रामचंद्र प्रसाद सिंह, राजनेता
रामचंद्र प्रसाद सिंह (Ramchandra Prasad Singh) एक भारतीय राजनेता और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वे 2010 से बिहार से राज्यसभा के सदस्य भी हैं (Ramchandra Prasad Singh Rajya Sabha Member). राजनीति में आने से पहले वे यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी थे (Ramchandra Prasad Singh IAS Officer). वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं. 2021 में, प्रधानमंत्री मोदी के कैबिनेट में बदलाव होने पर वे भारत सरकार के इस्पात मंत्री बने (Minister of Steel).
रामचंद्र प्रसाद सिंह का जन्म 6 जुलाई 1958 (Ramchandra Prasad Singh Date of Birth) को बिहार के नालंदा जिले के मुस्तफापुर में सुखदेव नारायण सिंह और दुखलालो देवी के घर हुआ था. उन्होंने स्कूली शिक्षा हाई स्कूल, हुसैनपुर, नालंदा से हासिल की. इसके बाद, उन्होंने पटना कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री ली और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीजी किया (Ramchandra Prasad Singh Education). उन्होंने 21 मई 1982 को गिरिजा सिंह (Ramchandra Prasad Singh Wife) से शादी की, जिनसे उनकी दो बेटियां हैं. उनकी बेटी लिपि सिंह 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं (IPS Lipi Singh) और दूसरी बेटी लता एक वकील हैं (Ramchandra Prasad Singh Daughter).
1984 में, वे आईएएस अधिकारी बने और उन्हें यूपी कैडर आवंटित हुआ (IAS Officer of UP Cadre). बाद में, पांच वर्षों तक वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव रहे और मई 2010 में, उन्होंने आईएएस से वीआरएस ले लिया. इसके तुरंत बाद वे जदयू में शामिल हुए और जून 2010 में राज्यसभा के लिए चुने गए. सिंह ने 27 दिसंबर 2020 से 31 जुलाई 2021 तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. 7 जुलाई 2021 को, भारत सरकार के केंद्रीय इस्पात मंत्री के रूप में शपथ ली.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @RCP_Singh है
आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर दोनो ही नीतीश कुमार के करीबी रहे हैं, लेकिन अब दोनो ही सामने से टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं - क्या इससे नुकसान सिर्फ नीतीश कुमार को ही होगा? यदि ऐसा है तो ये समझिये कि बिहार में 'एक नीतीश कुमार, चार बीमार'. क्योंकि RCP और प्रशांत किशोर से काफी पहले जेडीयू की जमीन पर भाजपा और राजद आंख गड़ाए बैठे हैं.
बिहार में सियासी बदलाव के बाद से ही राजनीतिक उठापटक जारी है. उपेंद्र कुशवाहा जिस तरह से बागी रुख अपना रखे हैं, उससे साफ जाहिर है कि अब जेडीयू के साथ उनकी राह अलग होने वाली है. ऐसे में कहीं कुशवाहा का सियासी हश्र आरसीपी सिंह जैसा न हो जाए, क्योंकि इसी तरह से उन्होंने नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोला रखा था.
जनता दल यूनाइटेड के नेता आरसीपी सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. एक समय में वो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. जबकि जदयू की ओर से वो केन्द्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. आरसीपी सिंह पर पार्टी के लोगों ने ही करप्शन को लेकर सवाल उठाए थे.
भ्रष्टाचार के आरोप से घिरे जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. अब वे अपनी ही पार्टी में घिरते नजर आ रहे हैं. जेडीयू ने 2013 से 2022 के बीच अकूत संपत्ति बनाने के आरोप पर आरसीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जेडीयू ने आरसीपी सिंह से आरोप पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है.
जदयू के सभी नेता एक सुर में कहते हैं कि मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा और कौन नहीं, इसे लेकर फैसला नीतीश कुमार और पीएम नरेन्द्र मोदी को करना है.
एक वक्त था, जब रामचंद्र प्रसाद सिंह जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. पार्टी में उनका अपना रुतबा था. लेकिन अब वो पार्टी में हाशिए पर चले गए हैं. उनके बारे में जदयू के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने यहां एक जो बात कही, वो पार्टी में उनके भविष्य के बारे में साफ संकेत देती है. जानें आखिर ऐसा क्या कहा ललन सिंह ने...