने यू.डी. टैक्स यानी अर्बन डेवलपमेंट टैक्स खत्म करने को प्राथमिकता बताया. इसके अलावा उन्होंने जयपुर में युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने की भी इच्छा जताई है.
आजतक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जयपुर से कांग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बीजेपी पर नारों के जरिए मुद्दों से ध्यान हटाने और राजस्थान में चार महीने में कोई काम न कर पाने का आरोप लगाया. खाचरियावास वे कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ पूरे देश मे माहौल है. देखें ये वीडियो.
राजस्थान में जल्दी ही विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसे लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है. कांग्रेस और बीजेपी अपनी पूरी जोर लगा रही है. पिछले कुछ दशकों राजस्थान में किसी पार्टी ने लगातार सरकार नहीं बना सकी है. क्या इस बार कांग्रस इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी? राजस्थान सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास
शुक्रवार को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल जयपुर के कांग्रेस के वार रूम में चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक लेने आए थे, लेकिन इस दौरान सीएम अशोक गहलोत ने कई नेताओं की जमकर क्लास ली. सीएम ने जिन नेताओं की क्लास लगाई है, उनमें पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, प्रताप सिंह खाचारियावास, रघु शर्मा, सुखराम विश्नोई और निरज डांगी शामिल हैं.
राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार में प्रताप सिंह खाचरियावास कैबिनेट मंत्री हैं. उन्होंने रविवार को एक कार्यक्रम में अपने ही मुख्यमंत्री को लेकर विवादित बयान दिया. खाचरियावास ने कहा- मैं पूरी कैबिनेट का दिल निकालकर आपको (गहलोत) दे दूंगा. फिर भी आप कहेंगे, मजा नहीं आ रहा. खाचरियावास 2018 के विधानसभा चुनाव में जयपुर की सिविल लाइंस सीट से जीते थे.
राजस्थान सरकार ने मेवाड़ और उदयपुर जिले में अगले 2 महीने तक सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक ध्वज और प्रतीक चिह्न लगाने पर रोक लगाई गई है. इस मामले पर अब राजनीति तेज हो गई है. बीजेपी इस फैसले को लेकर गहलोत सरकार पर हमलावर है.
अडानी मामले पर संसद में विपक्ष लामबंद. दिल्ली में सारे विपक्षी नेता गांधी प्रतिमा पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. इन लोगों में लगभग 16 दलों के नेता शामिल हैं. तो वहीं राजस्थान में भी कांग्रेस ने अडानी के खिलाफ प्रदर्शन किया. देखें.
राजस्थान के भीलवाड़ा के एक कस्बे में सौदागर बस्ती की लड़कियों को स्टांप पेपर के जरिए खरीदने का मामला सामने आया है. कहा जा रहा है कि लड़कियों को खरीदकर फिर उनकी बोली लगाई जाती है. इस मामले में महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है
राजस्थान कांग्रेस का सियासी घमासान जारी है. अशोक गहलोत के तेवर नरम पड़े हैं तो वहीं उनके समर्थक विधायकों के सुर भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं. आलाकमान को चैलेंज करते नजर आए समर्थक विधायकों के तेवर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर नरम पड़े हैं तो वहीं ये विधायक सचिन पायलट के नाम पर अब भी तल्ख तेवर दिखा रहे हैं.