प्रयागराज
प्रयागराज (इलाहाबाद) (Prayagraj (Allahabad) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक महत्वपूर्ण शहर और जिला है. यह यूपी का सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला है और प्रदेश की न्यायिक राजधानी भी है. यूपी के पूर्वी भाग में स्थित प्रयागराज हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थस्थान है. यह पवित्र नदी गंगा और यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam of Ganges, Yamuna and Sarasvati rivers) पर स्थित है. यहां हर बारह साल में कुंभ मेला (Kumbh Mela) लगता है, जिसमें विश्व के तमाम अलग-अलग हिस्सों से करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं. इस संगम को पतितपावनी कहा गया है. प्रयागराज को संगमनगरी, कुंभनगरी, तंबूनगरी जैसे नामों से भी जाना जाता है.
प्रयागराज जिले में दो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha constituency), प्रयागराज (इलाहाबाद) और फूलपुर हैं. इन दो लोकसभा सीटों में 12 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly constituency) शामिल हैं. इलाहाबाद लोकसभा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, विश्वनाथ प्रताप सिंह, अमिताभ बच्चन और डॉ मुरली मनोहर जोशी जैसी शख्सियतें संसद पहुंच चुकी है (Lal Bahadur Shastri, Vishwanath Pratap Singh, Amitabh Bachchan and Dr Murali Manohar Joshi).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक प्रयागराज की जनसंख्या (Population) लगभग 60 लाख है. इस जिले में प्रति वर्ग किलोमीटर (Density) 1,086 लोग रहते हैं और यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 901 है. प्रयागराज की 72.32 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 82.55 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 60.97 फीसदी है (Prayagraj literacy).
15वीं शताब्दी में मुस्लिम राजाओं ने इस शहर का नाम प्रयागराज से बदलकर इलाहाबाद किया था जिसे अक्टूबर 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वापस बदलकर प्रयागराज कर दिया. हिन्दू मान्यता अनुसार, यहां सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने सृष्टि कार्य पूर्ण होने के बाद प्रथम यज्ञ किया था. इसी प्रथम यज्ञ के 'प्र' और 'याग' यानि यज्ञ से मिलकर प्रयाग बना और इस स्थान का नाम प्रयाग पड़ा. (God Brahma performed Yāga, Yajna) इस पावन नगरी के अधिष्ठाता भगवान श्री विष्णु स्वयं हैं और वे यहाँ वेणीमाधव रूप में विराजमान हैं. भगवान के यहाँ बारह स्वरूप विद्यमान हैं जिन्हें 'द्वादश माधव' कहा जाता है। सबसे बड़े हिन्दू सम्मेलन महाकुंभ की चार स्थलियों में से एक है, बाकी तीन हरिद्वार, उज्जैन और नासिक हैं.
प्रयागराज (इलाहाबाद) में कई महत्त्वपूर्ण सरकारी और न्यायिक कार्यालय स्थित हैं, जैसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court), एजी ऑफिस, उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (UPPSC यू.पी.पी.एस.सी), राज्य पुलिस मुख्यालय (State Police Headquarter ), उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय (East Central Railway Headquarter), केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय. भारत सरकार द्वारा प्रयागराज को जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना के लिये मिशन शहर के रूप में चुना गया है.
माघ मेला 2026 की शुरुआत हो चुकी है और त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. लेकिन जनवरी की कड़क ठंड और रेतीली जमीन पर लंबे समय तक रहना आसान नहीं. अपनी इस आस्था की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बैग पैक करते समय ये 5 चीजें साथ रखना न भूलें.
प्रयागराज के माघ मेले में आस्था के बीच सोशल मीडिया का रंग भी छाया हुआ है. माला बेचने वाली माही निषाद इन दिनों अपनी सादगी और मुस्कान की वजह से वायरल हो गई हैं. लोग उन्हें घेरकर सेल्फी ले रहे हैं, जिससे वह चर्चा में तो आ गई हैं, लेकिन उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है.
प्रयागराज के माघ मेले में साधु-संतों की साधना के साथ उनका लग्जरी स्टाइल भी चर्चा में है. पीठ काशी के पीठाधीश्वर जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा अपने वेश, ब्रांडेड चश्मे और तीन करोड़ से ज्यादा कीमत की लग्जरी कार को लेकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. बाबा के शिविर के बाहर खड़ी महंगी गाड़ी के साथ लोग सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं.
यूपी के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में इस बार साधु संतों की साधना के साथ उनका स्टाइल भी चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा अपने ब्रांडेड चश्मे और तीन करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लग्जरी लैंड रोवर डिफेंडर कार को लेकर सुर्खियों में हैं.
माघ मेला 2026 में संगम क्षेत्र तक पहुंच और आवाजाही को लेकर बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए कई स्तरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. श्रद्धालु इन सुविधाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं? इससे जुड़ी पूरी जानकारी यहां जानिए...
प्रयागराज का माघ मेला सिर्फ भक्ति का केंद्र नहीं, बल्कि फोटोग्राफी का भी शानदार मौका है. यहां कई ऐसी जगहें हैं, जो मेले की असली खूबसूरती कैमरे में उतारने के लिए परफेक्ट हैं. यादगार और इंस्टाग्राम-योग्य तस्वीरें लेना हो, तो ये लोकेशंस मिस न करें.
