15 राज्यों की 56 सीटों के लिए 27 फरवरी को राज्यसभा का चुनाव (Rajya Sabha Election 2024) होना है. इसके लिए 59 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है. चुनाव से पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि इन उम्मीदवारों में से 36 फीसदी का क्रिमिनल रिकॉर्ड है, जबकि 21 फीसदी अरबपति हैं.
बीजेपी के 30 उम्मीदवारों में से आठ (27 प्रतिशत), कांग्रेस के नौ उम्मीदवारों में से छह (67 प्रतिशत), टीएमसी के चार उम्मीदवारों में से एक (25 प्रतिशत), समाजवादी पार्टी के तीन में से एक (33 फीसदी), वाईएसआरसीपी के तीन उम्मीदवारों में से एक (33 प्रतिशत), राजद के दो उम्मीदवारों में से एक (50 प्रतिशत), बीजेडी के दो उम्मीदवारों में से एक (50 प्रतिशत) और बीआरएस के एक (100 प्रतिशत) उम्मीदवार ने अपने हलफनामे में खुद के खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणाा की है.
Rajya Sabha Bypolls: राज्यसभा उपचुनावों के लिए 10 दिसंबर नामांकन की आखिरी तारीख है. 13 दिसंबर पर नामांकन वापस लिया जा सकेगा. 20 दिसंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे.
2014 से पहली बार NDA को राज्यसभा में बहुमत मिल गया है. आंकड़ों का तो यही कहना है. लेकिन लोकसभा में बीजेपी की जो स्थिति है, उसके हिसाब से राज्यसभा के इस बहुमत को कैसे समझा जाये? ये बहुमत हासिल होने के बाद बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सेहत पर वास्तव में कोई फर्क पड़ेगा क्या?
जो सदस्य राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं, उनमें असम से बीजेपी से मिशन रंजन दास और रामेश्वर तेली, बिहार से मनन कुमार मिश्रा, हरियाणा से किरण चौधरी, मध्य प्रदेश से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन, महाराष्ट्र से धैर्यशील पाटिल, ओडिशा से ममता मोहंता, राजस्थान से रवनीत सिंह बिट्टू और त्रिपुरा से राजीव भट्टाचार्य का नाम शामिल है.
MP News: जार्ज कुरियन के अलावा बीजेपी के ही प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह समेत दो अन्य ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया था. सिंगरौली के रहने वाले कांतदेव ने बीजेपी के डमी उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था.
राज्यसभा में एनडीए को बहुमत मिल गया है. 9 राज्यों की 12 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले ही सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. 12 सीटों पर निर्विरोध चुनाव के बाद अब राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 96 हो गई है. वहीं एनडीए की संख्या की बात करें तो ये भी बढ़कर 112 हो गई है.
कई राज्यसभा सदस्यों ने इस बार लोकसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज की. उनके इस्तीफे के बाद उक्त राज्यों में उच्च सदन की अधिकांश सीटें खाली हुई थीं. निर्विरोध चुने गए सदस्यों में बीजेपी के 9, कांग्रेस का एक, एनसीपी (अजित पवार) का एक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा का एक सदस्य निर्वाचित हुआ है.
असम, बिहार और महाराष्ट्र की दो-दो सीट, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, त्रिपुरा, तेलंगाना और ओडिशा की एक-एक सीट पर उपचुनाव होना है. उपचुनाव के बाद चुने जाने वाले सदस्य निवर्तमान सदस्यों के बाकी बचे कार्यकाल के लिए होंगे. ये कार्यकाल अगले साल यानी 2025 से 2028 के बीच है.
बीजेपी ने आठ राज्यों की नौ राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. इनमें चुनावी राज्य हरियाणा और महाराष्ट्र की एक-एक सीटें भी हैं. बीजेपी के उम्मीदवार चयन का फॉर्मूला क्या रहा?
Rajya Sabha bypolls 2024: केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मुख्यमंत्री यादव, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा समेत प्रदेश भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा की मौजूदगी में राज्य विधानसभा परिसर में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.
राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों की लिस्ट में वोकल फॉर लोकल पर जोर है तो कैडर के साथ ही बाहरियों को तवज्जो देकर संतुलन साधने की कोशिश भी. बीजेपी उम्मीदवारों की लिस्ट में क्या है?
बीजेपी ने 8 राज्यों की 9 राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से बीजेपी के कैंडिडेट होंगे. बिहार से मनन कुमार मिश्रा, हरियाणा से किरण चौधरी, मध्य प्रदेश से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन उम्मीदवार होंगे.
मध्य प्रदेश में BJP ने अभी तक अपने राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. सूबे की विधानसभा में भाजपा की ताकत के आधार पर अगर मतदान होता है तो पार्टी उम्मीदवार आसानी से जीत जाएगा.
ओलंपिक से ओवरवेट के कारण डिसक्वालिफाई हो चुकीं विनेश फोगाट को राज्यसभा भेजने की मांग होने लगी है. कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने ये मांग उठाई है. हालांकि, उन्हें राज्यसभा भेजने में अभी थोड़ा पेंच है.
राज्यसभा की जिन 12 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें सबसे ज्यादा 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी के थे. उसके बाद कांग्रेस के दो, बीआरएस, बीजेडी और आरजेडी का एक-एक सदस्य था. बीजेपी का असम-महाराष्ट्र में दो-दो, मध्य प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा में एक-एक सीट पर कब्जा था. हरियाणा-राजस्थान में कांग्रेस का एक-एक और बिहार में आरजेडी का एक सीट पर कब्जा था.
आयोग ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 14 अगस्त को जारी की जाएगी और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है. नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26-27 अगस्त होने की संभावना है.
नीतीश कुमार को सत्ता में बनाये रखने में महिलाओं की बड़ी भूमिका है. लेकिन, एक महिला विधायक के साथ भरी विधानसभा में जिस लहजे में वो पेश आये हैं, हैरान करने वाला है - और निर्मला सीतारमण पर मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद तो ऐसा लग रहा है, महिलाओं के प्रति दोनो की राय एक ही है.
राज्यसभा की वर्तमान सदस्य संख्या 226 है, जिसमें बीजेपी के 86, कांग्रेस के 26 और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 13 सदस्य हैं. चुनाव आयोग (ईसी) ने अभी तक सदस्यों के इस्तीफे से रिक्त हुई 11 सीटों को भरने के लिए चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की है.
राहुल गांधी ने अग्निवीर का मुद्दा अब भी नहीं छोड़ा है, और अब वो हिंसा के शिकार लोगों का दर्द बांटने मणिपुर पहुंचे हैं - क्या मणिपुर में भी वो हाथरस की ही तरह लोगों की तकलीफों तक सीमित रह पाएंगे?
सदस्यों के शपथग्रहण और स्पीकर चुनाव तक तो ठीक था, लेकिन उसके बाद संसद में जो कुछ हुआ, क्या विशेष सत्र बुलाने का वही मकसद था? क्या देश के लिए जरूरी मुद्दों पर बात नहीं हो सकती थी? चुनावों में तो राजनीतिक दुश्मनी निभाने का भरपूर मौका मिलता ही है.
संजय सिंह ने जेल से नामांकन दाखिल किया था और शपथ ग्रहण के लिए बाहर आ सके थे. लेकिन ट्रायल पूरा होने तक जमानत पर बाहर रह सकते हैं. मनीष सिसोदिया को तो अब तक जमानत भी नहीं मिली, और अरविंद केजरीवाल को तो चुनाव कैंपेन के बाद सरेंडर भी करना पड़ा - ये कृपा कहां से बरस रही है?
विक्रमादित्य सिंह ने राज्यसभा चुनावों के दौरान हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार खतरे में डाल दी थी. सरकार भी बच गई, और बागी विधायकों का तो खेल भी खत्म हो गया. अब मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार कर कांग्रेस नेतृत्व ने विक्रमादित्य को अपनी रणनीति में फंसा लिया है.