ऋतु माहेश्वरी
ऋतु माहेश्वरी (Ritu Maheshwari) उत्तर प्रदेश कैडर की 2003 बैच की आईएएस अधिकारी हैं (UP Cadre IAS Officer). यूपी में एक कुशल अधिकारी के तौर पर गिनी जाने वाली माहेश्वरी मौजूदा वक्त में नोएडा अथॉरिटी की सीईओ हैं (Ritu Maheshwari CEO Noida Authority). इससे पहले उन्हें गाजियाबाद की जिलाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था (Ritu Maheshwari Ex DM Ghaziabad). उनकी कार्यकुशलता को देखकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें नोएडा उनके मौजूदा पद पर स्थानांतरित किया.
रितु माहेश्वरी का जन्म 14 जुलाई 1978 को पंजाब में हुआ था (Ritu Maheshwari Age). उन्होंने इलेक्ट्रिक इंजिनियरिंग में स्नातक किया हैं (Ritu Maheshwari Education). इनके पति का नाम मयूर माहेश्वरी हैं. वह भी एक आईएएस अधिकारी हैं (Ritu Maheshwari Husband).
मई 2022 में भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक अदालती अवमानना मामले में माहेश्वरी इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश नहीं हुईं (Ritu Maheshwari Court Case). जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया (Ritu Maheshwari Non-Bailable Warrant) . इस वारंट से बचने के लिए नोएडा अथॉरिटी की CEO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायक की, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने रितु माहेश्वरी के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से जारी गैरजमानती वारंट पर अंतरिम राहत देने और रोक लगाने से इनकार कर दिया (Ritu Maheshwari Supreme Court Setback. हाई कोर्ट ने पुलिस से माहेश्वरी को 13 मई तक कोर्ट के सामने पेश करने का निर्देश दिया था.
Noida Authority: नोएडा अथॉरिटी में जालसाजी से जुड़ा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जालसाजों ने प्लानिंग के तहत एक एफडी से 200 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की. चार करोड़ रुपये निकाल भी लिए गए. इसके बाद 9 करोड़ और निकालने की तैयारी थी.
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने कहा है कि उन सभी किसानों को छह फीसदी आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएंगे जिनकी जमीन का अधिग्रहण साल 2016 से पहले किया गया था. साल 2016 के बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने भूमि अधिग्रहण के नियमों में बदलाव किया था जिसके बाद किसानों की जमीन सहमति के आधार पर केवल मुआवजे का भुगतान कर ली जा रही है.
नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वेतन से 10 हजार रुपये काटने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. ऋतु माहेश्वरी ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार करते हुए साफ कहा है कि 24 फरवरी को नियमित तरीके से सुनवाई होगी.
नोएडा की सोसायटियों में पालतू जानवरों के बढ़ते हमलों की घटनाओं पर नोएडा अथॉरिटी ने सख्त रुख अपनाया है. इस संबंध में कई अहम फैसले लिए. इसके तहत अब अगर कोई पालतू जानवर किसी को काट लेता है तो मालिक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा. साथ ही उसे जख्मी शख्स के इलाज का पूरा खर्च भी उठाना होगा.