राजकुमार आनंद (Rajkumar Anand) दिल्ली के राजनीतिज्ञ हैं. वह आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े थे. उन्होंने 11 अप्रैल 2024 को आप से इस्तीफा दे दिया. वह दिल्ली विधानसभा के सदस्य हैं. राजकुमार पटेल नगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. राजकुमार आनंद पेशे से व्यवसायी हैं. अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री रहे राजकुमार गौतम ने लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी. वह अप्रैल 2024 में बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए थे. दलित नेता राजकुमार आनंद ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर भी विधानसभा चुनाव लड़ा था. हालांकि, उन्हें तब हार मिली थी.
आनंद ने 1989 में बुन्देलखंड विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. उन्हें 11 फरवरी 2020 को पटेल नगर से दिल्ली विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया. उन्हें 2020 में 7वीं दिल्ली विधानसभा के सदस्य के रूप में चुना गया था. आनंद सरकारी उपक्रमों की समिति का हिस्सा थे.
राजकुमार आनंद की शादी वीणा आनंद से हुई है.
विधानसभा ने राज कुमार आनंद से पूछा था कि पार्टी बदलकर चुनाव लड़ने के लिए आपको टर्मिनेट क्यों न कर दिया जाए. दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के मुताबिक राज कुमार आनंद को एंटी डिफेक्शन लॉ का हवाला देते हुए डिसक्वालीफाई कर दिया गया है.
बहुजन समाज पार्टी ने दिल्ली की 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. जिनमें राजकुमार आनंद नई दिल्ली सीट से मैदान में हैं. जबकि AAP से बगावत कर मोहम्मद वकार चौधरी पूर्वी दिल्ली से चुनावी ताल ठोक रहे हैं.
दिल्ली में चुनाव से पहले राजकुमार आनंद बीएसपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने अपने बीएसपी में शामिल होने का ऐलान करते हुए बताया कि वो बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे और सोमवार को इस निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन करेंगे.
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के अगुवाई वाली दिल्ली सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता राज कुमार आनंद ने बुधवार को कैबिनेट और पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया. अचानक दिए गए इस इस्तीफे पर जब आजतक ने उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो क्या थे उनके जवाब, जानने के लिए देखें ये वीडियो.
आम आदमी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. एक तरफ मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल जेल में हैं. तो दूसरी तरफ पटेल नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक राजकुमार आनंद ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी की जो नीति है, उससे वह सहमत नहीं है.
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इसी कड़ी में अब दिल्ली सरकार में मंत्री राजकुमार आनंद ने इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि राजकुमार आनंद भ्रष्टाचार को लेकर AAP के रुख से नाराज थे. साथ ही उनका कहना है कि पार्टी में दलितों का सम्मान नहीं होता. देखें वीडियो.
इधर केजरीवाल सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद ने इस्तीफा दिया और उधर सवाल उठा कि क्या वास्तव में ये कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ ही है? क्योंकि, यदि राजकुमार आनंद ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार की वजह से इस्तीफा दिया है, तो ऐसा वो पहले भी कर सकते थे. देखें वीडियो.
आम आदमी पार्टी के लिए राजकुमार आनंद का दिल्ली सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा बड़ा झटका तो है, लेकिन उनके दावे पर सवाल भी खड़ा करता है. राजकुमार का कहना है, वो पार्टी के भ्रष्टाचार के दलदल में फंस जाने के कारण इस्तीफा दे रहे हैं - आखिर अब तक वो किस बात का इंतजार करते रहे?
पटेल नगर से विधायक राजकुमार आनंद ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और इसके बाद उन्होंने पार्टी भी छोड़ दी. उन्होंने इस्तीफा देते हुए पार्टी पर भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं. बता दें कि बीते साल नवंबर में जब ईडी ने सीएम केजरीवाल को जब शराब घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया था तो इससे ठीक पहले ईडी ने मंत्री राजकुमार आनंद के आवास पर छापा मारा था.
राजकुमार आनंद का कहना है कि वह पार्टी में इसलिए शामिल हुए थे क्योंकि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे थे, अब वह इस बात से निराश हैं कि पार्टी खुद ही भ्रष्टाचार के जाल में फंस गई है. उन्होंने कहा कि, अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में खड़े होकर कहा था कि राजनीति बदलेगी तो देश बदलेगा, लेकिन आज राजनीति नहीं बदली, राजनेता बदल गया.
आम आदमी पार्टी के लिए राजकुमार आनंद का दिल्ली सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा बड़ा झटका तो है, लेकिन उनके दावे पर सवाल भी खड़ा करता है. राजकुमार का कहना है, वो पार्टी के भ्रष्टाचार के दलदल में फंस जाने के कारण इस्तीफा दे रहे हैं - आखिर अब तक वो किस बात का इंतजार करते रहे?
राजकुमार आनंद को केजरीवाल को बेहद भरोसेमंद नेताओं के रूप में गिना जाता है. यह भरोसा इतना था कि जब वर्ष 2022 में सीएम केजरीवाल ने अपने पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का इस्तीफा लिया तो उन्होंने उनकी जगह राजकुमार आनंद को मंत्री बनाने का फैसला किया और उन्हें सात मंत्रालय और विभागों की जिम्मेदारी भी सौंपी थी.
आनंद ने पत्र में लिखा कि आम आदमी पार्टी का जन्म ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से हुआ है लेकिन आज यह पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है. हमारे दो-दो मंत्री जेल में हैं, हमारे मुख्यमंत्री जेल में हैं. हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. मैं नहीं समझता कि हमारे पास सरकार में रहने का अब कोई नैतिक बल रह गया है.