सद्गुरु
सद्गुरु (Sadhguru) का पूरा नाम जगदीश "जग्गी" वासुदेव (Jagadish "Jaggi" Vasudev) है. वह भारतीय योग गुरु और आध्यात्मिक गुरु हैं. वह 1982 से दक्षिणी भारत में योग सिखा रहे हैं. 1992 में उन्होंने कोयंबटूर के पास ईशा फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक आश्रम और योग केंद्र संचालित करता है. साथ ही, शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन भी करत़ा है (Isha Foundation). सद्गुरु कई पुस्तकों के लेखक हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार वक्ता के तौर पर उनकी उपस्थिति रहती है (Sadhguru Books).
2017 में, उन्हें सामाजिक कल्याण में उनके योगदान के लिए भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण मिला (Sadhguru Padma Vibhushan).
2022 में, वासुदेव ने "मिट्टी को बचाने" के अभियान के लिए अपनी मोटरसाइकिल पर यूरोप और मध्य पूर्व में लंदन से 100 दिन, 30,000 किलोमीटर की यात्रा शुरू की (Sadhguru Save The Soil Journey).
उनका जन्म 3 सितंबर 1957 को मैसूर, कर्नाटक में हुआ था (Sadhguru Age). उनकी मां का नाम सुशीला वासुदेव है और उनके पिता का नाम बी.वी. वासुदेव है, जो एक मैसूर रेलवे अस्पताल के एक चिकित्सक थें (Sadhguru Parents). अपने पांच भाई-बहनों में वो सबसे छोटे हैं (Sadhguru Siblings).
तेरह साल की उम्र में,सद्गुरु ने मल्लादिहल्ली राघवेंद्र से प्रतिदिन योग की शिक्षा ली. उन्होंने प्रदर्शन स्कूल, मैसूर और महाजन प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज से पढ़ाई की. उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में स्नातक की डिग्री के साथ स्नातक किया (Sadhguru Education).
सद्गुरु ने 1984 में विजया कुमारी से शादी की (Sadhguru Wife) और 1990 में उनकी एक बेटी हुई. उनकी बेटी, राधे जग्गी, भरतनाट्यम नृत्यांगना हैं. उन्होंने 2014 में चेन्नई के शास्त्रीय गायक संदीप नारायण से शादी की (Sadhguru Daughter).
महाशिवरात्रि के मौके पर ईशा फाउंडेशन द्वारा महाउत्सव का आयोजन किया जा रहा है. इस उत्सव में कई दिग्गज शिरकत कर रहे हैं. इस समारोह में गृह मंत्री अमित शाह बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं.
कोयंबटूर स्थित आदियोगी प्रांगण में महाशिवरात्रि का भव्य मंच तैयार हो चुका है. इस साल का थीम 'कैलाश पर्वत' रखा गया है, जिसे आर्ट डायरेक्टर रुपिन ने खास तौर पर तैयार किया है. सद्गुरु की बेटी राधे जग्गी और वर्षों से बाबा आदियोगी की सेवा कर रहे स्वामी चित्ता ने इस महोत्सव की खासियत बताई. जर्मनी की ब्लाइंड सिंगर कैसमे भी संस्कृत श्लोकों के साथ भक्ति के इस महासंगम का हिस्सा बनीं.
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोयंबटूर स्थित आदियोगी प्रांगण में भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिल रहा है. सद्गुरु जग्गी वासुदेव की मौजूदगी में यह महोत्सव पूरी रात संगीत, नृत्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहेगा. विजय वर्मा, तनीषा मुखर्जी, बाइचुंग भूटिया और संग्राम चौगुले जैसी मशहूर हस्तियां भी इस भव्य आयोजन में शामिल हुई हैं.
महाशिवरात्रि के मौके पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु अपना मेडिटेशन ऐप मिरेकल ऑफ माइंड लॉन्च करने वाले हैं. बॉलीवुड अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी ने ईशा योगा सेंटर में इस ऐप के माध्यम से 7 मिनट मेडिटेशन किया और अपना अनुभव साझा किया.
सोशल मीडिया की ओर तेजी से बढ़ रही युवा जेनरेशन को लेकर सद्गुरु की बेटी राधे जग्गी ने कहा कि मौजूदा दौर में ये एक जरूरत बन गया है. सदगुरु स्वयं यूट्यूब और इंस्टाग्राम के जरिए लोगों से जुड़ रहे हैं. हालांकि, अपनी योग्यता को ध्यान में रखते हुए इसके सही इस्तेमाल का पता होना जरूरी है.
कंगना के अलावा फिल्म में अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं.
अगर आप वास्तु का अध्ययन करें, तो पहाड़ों में वास्तु मैदानी इलाकों के वास्तु से बहुत अलग है. कर्नाटक में वास्तु तमिलनाडु के वास्तु से अलग है. मौसम और तापमान के अनुसार, उन्होंने कुछ सामान्य दिशा-निर्देश दिए ताकि आप अपना घर समझदारी से बना सकें क्योंकि आपकी मदद करने के लिए कोई आर्किटेक्ट नहीं था.
