श्री सम्मेद शिखरजी
श्री सम्मेद शिखरजी (Shri Sammed Shikharji), भारत के झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले में एक तीर्थ स्थल है. यह झारखंड राज्य के सबसे ऊंचे पर्वत पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित है. यह सबसे महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थल है. माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां चौबीस जैन तीर्थंकरों में से बीस भिक्षुओं को मोक्ष प्राप्त हुआ था (Jain Tirth, Shikharji).
दिल्ली-कोलकाता राजमार्ग ग्रैंड ट्रंक रोड से लगभग 4,480 फीट तक फैला हुआ यह स्थल NH-2 पर स्थित है (Shikharji Loction).
शिखरजी को सम्मेद शिखर यानी "एकाग्रता का शिखर" भी कहा जाता है. शब्द "पारसनाथ" तेईसवें जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ से लिया गया है, जो उन लोगों में से एक थे जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने इस स्थल पर मोक्ष प्राप्त किया था. ज्ञानीधर्मकथा के अनुसार, तीर्थ के रूप में शिखरजी का सबसे पहला संदर्भ जैन धर्म के बारह मुख्य ग्रंथों में से एक है. शिखरजी का उल्लेख पार्श्वनाथचरित में भी किया गया है, जो कि बारहवीं शताब्दी में पारिवा की जीवनी है (Shikharji History).
जैनियों ने राज्य सरकार की पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना का विरोध करते हुए शिखरजी बचाओ आंदोलन (Save Shikharji Movement) किया. आंदोलन का नेतृत्व युगभूषण सूरी (Yugbhushan Suri) ने किया था, और शिखरजी हिल को झारखंड सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर पूजा स्थल के रूप में घोषित करने की मांग की थी. 26 अक्टूबर 2018 को, झारखंड सरकार ने शिखरजी पहाड़ी को 'पूजा स्थल' घोषित करते हुए एक आधिकारिक ज्ञापन जारी किया (Government of Jharkhand declared the Shikharji hill as a 'place of worship').
सम्मेद शिखरजी के लिए जैन समाज सद्भावना यात्रा शुरू करने जा रहा है. यह यात्रा 5 फरवरी से शुरू होगी. वहीं 7 मार्च को कल्याणकारी योजनाओं के शुभारंभ के साथ मधुबन में इसकी समाप्ती होगी. यात्रा में देशभर के 2 लाख से अधिक जैन समुदाय के लोगों की शामिल होने की संभावना है.
दिल्ली में जेएमएम नेता लोबिन हेंब्रम के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश की. दरअसल, कुछ दिन पहले जेएमएम नेता लोबिन हेंब्रम ने पारसनाथ में रैली की थी. इस दौरान भाषण में कहा था कि जैन धर्म गुरु गांवों बिना कपड़ों के जाते हैं. इससे गांववाले अपमानित महसूस करते हैं. देखें वीडियो.
झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ की पहाड़ियों पर हजारों की संख्या आदिवासी में पहुंचे. ये लोग पारंपरिक हथियारों और ढोल नगाड़ों के साथ आए थे. इन लोगों का कहना था कि ये पहाड़ियां उनकी आस्था से जुड़ी हैं. इसलिए इसे खाली कराया जाए. आदिवासियों का कहना था कि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो आंदोलन करेंगे.
झारखंड के गिरिडीह में पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी को लेकर जारी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. क्योंकि अब आदिवासी समुदाय ने दावा किया है कि पूरा पारसनाथ पहाड़ हमारा है. इतना ही नहीं, पूर्व सांसद और आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासी विरोधी सरकार है.
दुनिया के सबसे प्राचीन जैन धर्म का संस्थापक ऋषभदेव को माना जाता है, जो जैन धर्म के पहले तीर्थंकर थे. वे भारत के चक्रवर्ती सम्राट भरत के पिता थे. वेदों में प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ का उल्लेख मिलता है. ऋषभदेव (आदिनाथ) ने अष्टपद पर्वत (कैलाश पर्वत) से मोक्ष की प्राप्ति की थी. इसी तरह, तीन अन्य तीर्थंकरों ने अलग-अलग जगहों से मोक्ष प्राप्त किया.
हफ्तों से जारी जैन समुदाय के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. झारखंड में स्थित जैन समाज के पवित्र स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के फैसले पर केंद्र ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. इतना ही नहीं केंद्र ने इस मसले पर एक कमेटी बनाने का फैसला भी किया है, जिसमें जैन समाज के 2 और स्थानीय जनजातीय समुदाय का 1 सदस्य शामिल किया जाएगा.
केंद्र सरकार ने श्री सम्मेद शिखर जी के आसपास पर्यटन क्षेत्र बनाने पर रोक लगा दी है. इसके अलावा एक कमेटी बनाने की भी घोषणा की है, जिसमें जैन समाज से दो और स्थानीय जनजातीय शामिल होंगे. यह कमेटी इको सेंसिटिव जोन की भी निगरानी करेगी. देखें पूरी रिपोर्ट.
