साहित्य आज तक- भारतीय भाषा, साहित्य, कला और मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा मेला है. भारत के सबसे तेज और सबसे बड़े हिंदी न्यूज चैनल 'आज तक' द्वारा हर साल सजने वाला यह महाकुंभ एक बार फिर सज रहा है. इस वर्ष 'साहित्य आज तक' कोलकाता में 17 और 18 फरवरी को आयोजित हो रहा है. गीत, संगीत, शायरी, कविता, नाटक, विचार, विमर्श और चिंतन के दिग्गजों से गुलजार इस महासंगम के पीछे 'आज तक' का उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और आम जनता को भारतीय भाषा, कला, संगीत और संस्कृति से सीधे जोड़ना है.
'आज तक' की ख़बरों की तरह ही साहित्य भी जन-जन तक पहुंचे, हमारा यही प्रयास है. साहित्य के इस महाकुंभ 'साहित्य आज तक' के दौरान इन दो दिनों में देश-दुनिया में मशहूर कवि, लेखक, कलाकार, संगीतकार, नाटककार, अभिनेता, रंगकर्मी, चिंतक और विचारक एक जगह, एक साथ इकट्ठा होंगे.
'साहित्य आज तक' में साहित्य के साथ ही होगा सुर, सजेगी संगीत की महफिल, होगा चिंतन, विचार और सार्थक संवाद भी...
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2024 खिताब जीत लिया है. हार के बाद हैदराबाद टीम की CEO काव्या मारन भावुक हो गईं. उनकी आंख से आंसू छलक पड़े.
Kolkata Sahitya AajTak 2024: पौराणिक कथाकार, लेखक और वक्ता देवदत्त पटनायक ने अपने अनुभव साझा किए. पटनायक ने पौराणिक कथा बनाम मिथ्या और उपन्यास बनाम आख्यान पर कई जरूरी बातें बताई. सत्य क्या है इस सवाल के जवाब में लेखक ने कहा कि जब आप ये जानते हो कि आपके बिना भी दुनिया चलेगी. आप रहें न रहें ये दुनिया चलती रहेगी. यही सत्य है.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुए 'साहित्य आजतक' के कार्यक्रम में अमरनाथ शर्मा ने कहा कि बिना पढ़े ठीक साहित्य नहीं रचा जा सकता है, अगर साहित्यकार दुनिया को समझेगा नहीं, तो क्या लिखेगा. आज का सबसे बड़ा संकट है कि हमारे अंदर की संवेदनाएं खत्म हो रही हैं.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आज से साहित्य आजतक की शुरुआत हो गई है. इस दौरान अनुवाद जैसे अहम मुद्दे पर भी चर्चा रखी गई. अनुवाद जरूरी है... क्योंकि? इसपर साहित्य आजतक के मंच पर लेखिका सत्या उपाध्याय और मधु कपूर ने विस्तार से चर्चा की.
कोलकाता में साहित्य आजतक के मंच पर कोलकाता में मुशायरा का भी मंच सजाया गया. इस दौरान मशहूर शायर वसीम बरेलवी भी पहुंचे. कोलकाता की रहने वालीं शायर जरीना जरीन ने इस मंच से कुछ इस तरह की पंक्तियां कहीं, "
Kolkata Sahitya AajTak 2024: 'साहित्य आजतक 2024' का मंच एक बार फिर कोलकाता में सज गया है. दूसरे दिन उस्ताद राशिद खान को स्वरांजलि दी गई. कार्यक्रम में उस्ताद राशिद खान के बेटे अरमान खान शामिल हुए और बंदिशों और संगित के जरिए उन्हें याद किया.
Sahitya Aaj Tak Kolkata 2024: हिंदी साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक कोलकाता 2024' के दूसरे दिन मंच पर वसीम बरेलवी, फरहान एहसास, नवाज देवबंदी, अज़हर इक़बाल, डॉ. शाहिद फ़रोग़ी, शायर, डॉ. जरीना जरीन मौजूद रहीं. मशहूर शायरों ने यहां कैसे समां बांधा. देखें.
Sahitya Aaj Tak Kolkata 2024: हिंदी साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक कोलकाता 2024' के दूसरे दिन 'आओ कविता सुनें...' सेशन हुआ. जिसमें प्रतिष्ठित कवियों और कवयित्री ने शिरकत की. आजतक के मंच पर देखें कवितापाठ.
Sahitya Aaj Tak Kolkata 2024: हिंदी साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक कोलकाता 2024' के दूसरे दिन हिंदी साहित्य के लेखक और क्रिटिक अमरनाथ शर्मा, ऋषि भूषण चौबे और कवि प्रियंकर पालीवाल शामिल हुए. 'समय और साहित्य पर संकट' सेशन में समय के सापेक्ष साहित्य पर संकट विषय़ पर चर्चा की. देखें
Kolkata Sahitya AajTak 2024: 'साहित्य आजतक 2024' का मंच एक बार फिर कोलकाता में सज गया है. दूसरे दिन 'अनुवाद जरूरी है... क्योंकि?' सेशन में लेखिका सत्या उपाध्याय और मधु कपूर ने शिरकत की. दोनों ने आदर्श अनुवाद की प्रक्रिया और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की. देखें ये वीडियो.
