कांग्रेस के पूर्व नेता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) ने दोबारा शिवसेना का दामन थाम लिया. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 (Assembly Election 2024) में पार्टी ने उन्हें दिंडोशी सीट से उम्मीदवार बनाया. इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
वह एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए. उनके साथ कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी शिवसेना में शामिल हुए थे. संजय मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष हैं.
निरुपम ने राज्यसभा में सांसद के रूप में दो कार्यकाल दिए, पहले शिवसेना के सदस्य के रूप में और फिर कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में उन्होंने 2009 से 2014 तक उत्तर मुंबई लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.
4 अप्रैल 2024 को उन्हें पार्टी अनुशासनहीनता के लिए कांग्रेस ने 6 साल के लिए निलंबित कर दिया. जिसके बाद, उसी दिन, उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए.
संजय निरुपम का जन्म 6 फरवरी 1965 को हुआ था. वह लोक लेखा समिति (पीएसी) और वित्त समिति जैसी संसदीय समितियों के सदस्य थे. उन्होंने संसद में कांग्रेस पार्टी के लिए 2013-14 के बजट बहस की शुरुआत की. वह एआईसीसी के सचिव थे और बिहार राज्य के प्रभारी सचिव भी रहे. 2014 के लोकसभा चुनाव में संजय निरुपम बीजेपी उम्मीदवार गोपाल शेट्टी से हार गए थे. उन्हें 2015 में मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था.
वह 2008 में बिग बॉस में प्रतियोगी भी रहे हैं.
शिवसेना नेता संजय निरुपम और उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता संजय राउत ने सैफ अली खान के गहरे जख्म के इतनी जल्दी ठीक होने पर हैरानी जता रहे हैं. संजय निरुपम ने तो पकड़े गए बांग्लादेशी आरोपी को लेकर ही सवाल उठा दिया है. निरुपम ने आशंका जताई है कि सीसीटीवी में दिख रहा आरोपी और पकड़े गए बांग्लादेशी आरोपी का चेहरा एक जैसा क्यों नहीं दिखता.
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान उन पर हुए हमले के बाद मंगलवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं. जिसके बाद वो पहली बार मीडिया और प्रशंसकों के सामने आए. इस दौरान अभिनेता ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया. हालांकि, सैफ अली खान को लेकर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सवाल उठाए हैं.
शिवसेना (शिंदे) लीडर संजय निरुपम ने सवाल उठाते हुए कहा, "2.5 इंच का चाकू घुसा, ऑपरेशन हुआ लेकिन अस्पताल से सैफ उछलते-कूदते हुए निकले. 4 दिन में कोई इतना ठीक हो सकता है क्या?"
शिवसेना (शिंदे) लीडर संजय निरुपम ने सवाल उठाते हुए कहा, "2.5 इंच का चाकू घुसा, ऑपरेशन हुआ लेकिन अस्पताल से सैफ उछलते-कूदते हुए निकले. 4 दिन में कोई इतना ठीक हो सकता है क्या?"
राज ठाकरे के लिए तो सबसे खराब बात ये रही कि उनके बेटे अमित ठाकरे अपना पहला ही चुनाव हार गये, और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की वजह से उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने अपनी सीट बचा ली.
महाराष्ट्र के पिंपरीपाड़ा में भी विधानसभा चुनाव के दौरान हंगामा हुआ है. शिवसेना के ढोंढ़सी से उम्मीदवार संजय निरुपम ने आरोप लगाया है कि इस इलाके की कुछ मुस्लिम महिलाएं उन्हें वोट देना चाहती थीं, लेकिन इलाके के मर्द महिलाओं को वोट देने नहीं दे रहे थे. इसके बाद संजय निरुपम इलाके में पहुंचे और उन्होंने हंगामा किया. संजय निरुपम ने वहां कई दुकानें बंद करा दी. VIDEO
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश दिया है. उनका कहना है कि 'एकजुटता में ही ताकत' होती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम बिखर जाते हैं तो हम कमजोर हो जाते हैं.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आगामी चुनावों के लिए 20 और उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिनमें संजय निरुपम को दिंडोशी से और मिलिंद देवड़ा को वर्ली से उतारा गया है. आदित्य ठाकरे की चुनौती का सामना करने के लिए मिलिंद देवड़ा शिवसेना का एक बड़ा चेहरा बन सकते हैं.
महाराष्ट्र में वरिष्ठ नेता शरद पवार ने यह कहकर महाविकास आघाड़ी में सीएम पद की दौड़ पर विराम लगा दिया कि मुख्यमंत्री पद का फैसला संख्याबल के आधार पर होगा. उन्होंने यह बात भले ही गठबंधन के लिए कही हो, लेकिन उनका यही फॉर्मूला सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के सबसे बड़े दल भाजपा के लिए समाधानकारक हो सकता है. देखें वीडियो.