जब से संसद शुरू हुई है, तभी से ये सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया है. कभी अडानी तो कभी संभल मुद्दे के बीच अब जॉर्ज सोरोस का मुद्दा भी आ गया है. इस बीच विपक्ष राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है. हालांकि, इस प्रस्ताव के इस सत्र में पेश होने की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि 20 दिसंबर को सत्र खत्म हो जाएगा.
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा कि यह देखना काफी निराशाजनक और दुखद है कि किस तरह एक लोकतांत्रिक देश बिखरकर निरंकुश होता जा रहा है. यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह एक खुले लोकतंत्र के मूल्यों को समझें. धर्म के आधार पर उत्पीड़न किसी भी लोकतंत्र में सही नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट से सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने दो महिलाओं को कथित तौर पर बंधक बनाने के मामले में ईशा फाउंडेशन के खिलाफ हाईकोर्ट में चल रही कार्रवाई बंद करने का फैसला किया है.
‘सत्य’ शब्द का इस्तेमाल कई तरीकों से किया गया है और ज्यादातर लोग सोचते हैं कि सत्य दूसरी दुनिया की कोई चीज है तो आखिर सत्य क्या है? इसे इस तरह से देखें: जीवन के किसी भी क्षेत्र में जो सचमुच काम करता है, वह सत्य है.
बांग्लादेश हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ईशा फाउंडेशन के संस्थापक जग्गी वासुदेव ने कहा कि हिंसा को तुरंत रोकने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भारत को केवल सीमाओं के तर्क से नहीं बल्कि 75 सालों से ज्यादा पुरानी सभ्यता की वास्तविकताओं से बंधा होना चाहिए.
हाल में खबर आई थी कि NCERT की कमेटी ने सिफारिश की है कि स्कूल की सभी किताबों में 'इंडिया' की जगह 'भारत' लिख दिया जाना चाहिए. सद्गुरु के नाम से प्रसिद्ध जगदीश वासुदेव ने इस खबर रिट्वीट कर इसका समर्थन किया था. उनके इसी पोस्ट पर दो जाने माने यूट्यूबर भिड़ गए हैं.
आज जब समाज आर्थिक खुशहाली, आराम और टेकनॉलोजी के ऊंचे से ऊंचे स्तर में विकसित हो रहे हैं, हर संभव किस्म की सुविधाएं, जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, आज उपलब्ध हैं. लेकिन फिर भी खुशहाली नहीं आई है. मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे दुनियाभर में ऐसे बढ़ रहे हैं कि यह अब व्यक्तिगत अनुभव नहीं रह गया है - यह सामाजिक अनुभव बन गया है.
किसी मनुष्य में सत्य को खोजने की लालसा ऐसी चीज नहीं है, जिसे लोगों को सिखाया गया है. मानव बुद्धिमत्ता के लिए सर्वोच्च को खोजना स्वाभाविक बात है. गौतम बुद्ध ने एक बौद्ध भिक्षु को यह सीख देने के लिए एक वेश्या के पास भेज दिया था. पढ़िए, सद्गुरु का यह लेख...
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो इन हस्तियों के पुराने वीडियोज को एडिट करके बनाए गए हैं. इनमें एडिटिंग के जरिये असली ऑडियो हटा दिया गया है और उसकी जगह जोड़ों के दर्द की दवा कर प्रचार करने वाला ऑडियो लगाया गया है.
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पचास वर्षों में धरती पर मेरुदंडी आबादी का सत्तर फीसदी हिस्सा खत्म हो चुका है. दुनिया में अस्सी प्रतिशत कीट बायोमास खत्म हो गया है. यह सचमुच जीवन की मृत्यु है. "ठीक है, अगर कीड़े मर जाते हैं, तो हमें क्या परेशानी है? वैसे भी हमें कीड़े पसंद नहीं हैं!"
सद्गुरु ने लोगों से महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को सोशल मीडिया पर ब्लॉक करने की अपील की है. ईशा फाउंडेशन के संस्थापक की अपील ऐसे समय में आई है जब लगातार विभिन्न पार्टी के राजनीतिक हस्तिओं द्वारा महिला नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है.
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ब्रेन सर्जरी के बाद तेजी से रिकवर हुए. 15 मार्च को सद्गुरु का एमआरआई स्कैन हुआ था, जिसमें उनके ब्रेन में बड़े पैमाने पर ब्लीडिंग देखने को मिली थी.
दुनियाभर में मशहूर आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव (सद्गुरु) की इमरजेंसी ब्रेन सर्जरी की खबर ने हर किसी को चौंका दिया. सद्गुरु को ब्रेन ब्लीडिंग (ब्रेन हेमरेज) की वजह से सर्जरी से गुजरना पड़ा. आइए जानते हैं कि ब्रेन ब्लीडिंग क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और ये कितनी खतरनाक कंडीशन है. देखें वीडियो.
सिर दर्द से पीड़ित सद्गुरु वासुदेव जग्गी की हाल ही में ब्रेन सर्जरी की गई है. सद्गुरु ने एक वीडियो शेयर करते हुए अपनी हेल्थ अपडेट दी है. वहीं कंगना रनौत ने X पर सद्गुरु का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- जब से मुझे राधे से इसके बारे में पता चला, मैं स्तब्ध हूं.