ऋषि सुनक (Rishi Sunak) एक ब्रिटिश राजनेता हैं (British Politician),जो यूनाइटेड किंगडम के पूर्व प्रधानमंत्री (Rishi Sunak PM UK) और कंजर्वेटिव पार्टी के नेता हैं (Member of Conservative Party). उन्होंने फरवरी 2020 से ब्रिटेन के राजकोष के चांसलर (वित्त मंत्री) के रूप में कार्य किया है (Chancellor of the Exchequer). 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव रह चुके हैं (Chief Secretary to the Treasury). वह 2015 से उत्तर यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) के लिए संसद सदस्य रहे हैं (Member of Parliament for Richmond York). ब्रिटेन आम चुनाव 2024 में किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी और प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी आमने सामने थे (UK General Election 2024). सुनक को हराते हुए किएर स्टार्मर ने 650 सीटों में से 412 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की.
सुनक का जन्म 12 मई 1980 को साउथेम्प्टन, हैम्पशायर, इंग्लैंड में भारतीय पंजाबी हिंदू माता-पिता यशवीर और उषा सुनक के घर हुआ था (Rishi Sunak Date of Birth). वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं. उनके दादा-दादी अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में पैदा हुए थे. 1960 के दशक में पूर्वी अफ्रीका से अपने बच्चों के साथ यूके चले गए थे (Rishi Sunak Family Background).
सुनक ने विनचेस्टर कॉलेज में स्कूली शिक्षा हासिल की. उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र में फर्स्ट के साथ स्नातक कि. 2006 में, उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री प्राप्त की (Rishi Sunak Education).
सुनक ने अगस्त 2009 में भारतीय अरबपति, इंफोसिस के संस्थापक, एन. आर. नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की (Rishi Sunak Wife). वे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए मिले और उनकी दो बेटियां हैं (Rishi Sunak Daughters). अक्षता अपने पिता की निवेश फर्म कटमरैन वेंचर्स की निदेशक हैं.
सुनक एक ब्रिटिश भारतीय और हिंदू हैं, उन्होंने 2017 से हाउस ऑफ कॉमन्स में भगवद गीता पर शपथ ली है. ऋषि सुनक एक टीटोटलर हैं. वह पहले ईस्ट लंदन साइंस स्कूल के गवर्नर थे.
सुनक के भाई संजय मनोवैज्ञानिक हैं (Rishi Sunak Brother). उनकी बहन राखी संयुक्त राष्ट्र के फंड और कार्यक्रमों के प्रमुख के रूप में काम करती हैं (Rishi Sunak Sister).
ऋषि सुनक ने तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार के संसदीय अवर सचिव के रूप में कार्य किया. थेरेसा मे के इस्तीफा देने के बाद, सनक ने बोरिस जॉनसन के कंजरवेटिव नेता बनने के अभियान का समर्थक किया. जॉनसन ने प्रधान मंत्री नियुक्त होने के बाद, सनक को ट्रेजरी का मुख्य सचिव नियुक्त किया. चांसलर के रूप में, सुनक ने यूनाइटेड किंगडम में COVID-19 महामारी के आर्थिक प्रभाव के मद्देनजर सरकार की आर्थिक नीति पर प्रमुखता से काम किया (Rishi Sunak Political Career).
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने मुंबई के पारसी जिमखाना में क्रिकेट का आनंद लिया. टेनिस बॉल क्रिकेट के इस मैच में उन्होंने खुद को कई बार आउट होने से बचाया और क्लब की वर्षगांठ पर इसकी इतिहासिक विरासत की सराहना की.
JLF में अक्षता मूर्ति ने कहा कि मुझे एक किताब बहुत पसंद है, जिसमें एक प्रेमी जोड़े की कहानी है, जो कॉलेज में मिले थे. उन्होंने अपने पति ऋषि सुनक का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ऋषि और मैं मिले थे, उन्होंने आगे कहा कि मुझे खुशहाल अंत वाली कहानियां पसंद हैं. वहीं सुधा मूर्ति ने कहा कि मैं 74 साल की उम्र में भी आदर्शवादी हूं.
लेबर पार्टी के नेता किएर स्टार्मर के पीएम पद का कार्यभार संभालते ही भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की फिर से शुरू करने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा, 'हम अपनी यूके-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी की महत्वाकांक्षा को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.'
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी ने अपने परिवार के साथ बेंगलुरु के जयनगर में स्थित नंजनगुड श्री राघवेंद्र स्वामी मठ का दौरा किया. इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सांसद सुधा नारायण मूर्ति और नारायण मूर्ति भी मौजूद थे.
हमारे देश में कोई पॉलिटिशियन माफी क्यों नहीं मांगना चाहता है? क्षमायाचना करने में उसका क्या जाता है? सियासी इतिहास देखें तो लगेगा माफी कितना मुश्किल शब्द बन गया है या कहें तो हमारे सियासतदानों ने बना दिया है.
आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी की करारी हार के बाद पूर्व ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक पार्टी के पूर्व सांसदों को फोन कर माफी मांग रहे हैं. पार्टी के सदस्यों ने बताया कि वह सभी को फोन कर कह रहे हैं कि उन्हें बेहद दुख हैं.
ब्रिटेन चुनाव में ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को करारी शिकस्त मिली है. 2010 से ब्रिटेन की सत्ता पर काबिज कंजर्वेटिव पार्टी की जगह अब किएर स्टार्मर की लेबर पार्टी सत्ता चलाएगी. सुनक की पार्टी महज 121 सीटों पर सिमट गई. आखिर क्या हैं सुनक की हार के बड़े कारण? देखें ब्लैक & व्हाइट विश्लेषण.