संगम की पावन रेती पर लगे माघ मेले में उस वक्त खास नजारा देखने को मिला, जब इटली से आई लुक्रेजिया अपने पिता के साथ साधु-संतों के सानिध्य में पहुंचीं. सनातन धर्म को समझने आई विदेशी युवती ने बाबा को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और 'जय श्रीराम' का जयकारा लगाकर अध्यात्म के प्रति अपना भाव प्रकट किया.
माघ मेला 2026 के दौरान प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए ठहरने को लेकर तस्वीर पहले से काफी बदल चुकी है. संगम के आसपास अब ऐसे किफायती और भरोसेमंद विकल्प मौजूद हैं, जो बजट में भी फिट बैठते हैं और आराम का भरोसा भी देते हैं.
संगम की रेती पर प्रयागराज के माघ मेले में जहां अधिकतर पंडाल अस्थायी होते हैं, वहीं झूसी पुल के नीचे स्थित बाबा रामदास का पंडाल आस्था का स्थायी प्रतीक बन चुका है. देवरहा बाबा के शिष्य महंत रामदास के द्वारा संचालित यह पंडाल साल भर खड़ा रहता है. इसकी पहचान है चार मंजिला ऊंची अखंड ज्योति, जो पिछले 20 वर्षों से प्रज्ज्वलित है. बाढ़ और मौसम की चुनौतियों के बीच भी अडिग यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है.
प्रयागराज का माघ मेला तप, त्याग और परंपराओं का जीवंत उत्सव है. यहां साधु संतों की साधना, कल्पवासियों की दिनचर्या और असंख्य पंडाल मिलकर एक अनोखा संसार रचते हैं. इसी संसार में एक पंडाल ऐसा भी है, जो भीड़ भाड़ और अस्थायी ढांचों के बीच स्थायित्व, साधना और आस्था की मिसाल बनकर खड़ा है. यह पंडाल झूसी पुल के नीचे है.
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश के लिए ड्राफ्ट रिवाइज्ड लिस्ट जारी करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. जिनमें 46 लाख ऐसे वोटर शामिल हैं जिनकी मौत हो चुकी है. जिन जिलों में सबसे ज्यादा वोट कटे हैं, उनमें लखनऊ टॉप पर है.
माघ मेला 2026 के साथ एक बार फिर प्रयागराज आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है. इस शहर में ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं, जहां हर दीवार, हर रास्ता और हर पार्क इतिहास की कोई न कोई कहानी सुनाता है. अगर आप माघ मेले में घूमने का मन बना रहे हैं, तो इन जगहों की सैर जरूर करें, क्योंकि इन्हें देखे बिना आपकी प्रयागराज यात्रा अधूरी रह जाएगी.
उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक शहर जैसे अयोध्या, काशी और प्रयागराज अब केवल तीर्थस्थल ही नहीं रह गए हैं, बल्कि ये रियल एस्टेट निवेश के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं, इन शहरों में छोटे से लेकर बड़े मकानों तक की मांग बढ़ रही है.
प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक बेटे ने संपत्ति विवाद में अपने ही पिता, बहन और 14 साल की भांजी को अगवा कर हत्या कर दी. तीनों के शव कुएं से बरामद किए गए हैं. पुलिस ने आरोपी मुकेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
प्रयागराज के घनी आबादी वाले कीडगंज इलाके में एक महिला आईएएस अधिकारी के 15 हजार रुपये किराए के मकान से कथित सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ. रात में लड़के-लड़कियों की बढ़ती आवाजाही से शक होने पर मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी. छापेमारी में चार लड़कियां, चार लड़के और सरगना सर्वेश दुबे पकड़ा गया. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.
प्रयागराज में माघ मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही संगम नगरी की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई है. ऐसे में सवाल है कि किस रास्ते से पहुंचना ज्यादा आसान रहेगा और सफर के दौरान किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
Indian Railways: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का 02 मिनट का अस्थाई ठहराव देने का निर्णय लिया है. आइए देखते हैं ट्रेनों का टाइम शेड्यूल और लिस्ट.
प्रयागराज जिले के कीडगंज इलाके में एक महिला IAS अधिकारी के किराए के मकान में चल रहे देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी कर सरगना समेत नौ लोगों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। आरोपी ने परिवार के नाम पर मकान किराए पर लिया था।
पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर इलाहाबाद में स्नान का अनुभव अत्यंत सुंदर और प्रशासकीय व्यवस्था उत्कृष्ट थी. मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए.
अमन मारवा, जो जम्मू एंड कश्मीर से शनिवार को स्नान करने के लिए यहाँ आए थे. उन्होंने बताया कि उस दिन वहां बहुत बड़ी भीड़ थी और पुलिस ने हर जगह सुरक्षा के अच्छे इंतजाम किए थे.
माघ मेले के लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं जहां लगभग पच्चीस से तीस लाख श्रद्धालु स्नान करने आएंगे. सभी घाट पूरी तरह तैयार हो गए हैं और सनेज भी स्थापित हो चुका है. सभी डाइवर्जन पुलिस द्वारा बारह बजे लागू किए जाएंगे ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.