राजू पाल (Raju Pal) ने राजनीति में शुरुआत करते हुए 2002 में चुनाव लड़ा लेकिन हार गए. हालांकि राजू पाल ने 2004 में अतीक अहसद (Atiq Ahmad) के छोटे भाई मोहम्मद अशरफ को हराकर चुनाव जीता. 25 जनवरी 2005 को राजू पाल की हत्या कर दी गई थी. इस हत्या में अशरफ शामिल था. मोहम्मद अशरफ के भाई अतीक पर भी हत्या का आरोप लगाया गया है. जबकि अतीक के खिलाफ लंबित 21 आपराधिक मामलों के साथ जेल में है (Atiq Ahmad Jail).
राजू पाल के बेहद करीबी रहे उमेश पाल (Umesh Pal) की भी 27 फरवरी 2023 को हत्या कर दी गई (Umesh Pal Murder Case). राजू पाल हत्याकांड के समय उत्तर प्रदेश में मायावती (Former CM Mayawati) की सरकार थी और माफिया डॉन अतीक अहसद का काफी दबदबा था.
राजू पाल हत्याकांड (Raju Pal Murder Case) से जुड़े इस मुकदमे की पैरवी के बाद ही, उमेश पाल जिला न्यायालय से घर के लिए रवाना हुए थे, जब उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.
बीएसपी विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में सीबीआई कोर्ट ने सभी दोषियों को सजा का ऐलान कर दिया है. जिसके बाद सपा विधायक पूजा पाल ने प्रयागराज पहुंचकर राजू पाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
बीएसपी विधायक राजू पाल हत्याकांड में लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने छह आरोपियों को उम्रकैद और एक आरोपी को चार साल की सजा सुनाई है. पुलिस हिरासत में मारे गए अतीक अहमद और अशरफ भी राजू पाल हत्याकांड में नामजद थे.
बीजेपी इन दिनों लगातार समाजवादी पार्टी के बड़े विकेट गिरा रही है. इससे पहले बीजेपी ने पूर्व विधायक दारा सिंह को एक बार फिर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था. अब बीजेपी पूजा पाल को अपनी पार्टी में शामिल कर सकती है. बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल बीजेपी में शामिल होने से पहले अपने पद से इस्तीफा देंगी.
सपा नेता पूजा पाल कौशांबी के चायल से विधायक हैं. पिछले दिनों उनके पति राजू पाल के हत्यारोपी अतीक अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जब राजू पाल की हत्या हुई थी, तब वह सपा से सांसद था. पूजा पाल के सामने आखिर क्या मजबूरी थी कि उसे उस पार्टी को जॉइन करना पड़ा था, जिसने उसके पति के हत्यारोपी को संरक्षण दे दिया था.
Umesh Pal Murder Case: उमेश पाल हत्याकांड में अभी तक कई बड़े और हैरान कर देने वाले खुलासे हो चुके हैं. इसी कड़ी में एक और खुलासा हुआ है, जिसने अतीक और उसके गैंग के खतरनाक मंसूबों को उजागर किया है. दरअसल, 11 फरवरी को अतीक का बेटा और उसके साथी शूटर्स बरेली जेल में बंद अशरफ से मिलने पहुंचे थे.
Atiq Ashraf Murder Case: यूपी के प्रयागराज में 15 अप्रैल को हुए अतीक-अशरफ हत्याकांड की तेजी से जांच चल रही है. गुरुवार को SIT की टीम घटनास्थल पर पहुंची. इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम भी आई. यहां क्राइस सीन रिक्रिएट किया गया. हत्याकांड की सच्चाई सामने लाने के लिए दस सवाल तैयार किए गए हैं.
अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद पहली बार मंत्री नंद गोपाल नंदी मीडिया के सामने आए. हालांकि, इस दौरान वो हत्याकांड को लेकर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए. इतना ही नहीं सवाल किए जाने पर मंत्री बिफर गए. बताते चलें कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक की बहन ने मंत्री नंदी पर गंभीर आरोप भी लगाए थे.
पुलिस पूछताछ में अतीक अहमद ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्शन का खुलासा किया था. करीब 18 साल पहले हुए राजू पाल हत्याकांड के जांच कर्ता ने भी आजतक से बातचीत में यह खुलासा किया कि केस से नाम हटवाने के लिए उन्हें पाकिस्तान के नंबर से धमकी भरे फोन आते थे. देखें रिपोर्ट.
