पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)
पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने डिजाइन और संचालित किया है जो एक मध्यम-लिफ्ट लॉन्च वाहन है. इसे भारत को अपने Indian Remote Sensing (IRS) उपग्रहों को sun-synchronous orbits में लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया था. यह 1993 पहले यह केवल रूस के पास उपलब्ध थी. PSLV छोटे आकार के उपग्रहों को जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में भी लॉन्च कर सकता है.
पीएसएलवी द्वारा लॉन्च किए गए कुछ पेलोड में भारत की पहली चंद्र जांच चंद्रयान-1 (lunar probe Chandrayaan-1), भारत का पहला इंटरप्लेनेटरी मिशन, मार्स ऑर्बिटर मिशन (Mangalyaan) और भारत का पहला अंतरिक्ष वेधशाला, एस्ट्रोसैट शामिल हैं (India's first interplanetary mission).
फरवरी 2021 तक, PSLV ने 36 देशों के 342 विदेशी उपग्रहों को लॉन्च किया है. इनमें 15 फरवरी 2017 को पीएसएलवी-सी37 का एक प्रक्षेपण भी था जो सफलतापूर्वक sun-synchronous orbits में 104 उपग्रहों को तैनात किया था. 24 जनवरी 2021 तक, जब स्पेसएक्स ने 143 उपग्रहों को कक्षा में ले जाने वाले फाल्कन 9 रॉकेट पर ट्रांसपोर्टर-1 मिशन लॉन्च किया जो रूस के पिछले रिकॉर्ड का तीन गुणा था (tripling the previous record of Russia).
ISRO 30 दिसंबर 2024 की रात 9 बजकर 58 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के पहले लॉन्च पैड से SpaDeX मिशन की लॉन्चिंग करेगा. लॉन्चिंग PSLV-C60 रॉकेट से होगी. इस मिशन से इसरो की इज्जत और देश का मान दोनों जुड़ा है. इस मिशन में एक साथ 24 सैटेलाइट्स जा रहे हैं. जानिए क्यों खास है ये मिशन ...
ISRO बड़े मिशन की तैयारी कर चुका है. लॉन्च पैड पर रॉकेट पहुंच चुका है. उसकी ऊपरी नाक में SpaDeX सैटेलाइट लगा दिए गए हैं. इस बार रॉकेट की नाक नुकीली नहीं थोड़ी चपटी है. लॉन्चिंग संभवतः 30 दिसंबर या उससे पहले हो सकती है. इसरो ने फिलहाल तारीख नहीं बताई है. आप यहां देखिए इसरो की बेहतरीन तस्वीरें...
ISRO 4 दिसंबर 2024 की शाम 4 बजकर 8 मिनट पर यूरोपियन स्पेस एजेंसी का Proba-3 मिशन लॉन्च करने जा रहा है. PSLV-XL रॉकेट इस सैटेलाइट को अपने माथे पर रखकर लॉन्चपैड एक पर तैयार खड़ा है. जानिए इस मिशन के बारे में सबकुछ. एक Video से समझिए पूरी कहानी और कहां देख सकते हैं लाइव...
ISRO 4 दिसंबर 2024 की शाम 04:08 बजे यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) की सैटेलाइट Proba-03 को लॉन्च करेगा. लॉन्चिंग PSLV-XL रॉकेट से की जाएगी. इस मिशन के दो मुख्य उद्देश्य हैं. पहला सूरज के कोरोना की स्टडी करना. दूसरा एकसाथ मल्टी-सैटेलाइट मिशन से संबंधित तकनीक की काबिलियत को दिखाना.
ISRO के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट में अभी दो लॉन्च पैड हैं. लेकिन वह तीसरे लॉन्च पैड को बनाने की तैयारी कर चुका है. इस लॉन्च पैड से वो रॉकेट छोड़े जाएंगे जो दूसरे ग्रहों और ह्यूमन स्पेसफ्लाइट की लिए जरूरी होंगे. जैसे- NGLV रॉकेट. इससे कई तरह के मिशन होंगे. ये रॉकेट लॉन्च पैड पर ही लिटाकर असेंबल किया जाएगा.
साल 2017 में एकसाथ 104 सैटेलाइट लॉन्च करने वाला इसरो का रॉकेट सात साल बाद अब धरती पर वापस लौटा है. सैटेलाइट 6 अक्टूबर 2024 को अटलांटिक महासागर में गिरा. अंतरिक्ष का कचरा फैलने नहीं पाया. 2017 में इस रॉकेट की लॉन्चिंग के साथ ही ISRO का नाम पूरी दुनिया में और ऊंचा हो गया था.
ISRO अपने नए अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट EOS-8 की लॉन्चिंग के लिए तैयार है. इसकी लॉन्चिंग SSLV-D3 रॉकेट से की जाएगी. इसरो इसकी लॉन्चिंग स्वतंत्रता दिवस के दिन यानी 15 अगस्त को सुबह 9.17 बजे करेगा. आइए जानते हैं कि यह सैटेलाइट क्या काम करेगा? इससे देश को किस तरह का फायदा होगा?
ISRO के रॉकेट्स को ताकतवर इंजन देने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे नंबी नारायणनन, जब उन्हें जासूसी के फर्जी केस में फंसाया गया. ये जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, उसी की बदौलत आज इसरो दुनिया का सरताज बना हुआ है. सबसे ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करने वाली स्पेस एजेंसी बना है. जानते हैं इस होनहार वैज्ञानिक के प्रोजेक्ट के बारे में...
ISRO अपने छोटे रॉकेट की तीसरी और अंतिम डेवलपमेंटल उड़ान के लिए तैयार है. यह लॉन्च 10 जुलाई 2024 के आसपास होगी. इस रॉकेट की उड़ान से भारत सस्ती लॉन्चिंग की दुनिया में ऊंची छलांग लगा लेगा. इसके बाद इस रॉकेट को पूरी तरह से ऑपरेशनल होने का दर्जा मिल जाएगा. आइए जानते हैं इस रॉकेट की खासियत...
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान 3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. ISRO के सूर्य मिशन Aditya-L1 को आज सुबह 11.50 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस स्टेशन से लॉन्च किया गया. अब लॉन्चिंग के ठीक 125 दिन बाद यह अपने पॉइंट L1 तक पहुंचेगा. इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 बेहद अहम डेटा भेजना शुरू कर देगा.
NASA ने इसरो को सौंपी NISAR सैटेलाइट, पूरी दुनिया को बचाएगी प्राकृतिक आपदाओं से
ISRO 26 नवंबर को श्रीहरीकोटा से नया सैटेलाइट छोड़ने जा रहा है. यह एक अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट है, जिसका नाम OceanSat-3 है. इस लॉन्च के साथ ही इसरो एक नया इतिहास लिखने को तैयार है.