रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) एक ऐसी व्यापार नीति है जिसमें एक देश द्वारा दूसरे देश पर लगाए गए टैरिफ का जवाब समान टैरिफ लगाकर दिया जाता है. यह नीति आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संतुलन बनाए रखने और अनुचित व्यापार प्रथाओं का जवाब देने के लिए अपनाई जाती है.
रेसिप्रोकल टैरिफ के कई सकारात्मक प्रभाव हैं जैसे- व्यापार में समानता सुनिश्चित करता है, घरेलू उद्योगों को मजबूती प्रदान करता है साथ ही, आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है.
यदि एक देश दूसरे देश के माल पर शुल्क बढ़ाता है, तो प्रभावित देश पहले देश से आयात पर अपने स्वयं के शुल्क लगाकर प्रतिक्रिया कर सकता है. इस प्रतिक्रिया का उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों की रक्षा करना, नौकरियों को संरक्षित करना और व्यापार असंतुलन को ठीक करना है.
रेसिप्रोकल टैरिफ trade barriers में आगे-पीछे की वृद्धि का कारण बन सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से एक 'ट्रेड वॉर' हो सकता है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है. देशों के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की ओर रुख करने के बजाय खुले तौर पर संवाद करना और व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है.
चीन ने अमेरिका के निर्यात पर 34% अतिरिक्त कर लगाने का ऐलान किया है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर लगाए गए अतिरिक्त कर के जवाब में उठाया गया है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आदेश पर यह कर 10 अप्रैल से लागू होगा. इस बीच, भारत-बांग्लादेश संबंधों और बांग्लादेश की जमीनी स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है.
अमेरिका ने 57 देशों पर नया टैरिफ लगाया है, जिसमें भारत पर 26% का टैरिफ है. यह चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों की तुलना में कम है. इस फैसले से दुनिया को 100 22,00,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है और व्यापार युद्ध की आशंका है. हालांकि, भारत के लिए यह एक अवसर भी हो सकता है. जानें कैसे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 27% टैरिफ लगाने का कार्यकारी आदेश जारी किया है. 10% का आधारभूत शुल्क 5 अप्रैल से और अतिरिक्त 17% शुल्क 9 अप्रैल से लागू होगा. फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और कुछ ऊर्जा उत्पादों को इस शुल्क से छूट दी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय IT उद्योग को ज्यादा नुकसान नहीं होगा.
2 अप्रैल को अमेरिका ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया था लेकिन बाद में ख़बर आई कि अमेरिका भारत से 27 फीसदी टैरिफ वसूलेगा, लेकिन अब एक बार फिर इसमें बदलाव किया गया है
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन समेत तमाम देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने इसे रेसिप्रोकल टैरिफ का नाम दिया है. ट्रंप ने दूसरे देशों की तरफ से अमेरिका पर लगाए जा रहे टैरिफ की लिस्ट दिखाते हुए कहा कि जितना टैरिफ दूसरे देश लगा रहे हैं उनसे अभी हम आधा टैरिफ ही वसूलेंगे. देखें दुनिया आजतक.
कनाडा सरकार ने घोषणा की है कि वह अमेरिका से आयात होने वाली कुछ गाड़ियों पर 25% टैक्स लगाएगी. हालांकि, यह टैक्स केवल उन गाड़ियों पर लागू होगा जो अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते (USMCA) के नियमों का पालन नहीं करतीं. इस फैसले के तहत ऑटो पार्ट्स पर कोई नया टैक्स नहीं लगेगा, और मैक्सिको से आने वाले वाहनों को भी छूट दी गई है.
