रमेश जे. चौहान (Ramesh J Chauhan) बिसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri Internation) के चेयरमैन हैं, जिसका 2,000 करोड़ रुपये के बोतलबंद पानी के बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी है और उनके ब्रांड की कीमत 3,000 करोड़ रुपये है.
1969 में रमेश चौहान ने इटली (Itly) के एक उद्यमी से बिसलेरी ब्रांड खरीदा था (Ramesh Chauhan Bought Bisleri). बिसलेरी को मुंबई में, कांच की बोतलों में, दो प्रकारों में लॉन्च किया गया था: बबली और स्टिल (Ramesh Chauhan Launched Bisleri in Mumbai).
रमेश चौहान ने साल 2022 में घोषणा की कि वह अपने पैकेज्ड पानी के कारोबार बिसलेरी इंटरनेशनल के लिए एक खरीदार की तलाश कर रहे हैं, क्योंकि उनकी बेटी जयंती चौहान कंपनी का नेतृत्व करने में दिलचस्पी नहीं रखती हैं (Bisleri International).
लेकिन कंपनी बिसलेरी फिलहाल नहीं बिक रही है. रमेश चौहान की बेटी जयंती चौहान कंपनी के कारोबार को संभालेंगी. जयंती फिलहाल कंपनी की वाइस चेयरपर्सन हैं (Jayanti Chauhan Vice Chairperson of Bisleri).
टाटा कंज्यूमर ने करीब दो साल पहले बिसलेरी के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन कंपनी ने बातचीत बंद करने का फैसला किया. जयंती कई साल से बिसलेरी के कारोबार से जुड़ी हुई हैं. बिसलेरी के पोर्टफोलियो का ब्रॉन्ड वेदिका पर जयंती का चौहान का खास फोकस रहा है (Ramesh Chauhan Daughter Jayanti Chauhan).
रमेश चौहान ने 2022 में अपनी कंपनी Bisleri को उत्ताधिकारी की कमी के चलते ही Tata Group के हाथों में देने के लिए डील की थी. उस समय जयंती चौहान की कंपनी के बिजनेस में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन ऐन मौके पर डील टूट गई और Jayanti Chauhan ने इसकी बागडोर संभाली. .
एंजेलो जॉर्ज (Angelo George) बिसलेरी इंटरनेशनल के सीईओ हैं. एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मास्युटिकल सेक्टर की बड़ी कंपनियों में करीब तीन दशक काम करने का अनुभव रखने वाले एंजेलो साल 2019 में बिसलेरी के साथ जुड़े थे.
बेटी Jayanti Chauhan की कारोबार संभालने की इच्छा न होने के चलते अब रमेश चौहान ने सीईओ एंजेलो जॉर्ज (Angelo George) को कंपनी के प्रबंधन का प्रभार सौंप दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम पूर्व नियोजित (Pre-Planned) नहीं था, यानी ये फैसला अचानक से लेना पड़ा है.
बेटी मान गई... पिता रमेश चौहान का छलका था दर्द- कौन चलाएगा कंपनी? अब जयंती के हाथ Bisleri की कमान!