Kolkata Sahitya AajTak 2024: 'साहित्य आजतक 2024' का मंच एक बार फिर कोलकाता में सज गया है. पहले दिन कवि सेराज खान बातिश, रामनाथ बेखबर, प्रमोद शाह नफीस, ज्ञान प्रकाश पांडे, रावेल पुष्प कवयित्री रश्मि खेरिया ने शिरकत की. सभी ने दर्शकों को बेहतरीन कविताएं और गजलें सुनाईं. देखें ये वीडियो.
Kolkata Sahitya AajTak 2024: शब्द-सुरों के महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2024' का कोलकाता में आज आगाज हो गया. दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में पहले दिन पौराणिक कथाकार, लेखक और वक्ता देवदत्त पटनायक ने अपने अनुभव साझा किए. पटनायक ने पौराणिक कथा बनाम मिथ्या और उपन्यास बनाम आख्यान पर कई जरूरी बातें बताई. देखें वीडियो.
Sahitya AajTak Kolkata 2024: साहित्य आजतक कोलकाता 2024 के दूसरे दिन बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने शिरकत की, उन्होंने साहित्य के मंच पर बताया कि आखिर वो सिंगर कैसे बने. इसके साथ उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया.
Sahitya AajTak Kolkata 2024 में बॉलीवुड सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने भी अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुड़े कई राज खोले. अभिजीत ने बताया कि उन्हें सिंगिंग करियर की शुरुआत में स्ट्रगल करना पड़ा था. लेकिन फिर उनकी गायकी सुनने के बाद लेजेंडरी म्यूजिक डायरेक्टर आरडी बर्मन ने उन्हें बड़ा ब्रेक दिया था.
बातचीत में शैलेश ने एनिमल फिल्म पर कटाक्ष किया. संदीप रेड्डी वांगा के डायरेक्शन में बनी फिल्म एनिमल में उन्होंने रणबीर के कैरेक्टर रणविजय को अल्फा मेल बताया था. फिल्म रिलीज के बाद इस पर काफी बहस चली. इस पर तंज कसते हुए शैलेश ने कहा कि आजकल ये बहुत चला है कि अल्फा मेल रोता नहीं है. किसने कहा भाई, रोना चाहिए.
Sahitya Aaj Tak Kolkata 2024: हिंदी साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक कोलकाता 2024' के दूसरे दिन सिंगर, गीतकार, एक्टर और कवि स्वानंद किरकिरे ने शिरकत की. 'मोंटा रे' सेशन में स्वानंद किरकिरे ने अपने फेमस गाने सुनाए साथ ही अपनी लाइफ और जर्नी पर भी बात की. देखें.
शत्रुघ्न सिन्हा आजतक साहित्य का हिस्सा बने, जहां उन्होंने साहित्य की बात तो की ही, साथ ही अपने करियर, स्ट्रगल और परिवार को लेकर बात की. शत्रुघ्न ने बेटी सोनाक्षी के जन्म का किस्सा भी सुनाया. इसी के साथ बातचीत में शत्रुघ्न ने अमिताभ और धर्मेंद्र के संघर्ष पर भी कई रेवेलेशन किए. शत्रुघ्न ने ऑडियन्स की डिमांड पर कई फेमस डायलॉग्स भी सुनाए.
Sahitya Aaj Tak Kolkata 2024: हिंदी साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक कोलकाता 2024' के दूसरे दिन मंच पर टीवी एक्टर और कवि शैलेश लोढ़ा ने शिरकत की. 'रिश्तों का कवि' सेशन में शैलेश ने इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. देखें
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुए 'साहित्य आजतक' के कार्यक्रम में उस्ताद राशिद अली खान के बेटे अरमान ने कहा कि लोग मेरी और पापा की तुलना करने लगते हैं लेकिन राशिद खान अलग हैं, उनके जैसा कोई बन नहीं सकता है.
'साहित्य आजतक कोलकाता 2024' के दूसरे दिन सिंगर, गीतकार, एक्टर और कवि स्वानंद किरकिरे ने कई चीजों पर बात की. उन्होंने बताया कि वो फिल्म इंडस्ट्री में डायरेक्टर बनने आए थे, लेकिन बन गए सिंगर. आज के समय में उनकी गीत, लोगों तक पहुंचे और पॉपुलर हुए, उसके लिए वो शुक्रगुजार हैं.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुए 'साहित्य आजतक' के कार्यक्रम में 'आओ कविता सुनें' सेशन हुआ, जिसमें हिंदी के कई जाने-माने कवि और गीतकार शामिल हुए. कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए श्रोताओं का मन मोह लिया.