Atiq Ahmed and Ashraf Ahmed Murder: उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई है. इससे पहले बीते दिनों पुलिस ने उसके बेटे को मुठभेड़ में मार गिराया था. इस मुठभेड़ से पहले पुलिस ने दो अन्य शूटर्स को भी मुठभेड़ में मारा था. अब अतीक और अशरफ की हत्या हो गई. इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
Asad Ahmed Encounter: अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर मामले में सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उमेश पाल के मर्डर के दौरान वो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था. इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने ओवैसी और अखिलेश यादव के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी.
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर का कहना है कि असद और गुलाम को 1 बजकर 10 मिनट पर लाया गया था. जहां बुलेट इंजरी थी, वहां से फ्रेश ब्लड निकल रहा था और क्लॉटिंग नहीं हुई थी. 15 से 20 मिनट मेडिकल एग्जामिनेशन करने के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया था.
माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस दोनों को अलग-अलग में गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. इस दौरान असद के एनकाउंटर के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया.
गुरुवार को यूपी एसटीएफ की एक टीम ने उमेश पाल हत्याकांड के शूटर असद और गुलाम को झांसी के पास मुठभेड़ में ढेर दिया था. जिस वक्त ये एनकाउंटर हुआ उस समय एक बाइक भी उनके पास से बरामद की गई थी. आजतक से शम्स ताहिर खान ने इस बाइक की जांच की, देखें इस खास रिपोर्ट में.
Asad Ahmed News: उमेश पाल हत्याकांड में आरोपियों में से अतीक के बेटे असद अहमद और दूसरे शूटर मोहम्मद गुलाम को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. दोनों का झांसी से 30 किलोमीटर दूर बड़ागांव और चिरगांव के पास एनकाउंटर हुआ. ये वही असद है जिसे अतीक शेर कहता था. इतना ही नहीं असद अपने चाचा का चहेता रहा है.
Asad Ahmed Encounter: उमेश पाल हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. अब तक चार शूटर्स मारे जा चुके हैं. इसमें अरबाज, विजय कुमार उर्फ उस्मान चौधरी, असद और मोहम्मद गुलाम हैं. वहीं, गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान की यूपी पुलिस तलाश कर रही है.
Asad Ahmed Encounter: यूपी के प्रयागराज में 24 फरवरी को उमेश पाल के साथ ही उनके दो गनर की हत्या कर दी गई थी, जिसमें संदीप निषाद भी थे. आज जैसे ही उनके परिवार को अतीक के बेटे असद और मोहम्मद गुलाम के मारे जाने की सूचना मिली तो परिवार ने तसल्ली की सांस ली. परिवार ने सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की.
माफिया डॉन अतीक अहमद को प्रयागराज की अदालत में पेश करने के लिए यूपी पुलिस साबरमती जेल पहुंची है. अतीक को उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया है. कोर्ट ने अगर प्रयागराज पुलिस की अर्जी मान ली तो अतीक को साबरमती जेल से प्रयागराज लेकर आएगी पुलिस. 15 दिन के भीतर ये दूसरा मौका है जब अतीक अहमद को पुलिस साबरमती जेल से पेशी के लिए प्रयागराज लाने की कोशिश हो रही.
माफिया अतीक अहमद के परिवार का एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है. इसमें अतीक अहमद का भाई अशरफ और बेटा अली अहमद व उसके गिरोह के कई लोग तोबड़तोड़ फायरिंग करते नजर आ रहे हैं. ये वीडियो तकरीबन ढाई मिनट का है, जिसमें डेढ़ सौ राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई.
प्रयागराज पुलिस के हाथ माफिया अतीक अहमद की एक डायरी लगी है. इसमें छोटे, राधे, गॉडमदर जैसे कोडवर्ड लिखे मिले हैं. पुलिस इन कोडवर्ड को डिकोड करने में जुट गई है. इसके साथ ही एक पोस्टर भी मिला है. इस पर अतीक अहमद की तस्वीर बनी हुई है और लिखा है 'रात कितनी भी काली हो सवेरा जरूर होता है'.
राजू पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अब्दुल कवि ने सरेंडर कर दिया है. अब्दुल 18 साल से फरार चल रहा था. उसे अतीक अहमद का करीबी माना जाता है. अब्दुल कवि के ऊपर 1 लाख का ईनाम घोषित था. अब उसने खुद ही लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया है.
राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल के अपहरण मामले में अतीक समेत 3 आरोपियों को प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने सजा सुनाई है. इस केस में अतीक के भाई अशरफ समेत 7 आरोपियों को बरी भी कर दिया गया है. देखें वीडियो