ऋषि सुनक को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने उनकी पार्टी की हार पर संवेदना व्यक्त करने के साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान भारत-ब्रिटेन के बीच मजबूत संबंधों के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की. वहीं पीएम स्टार्मर को लिखे पत्र में जीत की बधाई दी.
ब्रिटेन में ऋषि सुनक के नेतृत्व में कंज़र्वेटिव पार्टी की ऐतिहासिक हार हुई है और विपक्षी लेबर पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है. 1997 के बाद, लेबर पार्टी की ये सबसे बड़ी जीत है. लेबर पार्टी के कीर स्टारमर अगले प्रधानमंत्री होंगे. लगातार 14 साल से सत्ता में रही कंजर्वेटिव पार्टी को इस बार इतनी करारी हार क्यों झेलनी पड़ी?
ब्रिटेन के आम चुनाव में ऋषि सुनक की अगुवाई वाली कंजर्वेटिव पार्टी को करारी हार मिली है. यहां 14 साल से सत्ता से बाहर लेबर पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की. इसके बाद ऋषि सुनक ने अपने विदाई भाषण में अपनी हार स्वीकार की. इस बीच सोशल मीडिया पर उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति का ड्रेस ट्रोलर के निशाने पर आ गया.
ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन हो चुका है. 14 साल बाद लिबरल पार्टी ने कंजरवेटिव पार्टी को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. किएर स्टार्मर प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए तैयार हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है. देखें वीडियो.
10 डाउनिंग स्ट्रीट, वो जगह जो सन 1735 से ब्रिटिश प्रधानमंत्री का आधिकारिक सरकारी निवास है. इस काले दरवाजे के पीछे पिछले 275 सालों से ब्रिटेन और दुनिया को प्रभावित करने वाले फैसले लिए गए हैं. अब सवाल ये है कि ब्रिटेन में किएर स्टार्मर की प्रचंड जीत हिंदुस्तान के लिए कैसी है? परिवर्तन के नारे के साथ सत्ता में आए किएर स्टार्मर भारत के लिए कैसे रहेंगे? क्या उनका रुख भारत को लेकर ऋषि सुनक से अलग होगा, जो चुनाव हार गए हैं.
ब्रिटेन के आम चुनाव में ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी की करारी हार हुई है. 2010 से ब्रिटेन की सत्ता पर काबिज पार्टी की जगह अब किएर स्टार्मर की लेबर पार्टी सरकार चलाएगी. चुनाव के नतीजे आने के बाद चर्चा यही है कि सुनक की हार क्यों हुई? आइए ऋषि सुनक की हार के 4 बड़े कारण जानते हैं.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी आज हाथरस पहुंचे. वहां उन्होंने 'भोले बाबा' के सत्संग में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों और जख्मी लोगों से मुलाकात की. राहुल के इस दौरे पर कई सवाल भी उठा रहे हैं.
पिछले कुछ वर्षों से ब्रिटेन एक के बाद एक कई संकटों का सामना कर रहा है, जो सुनक सरकार की हार का सबसे बड़ा कारण हैं. इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण अर्थव्यवस्था है. देश निम्न विकास दर से जूझ रहा है और अन्य प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है. 2023 में, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में सिर्फ 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इस साल की शुरुआत में मंदी आ गई.
ब्रिटेन के आम चुनाव में Keir Starmer की लेबर पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है. हाउस ऑफ कॉमंस की 650 सीटों में से 641 सीटों के नतीजे आ चुके हैं. मुख्य विपक्षी पार्टी लेबर पार्टी ने 410 सीटें, जबकि कंज़र्वेटिव पार्टी ने 119 सीटें जीती हैं. इस बार कुछ भारतवंशी भी चुनावी मैदान में थे. वे जीते या हारे? तो सुनिए.
ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया है. अब ब्रिटेन को किएर स्टार्मर के रूप में अपना नया प्रधानमंत्री मिल गया है. स्टार्मर अपनी पत्नी के साथ अपने आधिकारिक आवास पहुंचे हैं.
लेबर पार्टी के कनिष्क नारायण वेल्स से जीत चुके हैं. इन्होंने अलुन केर्न्स को हराया है. नारायण, अल्पसंख्यक जातीय पृष्ठभूमि से वेल्स के पहले सांसद बने हैं. बता दें कि नारायण का जन्म मुज्जफ्फरपुर, बिहार में हुआ था.
किएर रॉडनी स्टार्मर (Keir Starmer) एक ब्रिटिश राजनेता और वकील हैं. चार बच्चों में से उनका भरण पोषण बेहद गरीब परिवार में हुआ. उनके पिता एक फैक्ट्री में टूल बनाने का काम करते थे.
ब्रिटेन में 14 सालों बाद लेबर पार्टी की सत्ता में वापसी हो रही है. अब किएर स्टार्मर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री होंगे. ऋषि सुनक के जाने और नई पार्टी के आने से ब्रिटेन की नीतियां बदलेंगी जिसका भारत पर भी असर होगा.
UK General Election 2024: प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की अगुवाई में चुनाव लड़ी कंजर्वेटिव पार्टी 119 सीटें ही जीत सकी है. प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हार स्वीकार करते हुए आम चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली है. इस चुनाव में भारतीय मूल के भी कई उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें एक नाम खुद ऋषि सुनक का है.