अमेरिका ने 57 देशों पर टैरिफ लगाया है, जिसमें भारत पर 26% का टैरिफ है. यह भारत के लिए चुनौती है लेकिन साथ ही अवसर भी. भारत अब अमेरिका पर कम निर्भर होकर यूरोप, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया में नए बाजार तलाश सकता है. फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स को छूट मिली है, जिसका फायदा उठाया जा सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को समझने के लिए कुछ सवाल और उनके जवाब तैयार किए हैं. इससे ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ और उससे होने वाले असर के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की जा सकती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 27% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक हुई. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि जैसे ट्रंप के लिए अमेरिका फर्स्ट है, वैसे ही मोदी जी के लिए इंडिया फर्स्ट है. इस टैरिफ से भारत को प्रति वर्ष लगभग 7 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ का बड़ा ऐलान किया है. भारत पर 26%, चीन पर 34%, यूरोपीय संघ पर 20%, और जापान पर 24% टैरिफ लगाया गया है. ट्रंप ने कहा, 'हम अन्य देशों से लगभग आधे टैरिफ लेंगे जो वो हमसे वसूल रहे हैं.' यह नया टैरिफ तुरंत लागू हो गया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के फैसले से वैश्विक व्यापारिक संबंधों में उथल-पुथल मच गई है. चीन ने इसका कड़ा विरोध किया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. अमेरिका के सहयोगी देश जैसे कनाडा, यूरोपीय संघ और जापान भी नाराज़ हैं और प्रतिक्रिया स्वरूप टैरिफ लगा रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को दुनिया के देशों पर टैरिफ का ऐलान किया. ट्रंप का कहना है कि टैरिफ लगाने से अमेरिका का व्यापार घाटा कम होगा, कंपनियां अमेरिका में आकर ही उत्पादन शुरू करेंगी और नौकरियों में इजाफा होगा. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप का यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध शुरू कर सकता है.
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए जवाबी शुल्कों के प्रभाव का सरकार आकलन कर रही है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा, 'ट्रंप का नारा है अमेरिका फर्स्ट, वैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इंडिया फर्स्ट नारा देते हैं, हमारे लिए इंडिया फर्स्ट है.' सरकार नई टैरिफ के असर की समीक्षा कर रही है और उसके अनुसार अगला कदम उठाएगी.
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए जवाबी शुल्कों के प्रभाव का सरकार आकलन कर रही है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा, 'ट्रंप का नारा है अमेरिका फर्स्ट, वैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इंडिया फर्स्ट नारा देते हैं. हमारे लिए इंडिया फर्स्ट है. सरकार नई टैरिफ के असर की समीक्षा कर रही है और उसके अनुसार अगला कदम उठाएगी. VIDEO
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अन्य देशों से लगभग आधे टैरिफ लेगा जो वे अमेरिका से वसूलते हैं. ट्रंप ने इस दिन को 'लिबरेशन डे' नाम दिया हैय उन्होंने बताया कि अमेरिका चीन से 34%, यूरोपीय संघ से 20%, जापान से 24%, और भारत से 26% टैरिफ वसूलेगा.
टैरिफ लागू करने के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने सहयोगियों को तगड़ा झटका दिया है, वहीं विरोधियों को राहत दी है. ट्रंप ने जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे कुछ करीबी सहयोगी देशों और ट्रेड पार्टनर्स पर भारी टैरिफ लगाया है, जबकि रूस और नॉर्थ कोरिया को इस लिस्ट से बाहर रखा है.
लोकसभा में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने पूछा कि ये कैसी विदेश नीति है कि मित्र देश ने ही हमारे ऊपर इतना भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया. देखें राहुल गांधी का भाषण.
डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे अधिक टैरिफ अफ्रीकी देश लेसोथो पर लगाया है. यह देश अमेरिकी आयातों पर 99% टैरिफ लगाता है. माना जा रहा था कि ट्रंप के टैरिफ का सबसे ज्यादा असर 'डर्टी 15' पर होगा. भारत और चीन 'डर्टी 15' में शामिल हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अन्य देशों से लगभग आधे टैरिफ लेगा जो वे अमेरिका से वसूलते हैं. ट्रंप ने इस दिन को 'लिबरेशन डे' नाम दिया है. उन्होंने बताया कि अमेरिका चीन से 34%, यूरोपीय संघ से 20%, जापान से 24%, और भारत से 26% टैरिफ वसूलेगा.
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अधीनस्थ हर्ड द्वीप और मैकडोनाल्ड द्वीप को पृथ्वी के सबसे निर्जन स्थानों में से एक माना जाता है. ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से यहां नौका से दो हफ्ते की यात्रा कर पहुंचा जा सकता है और सबसे हैरतअंगेज बात ये है कि यहां कथित तौर पर पिछले एक दशक में किसी भी इंसान ने कदम तक नहीं रखा है.
लोकसभा में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने पूछा कि ये कैसी विदेश नीति है कि मित्र देश ने ही हमारे ऊपर इतना भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया. देखें राहुल गांधी का भाषण.