आज हल्द्वानी में अतिक्रमण के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने वहां के लोगों को एक बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन 50 हजार लोगों ने रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है, उन्हें सरकार रातों-रात उनके घरों से नहीं निकाल सकती. इसी मुद्दे पर पूरा विश्लेषण देखें ब्लैक एंड व्हाइट में.
देश भर में जैन समाज श्री सम्मेद शिखर जी को लेकर गुस्से में है. जैन समुदाय के लोग रैली निकालकर झारखंड सरकार के श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित करने के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर मुंबई में भी जैन समुदाय ने महासभा की और झारखंड सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. देखें ये रिपोर्ट.
झारखंड समेत देश भर में सम्मेद शिखर की पवित्रता को अक्षुण रखने के लिए जैन समाज आंदोलन कर रहा है. 2019 में केंद्र ने नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें पारसनाथ सेक्टर को इको सेंसेटिव जोन बनाने का उल्लेख था. इससे जैन समाज में उबाल है. उनका कहना है कि इससे पवित्रता भंग होने की संभावना है. देखें ये रिपोर्ट.
पवन खेड़ा ने कहा कि एक ओर राहुल गांधी देश के सभी लोगों को जोड़ने के लिए ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, दूसरी ओर बीजेपी नफरत का जहर फैला रही है. भारत की आर्थिक प्रगति में जैन धर्म का बहुत योगदान है, लेकिन बीजेपी-आरएसएस ने जैन समाज को चोट पहुंचाई है.
पूरे देश भर में जैन समाज श्री सम्मेद शिखर जी को लेकर गुस्से में है. लोग रैली निकालकर झारखंड सरकार के पर्यटन स्थल घोषित करने के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसी संबंध में जैन समाज ने झारखंड के राज्यपाल को पत्र लिखकर श्री सम्मेद शिखर जी को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की है. देखें वीडियो.
झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है. सम्मेद शिखरजी जैन समाज का पवित्र तीर्थस्थल है.
झारखंड में श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल में तब्दील करने के फैसले पर बवाल मच गया है. देशभर में जैन समाज गुस्से में हैं. मुंबई में सोरेन सरकार के फैसले के खिलाफ लोग सड़क पर उतर आए हैं. जैन समाज अपनी आस्था के केंद्र को दूषित न किए जाने की मांग कर रहा है. देखें ये वीडियो.
झारखंड में पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी को लेकर हंगामा बढ़ता जा रहा है. जैन समाज के इस तीर्थ को पिछले दिनों राज्य सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित कर दिया. इसके बाद से यहां कई ऐसे वाकये सुनाई पड़े, जो धर्मस्थल की पवित्रता के मुताबिक नहीं हैं. अब इसी बात को लेकर जैन समुदाय अड़ गया है कि सरकार उनके तीर्थ को टूरिस्ट स्पॉट न बनाए.
Sammed Shikhar Row: सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के फैसले के खिलाफ जैन धर्मावलंबियों का देशभर में प्रदर्शन चल रहा है. इसी बीच बीते रोज खबर आई कि सरकार के फैसले के खिलाफ अनशन पर बैठे जैन मुनि सुयोग्यसागर महाराज ने अपने प्राण त्याग दिए. उन्होंने बीते 8 दिन से कुछ भी खाया-पिया नहीं था.
झारखंड में श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल में तब्दील करने के फैसले पर जैन समाज में आक्रोश है. देशभर में जैन समाज के लोग सड़कों पर उतरकर झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. गुजरात के सूरत और वडोदरा में भी जैन समुदाय के लोग सड़क पर उतरे और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया. देखें गुजरात की बड़ी खबरें.
Rajasthan News: सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के खिलाफ अनशन पर बैठे जैन मुनि सुज्ञेय सागर ने अपने प्राण त्याग दिए हैं. जयपुर के सांगानेर में मुनि बीते 25 दिसंबर से अनशन पर थे. मंगलवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.
Sammed Shikharji Controversy: झारखंड सरकार ने जैन समाज के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्रीसम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाने का फैसला किया है. जैन समाज के लोग देशभर में सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं. दिल्ली में आमरण अनशन भी शुरू हो गया था लेकिन बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के आश्वासन के बाद फिलहाल उसे टाल दिया गया है.
झारखंड में स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध बढ़ता जा रहा है. इस पर रविवार को मुंबई, अहमदाबाद और दिल्ली में जैन समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. जैन समाज के लोग दिल्ली के प्रगति मैदान और इंडिया गेट पर इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों के एक डेलिगेशन ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन दिया है. देखें ये वीडियो.
श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल में बदलने का फैसला वापस लेने की मांग के लिए दिल्ली समेत देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच गुजरात के पलीताणा में जैन मंदिर में भी तोड़फोड़ हुई थी, इन दोनों मामलों को लेकर मुंबई में जैन समाज सड़कों पर है.