प्रतिभा सिंह (Pratibha Singh) हिमाचल प्रदेश की एक राजनीतिज्ञ हैं. वह हिमाचल प्रदेश की मनोनीत मुख्यमंत्री हैं (Pratibha Singh Himachal Pradesh CM Candidate). वह हिमाचल प्रदेश के मंडी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य हैं. प्रतिभा सिंह ने महेश्वर सिंह को 2004 के भारतीय आम चुनावों में एक सीट से हराया था. 2013 उपचुनावों में, वह फिर से उसी सीट से चुनी गईं थीं (Pratibha Singh Political Career).
प्रतिभा सिंह का जन्म 16 जून 1956 को हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla, HP) में हुआ था (Pratibha Singh Age). उन्होंने 1985 में वीरभद्र सिंह से शादी की (Pratibha Singh Husband). वह उनकी दूसरी पत्नी हैं. वीरभद्र सिंह की पहली शादी से उनकी बेटी अभिलाषा कुमारी हैं, जिन्होंने गुजरात में न्यायाधीश के रूप में काम किया है.
वह वीरभद्र सिंह का निधन हो चुका है. वह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं (Virbhadra Singh, Fomer CM).
वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के बेटे, विक्रमादित्य सिंह, शिमला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्य करते हैं (Pratibha Singh Son).
विक्रमादित्य सिंह ने राज्यसभा चुनावों के दौरान हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार खतरे में डाल दी थी. सरकार भी बच गई, और बागी विधायकों का तो खेल भी खत्म हो गया. अब मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार कर कांग्रेस नेतृत्व ने विक्रमादित्य को अपनी रणनीति में फंसा लिया है.
कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से विक्रमादित्य सिंह को लोकसभा उम्मीदवार बनाया है. प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने इस सीट से अपने बेटे के नाम का पहले ही ऐलान कर दिया था. मंडी से बीजेपी ने कंगना रनौत को उम्मीदवार बनाया है. आइए जानते हैं कि मंडी से आखिर कांग्रेस विक्रमादित्य सिंह पर ही क्यों दांव लगा रही है?
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस की तरफ से विक्रमादित्य सिंह बीजेपी की कंगना रनौत के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और मंडी से मौजूदा सांसद प्रतिभा सिंह ने इसका ऐलान किया. मंडी से बेटे विक्रमादित्य के चुनाव लड़ने को लेकर प्रतिभा सिंह ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को सशक्त कैंडिडेट माना गया है.
कांग्रेस नेता और हिमाचल प्रदेश की सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मंडी सीट से कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना है. कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सोमवार को मंडी से लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. प्रतिभा ने अपने बेटे के मंडी से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर कहा, विक्रमादित्य एक युवा चेहरा और युवा नेता हैं और उनका युवाओं के साथ अच्छा जुड़ाव है.
यह पूछे जाने पर कि क्या वह मंडी से चुनाव लड़ेंगी? प्रतिभा सिंह ने कहा था, बिल्कुल नहीं.... मैंने यह बात आलाकमान को बता दी है. अब यह इस पर निर्भर करता है कि आलाकमान क्या फैसला लेता है. बीजेपी ने मंडी संसदीय सीट से कंगना रनौत को अपना उम्मीदवार बनाया है.
हिमाचल प्रदेश के मंडी से कांग्रेस की सांसद प्रतिभा सिंह ने मंडी सीट से चुनाव लड़ने से क्या इनकार कर दिया है? प्रतिभा सिंह ने यहां से बीजेपी की उम्मीदवार बनाई गई अभिनेत्री कंगना रनौत पर सुप्रिया श्रीनेत के आपत्तिजनक पोस्ट पर कमेंट करने से भी साफ इनकार कर दिया है. देखें अपनी उम्मीदवारी और कंगना पर उन्होंने क्या कुछ कहा.
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह मंडी से चुनाव नहीं लडेंगी. उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह मंडी से चुनाव लड़ सकें. संगठन में नाराजगी है और पार्टी के कार्यकर्ता सक्रिय नही हैं. ऐसे में वह चुनाव नहीं लड़ेंगी.
हिमाचल विधानसभा के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान की सिफारिश का संज्ञान लेते हुए सभी बागी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था. बागी विधायकों ने स्पीकर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में अपना घर दुरुस्त करने की कोशिशें तेज कर दी हैं और बागी नेताओं के साथ बातचीत की कोशिशें तेज कर दी हैं. पिछले हफ्ते ही कांग्रेस के छह विधायक बागी हो गए थे और राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग कर सरकार पर संकट बढ़ा दिया था.
कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से नाराज मंत्री विक्रमादित्य सिंह को स्पष्ट कह दिया गया है कि लोकसभा चुनाव तक सीएम को लेकर कोई बदलाव नहीं होने वाला है. वहीं बागी विधायकों को मनाने के लिए कांग्रेस की तरफ से कोई प्रयास होते नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच हिमाचल संकट के निपटने के लिए भेजे गए पर्यवेक्षकों द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपी गई रिपोर्ट सामने आई है.
विक्रमादित्य सिंह ने अगले प्लान के बारे में अब तक कोई हिंट नहीं दिया है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया है, क्योंकि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे अनसुलझे हैं. वह पिछले तीन दिनों से नई दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और उनके कांग्रेस आलाकमान से मिलने की भी उम्मीद है.
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भाजपा की वर्किंग हमसे बेहतर है और चुनाव में हम बीजेपी के मुकाबले फील्ड में कमजोर पड़ रहे हैं.
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के अंदर एक और बगावत हो सकती है. विधायकों का बड़ा हिस्सा सीएम सुक्खू से नाराज चल रहा है और अंदरखाने निराशा गहरा रही है. ऐसे में हाईकमान के सामने सरकार बचाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस के भीतर असंतोष खत्म के प्रयासों में पूरी तरह सफलता नहीं मिली है.
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की खटास दूर हो गई या सुक्खू सरकार पर संकट अभी भी बरकरार है? विक्रमादित्य सिंह ने अपने इस्तीफे को लेकर सस्पेंस के बीच कांग्रेस के बागियों से मुलाकात की है. अब विक्रमादित्य दिल्ली आ रहे हैं जिसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या हिमाचल में गेम पलटने वाला है?
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उठापटक चल रही है. इसी बीच कांग्रेस की बड़ी नेता और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बड़े राज खोले हैं. प्रतिभा सिंह ने साफ किया है कि कांग्रेस आलाकमान उनकी बात नहीं सुनती है. पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों का ध्यान नहीं रख रही है. पूरी खबर जानने के लिए देेखें वीडियो.
हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने राज्य में पार्टी के अंदर उपजे ताजा हालात, इसकी पीछे की वजहों, अपने बेटे विक्रमादित्य के सुक्खू कैबिनेट से इस्तीफे और भाजपा के साथ जाने की संभावनाओं को लेकर आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत की...
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की मुश्किलें अभी दूर नहीं हुई हैं. नाराज नेताओं के बाद अब कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सुक्खू सरकार पर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है. एंकर सुधीर चौधरी ने इस मुद्दे पर उनसे खास बात की. कांग्रेस में चल रही पूरी उठापटक के लेकर उन्होंने क्या कहा? देखें
हिमाचल में सुक्खू सरकार संकट में है. वीरभद्र सिंह की पत्नी और हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से लेकर विक्रमादित्य सिंह तक अब खुलकर सुक्खू सरकार के विरोध में उतर आए हैं. पूरी तस्वीर समझने के लिए उन हालात की चर्चा भी जरूरी है जब सुक्खू सीएम बनाए गए थे.
हिमाचल प्रदेश में बीजेपी लड़ाई में बहुत आगे बढ़ चुकी है. कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने से कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं होगा. सरकार गिर जाती है तो सबसे बड़ी भूमिका विक्रमादित्य सिंह की होगी. सवाल है कि बदले में विक्रमादित्य को एकनाथ शिंदे जैसा तत्काल इनाम मिलेगा या ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह लंबा इंतजार करना पड़ेगा?
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उठापटक चल रही है और इसी बीच कांग्रेस के बड़ी नेता और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बड़े राज खोले हैं. प्रतिभा सिंह ने साफ किया है कि कांग्रेस आलाकमान उनकी बात नहीं सुनती है और कार्यकर्ताओं और विधायकों का ध्यान नहीं रख रही है.
हिमाचल प्रदेश में बगावत की बीमारी काफी लंबे अरसे से थी, लेकिन राज्यसभा चुनाव से हालात मल्टिपल ऑर्गन फेल्योर तक पहुंच गए. स्पीकर ने भाजपा के 15 विधायकों को निलंबित और 6 कांग्रेस विधायकों को अयोग्य घोषित करके कांग्रेस सरकार के लिए कुछ सांसें जुटा ली हैं, लेकिन इतना ही काफी नहीं है.