प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले एक राजनेता हैं (Congress Leader). वह वर्तमान में दूसरी बार कर्नाटक के कालाबुरगी जिले में चित्तपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं (Priyank Kharge MLA Chittapur). 2016 में, वह तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल में आईटी, बीटी और पर्यटन मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सबसे कम उम्र के मंत्री बनें. उन्होंने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में समाज कल्याण के कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया है (Priyank Kharge Ministries).
22 नवंबर 1978 को जन्में प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge Born) राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं (Mallikarjun Kharge). उन्होंने श्रुति खड़गे से शादी की है. प्रियांक खड़गे एक अम्बेडकरवादी और बौद्ध हैं.
खड़गे ने 1998 में भारत के राष्ट्रीय छात्र संघ के एक कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में प्रवेश किया. 1999 - एनएसयूआई कॉलेज के महासचिव थें. 2005 में उन्हे कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस का सचिव बनाया गया फिर 2007 में महासचिव बने. 2011 उन्हें कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष चुना गया. उन्होंने 2009 के कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव में चित्तपुर से चुनाव लड़कर चुनावी राजनीति में प्रवेश किया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के वाल्मीकि नायक से हार गए (Priyank Kharge Political Career).
कर्नाटक पुलिस ने मंत्री प्रियांक खड़गे के करीबी राजू कपनूर समेत 6 अन्य लोगों के खिलाफ ठेकेदार सुसाइड मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. ठेकेदार सचिन पांचाल ने अपने सुसाइड नोट में दावा किया था कि कांग्रेस नेताओं ने सिद्धलिंग स्वामी, भाजपा नेता मणिकांत राठौड़ और चंदू पाटिल की हत्या की साजिश रची थी.
प्रियांक खड़गे ने AI के कारण नौकरियां खत्म होने की आशंका को खारिज किया और कर्नाटक को उभरती तकनीकों के लिए तैयार करने का भरोसा दिया. उन्होंने राज्य-केंद्र के बीच बेहतर सहयोग की बात कही.
कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने योगी आदित्यनाथ के बयान पर तीखे शब्दों में जवाब देते हुए कहा, "1948 में उनके पिता के घर को हैदराबाद निजाम के रजाकारों ने जलाया था, न कि पूरे मुस्लिम समुदाय ने."
इंडिया टुडे माइंडरॉक्स यूथ समिट 2024 में कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने रोजगार, बिजनेस और नीतियों पर चर्चा की. उन्होंने "Skill Locally, Work Globally" का मंत्र दिया और कर्नाटक विकास के पथ पर प्रदर्शन पर बात की, जिसमें 45 यूनिकॉर्न, 15000 से ज्यादा स्टार्टअप्स और बी2बी फंडिंग शामिल हैं.
हाथों में तख्तियां, बैनर, पोस्टर लिए हुए और राज्यपाल थावरचंद गहलोत के खिलाफ नारे लगाते हुए, शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने मार्च निकाला. इस मार्च में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के कई मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने हिस्सा लिया.
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवडी टी नारायणस्वामी ने भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह खड़गे द्वारा साथी अनुसूचित जाति के उद्यमियों के प्रति आपराधिक विश्वासघात का मामला है. हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भूमि आवंटन का बचाव किया और कहा कि यह कानून के अनुसार किया गया है.
कर्नाटक में भूमि आवंटन को लेकर एक नया विवाद छिड़ गया है. बीजेपी ने मार्च 2024 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार द्वारा संचालित ट्रस्ट को कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड की साइट दिए जाने पर सवाल उठाए हैं. यह पूरा विवाद 5 एकड़ जमीन को लेकर है. ये जमीन एयरोस्पेस पार्क में नागरिक सुविधाएं (civic amenities) स्थापित करने के लिए है, जिसे अनुसूचित जाति कोटे के तहत आवंटित किया जाता है. वहीं, खड़गे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरोपों से इनकार किया है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को गठबंधन के पीएम उम्मीदवार के तौर पर खड़गे के नाम का प्रस्ताव रखा था. लेकिन अभी इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है.
प्रियांक खड़गे ने कहा कि सावरकर योगदान क्या है? मैंने कांग्रेस कार्यालय में डेढ़ घंटे तक प्रेस वार्ता में सावरकर के बारे में बात की है. भाजपा बताए कि सावरकर को वीर की उपाधि कैसे मिली? सावरकर को वीर की उपाधि किसने दी?
कर्नाटक के पूर्व विधायक और मंत्री गूलिहट्टी शेखर (Goolihatti Shekhar) के बयान पर हंगामा मचा है. इस बीच उनकी सफाई आई है. RSS ने भी बयान जारी किया है.
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने कहा है कि अगर पार्टी आलाकमान उनसे कहेगा तो वह राज्य में मुख्यमंत्री पद लेने के लिए तैयार रहेंगे. सोमवार को, खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि "हताश भाजपा नेताओं" के एक वर्ग ने राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 1,000 करोड़ रुपये की मांग की होगी.
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ऐलान किया है कि अल्पसंख्यक समुदाय के ऐसे लोगों को ऑटो रिक्शा और टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी और लोन की सुविधा दी जाएगी जिनकी सालाना आय 4.5 लाख रुपये से कम है. इस योजना का नाम स्वावलंबी सारथी स्कीम है. अल्पसंख्यक मंत्रालय ने इसका नॉटिफिकेशन जारी किया है.
कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ आरएसएस-बीजेपी पर जमकर निशाना साधा...उन्होंने कहा कि पहले चीन को खदेड़िए...फिर अखंड भारत की बात करना...
तमिलनाडु सीएम स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने हाल ही में सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी की थी...इस मामले पर कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खड़गे ने अपनी बात रखी....
तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके के मंत्री और मुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया औऱ कोरोना से तुलना करते हुए खत्म करने की बात कही. पिछले 48 घंटे में एक बार सफाई देने के बाद उदयनिधि अपनी बात पर अडिग हैं. कांग्रेस का रुख साफ नहीं है. जबकि बीजेपी हमलावर है. देखिए 10 तक.
हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन पर बयान दिया था. इसके बाद से ही देश भर में बवाल मचा हुआ है. अब उनके खिलाफ यूपी के रामपुर में FIR भी दर्ज करवाया गया है. देखें एक और एक ग्यारह.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म पर विवादित बयान देकर फंस गए हैं. उदयनिधि के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है. बता दें कि उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से की थी. उनके इस बयान के बाद बवाल मचा हुआ है.
ऐसे समय में जब विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर बीजेपी और एनडीए को चुनावी मात देने के तरीके तलाश रही हैं, सनातन धर्म को लेकर उदयनिधि स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे के बयान पर हंगामा मच गया है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने कहा कि सनातन धर्म डेंगू और मलेरिया की तरह है और इसे पूरी तरह से मिटा देना चाहिए. इसके बाद प्रियांक खड़गे ने भी सनातन पर बयान देते हुए कहा कि जो घर्म समानता ना दे वो धर्म नहीं. देखें
उदयनिधि स्टालिन का सनातन धर्म के बयान पर बवाल अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक भी चर्चा के केंद्र में आ गए. वे उदयनिधि के बयान का समर्थन देते नजर आए. इस पर बीजेपी ने अपना हमला तेज कर दिया है और कांग्रेस को घेरा है. देखिए खबरदार.
उदयनिधि के सनातन धर्म पर दिए गए बयान पर मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि कोई भी धर्म जो समानता को बढ़ावा नहीं देता, वह धर्म बीमारी जैसा है.