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे को लेकर दिए शंकराचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं शंकराचार्य से कहना चाहता हूं, आप धर्म और अध्यात्म पर बोलते हैं और हमारा मार्गदर्शन करते हैं. आप हमारे धार्मिक गुरु हैं, लेकिन राजनीति पर मत बोलिए. यह उनका फील्ड नहीं है.
महाराष्ट्र की राजनीति में संजय निरुपम को नया ठिकाना मिल गया है. कांग्रेस से बर्खास्त संजय निरुपम ने सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना का दामन थाम लिया है. निरुपम ने 2005 में कांग्रेस का दामन थामा था, ऐसे में करीब 2 दशक बाद उनकी शिवसेना में वापसी हो रही है. देखें मुंबई मेट्रो.
मुबंई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम आज शिवसेना में शामिल हो गए हैं. संजय ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना का दामन थामा. दरअसल संजय निरुपम ने अविभाजित शिवसेना से ही अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी. संजय निरुपम ने साल 2005 में कांग्रेस का दामन थामा था ऐसे में करीब 2 दशक बाद संजय निरुपम की शिवसेना में वापसी हो रही है.
कांग्रेस के पूर्व नेता संजय निरुपम ने शिवसेना का दामन थाम लिया है. वह एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए. इस दौरान सीएम शिंदे ने कहा कि मैं संजय निरुपम का शिवसेना में स्वागत करता हूं. उनके साथ कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी शिवसेना से जुड़े हैं.
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम के जल्द ही शिवसेना में शामिल होने का ऐलान किया है. दरअसल संजय निरुपम ने अविभाजित शिवसेना से ही अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी. संजय निरुपम ने साल 2005 में कांग्रेस का दामन थामा था ऐसे में करीब 2 दशक बाद संजय निरुपम की शिवसेना में वापसी हो रही है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को शिवसेना के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा, 'संजय निरुपम जल्द ही शिवसेना में शामिल होंगे.'
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे पर संजय निरुपम का रिएक्शन आया है. उन्होंने लवली के इस्तीफे का कारण लोकसभा चुनाव में गलत गठबंधन और हाईकमान का अहंकार बताया है.
इधर तमाम राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रचार में जुटे हैं. उधर महाराष्ट्र की सियासत में कथित 'खिचड़ी घोटाला' चर्चा में है. पूर्व कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने जिस अमोल कीर्तिकर को मुंबई उत्तर पश्चिम सीट उम्मीदवार बनाया है, वह 'खिचड़ी चोर' है. इसके बाद ये मामला चर्चा में आ गया.
संजय निरुपम ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा कि संजय राउत खिचड़ी घोटाले के किंग पिन हैं. संजय राउत ने भाई और पत्नी के नाम पर इस घोटाले का पैसा लिया. बेटी के नाम पर चेक लिया. दलाली के रूप में 1 करोड़ रुपये लिए गए. संजय राउत पर मामला दर्ज करके गिरफ्तार किया जाए. इसके बाद उन्हें समझ में आएगा कि गरीबों के पेट पर लात मारने से क्या होता है.
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पार्टी के बड़े नेता संजय निरुपम के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया था. संजय निरुपम के खिलाफ ये एक्शन पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण लिया गया था.
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बैक टू बैक तीन बड़े झटके लगे हैं. बॉक्सर विजेंदर सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं. वहीं, गौरव वल्लभ का कहना है कि जिस कांग्रेस पार्टी के साथ वो थे, वैसी कांग्रेस पार्टी अब नहीं रही. संजय निरुपम ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. देखें वीडियो.
24 घंटे के अंदर कांग्रेस के 3 कद्दावर लोगों ने पार्टी छोड़ दी है. बॉक्सर विजेंदर सिंह, पूर्व सांसद संजय निरूपम और प्रवक्ता गौरव वल्लभ का पार्टी छोड़ना पार्टी के लिए बहुत बड़ा सेटबैक है. ऐन चुनाव के मौके पर इन नेताओं का पार्टी से मुंह मोड़ना पार्टी के नेतृत्व की कमजोरियों को उजागर करता है. गौरव वल्लभ और संजय निरूपम दोनों ने पार्टी के उन अंतर्विरोधों की चर्चा की है जिसके चलते उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी . हालांकि दोनों ने कोई नई बात नहीं बताई है. कांग्रेस से जाने वाले कई सालों से वही बात दुहरा रहे हैं पर कोई एक्शन होता नहीं दिखता है. अब तो सोशल मीडिया में लोग यह भी कहने लगे हैं हैं कि इस तरह तो कांग्रेस में केवल गांधी परिवार ही बचेगा.