संजय निषाद (Sanjay Nishad) योगी आदित्यनाथ मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री हैं. वे 2021 से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हैं. उन्होंने 2016 में निषाद पार्टी की स्थापना की और उसके अध्यक्ष बने.
संजय निषाद का जन्म 7 जून 1965 को गोरखपुर के चौमुखा में एक निषाद परिवार में हुआ था. उन्होंने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी का कोर्स किया. संयज इस कोर्स को चिकित्सा के रूप में मान्यता दिलाने के लिए संघर्ष शुरू किया और 2002 में पूर्वांचल मेडिकल इलेक्ट्रो होम्योपैथी एसोसिएशन की स्थापना की और इसके अध्यक्ष बने. निषाद पार्टी बनाने से पहले उन्होंने एक दशक तक गोरखपुर के गीता वाटिका रोड पर एक क्लीनिक भी चलाया.
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने मंच से पुलिस को धमकी दी. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने हीला-हवाली की तो दरोगा का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा देंगे. मंत्री ने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे और दरोगा को जेल में डलवा देंगे. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने मंच से पुलिस को धमकी दी. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने हीला-हवाली की तो दरोगा का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा देंगे. मंत्री ने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे और दरोगा को जेल में डलवा देंगे. देखें.
यूपी के मंत्री संजय निषाद खुले मंच से सार्वजनिक तौर पर पुलिस अधिकारियों को धमकियां देते नजर आए हैं. मंत्री संजय निषाद ने आधा दर्जन दारोगा के हाथ-पैर तुड़वाने का दावा भी कर डाला. क्या है पूरा मामला और संजय निषाद क्या बोले? देखिए वीडियो.
सुल्तानपुर पहुंचे मंत्री संजय निषाद ने आरोप लगाया कि उनके समुदाय के कई लोगों को फर्जी केस में फंसाया गया है. उन्होंने पुलिसवालों से कहा कि हमारे लड़कों के ऊपर से सारे फर्जी केस हटाओ, नहीं तो आंदोलन होगा, दारोगा सस्पेंड हो जाएगा, सीएम तक से शिकायत करूंगा.
झांसी में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि जब भगवान और अल्लाह कण-कण में बसे हैं, तो लाउडस्पीकर की क्या जरूरत है? निषाद ने ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि तेज आवाज नहीं होनी चाहिए. देखें Video.
युवा नेता धर्मात्मा निषाद के सुसाइड मामले में यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सबको मालूम है ये गहरी साजिश है, इसमें कुछ अपने लोग ही शामिल हैं, जो आस्तीन के सांप हैं. इसीलिए मैं चाहता हूं मामले की सीबीआई जांच हो.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को युवा नेता धर्मात्मा निषाद सुसाइड केस में पत्र लिखा है. इसमें राज्य मंत्री संजय निषाद के खिलाफ आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की गई है. कांग्रेस ने मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है,
धर्मात्मा निषाद सुसाइड मामले में विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है. सपा कार्यकर्ताओं ने निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ. संजय निषाद का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संजय निषाद और उनके बेटों के उत्पीड़न से परेशान होकर धर्मात्मा ने आत्महत्या की है.
निषाद पार्टी के युवा नेता धर्मात्मा निषाद ने फंदे से लटक कर सुसाइड कर लिया. मरने से पहले धर्मात्मा ने अपने फेसबुक पोस्ट में प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद और उनके बेटों पर प्रताड़ित करने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया. हालांकि, इस घटना पर संजय निषाद का कहना है कि मृतक उनकी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था, वह ऐसा नहीं कर सकता.
प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर भगदड़ होने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे में 30 से ज्यादा लोगों की मौत बताई जा रही है. बीजेपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का कहना है कि ये घटना बेहद दुखद है. उन्होंने अपने वायरल बयान पर कहा कि उन्हे हादसे के विषय में कोई जानकारी नहीं थी. देखें वीडियो.
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुई भगदड़ की घटना पर नए खुलासे हो रहे हैं. संगम नोज के अलावा झूंसी इलाके में भी भगदड़ की खबर सामने आई है. सरकार अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है. विपक्ष मृतकों की सूची जारी करने की मांग कर रहा है. सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश दिया है. मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. VIDEO
करोड़ों श्रद्धालु मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र स्नान करने के लिए जगह की तलाश में थे. इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई श्रद्धालु घायल हो गए. इस बीच घटना पर यूपी के मंत्री का विवादित बयान सामने आया है.
मौनी अमावस्या पर महाकुंभ स्नान के दौरान हुई दुर्घटना पर संजय निषाद ने विवादित बयान दिया था. उन्होंने पहले उन्होंने कहा था कि 'इतने बड़े आयोजन में छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं'. बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि 'घटना बड़ी है, छोटी नहीं, जुबान की चूक हो गई'. उन्होंने इस दुर्घटना को दुखद बताया और कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. VIDEO
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने महाकुंभ में हुई भगदड़ को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने इस दुर्घटना को 'छोटी-मोटी घटना' बताया, जिसकी चारों ओर आलोचना हो रही है. देखें योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का वो बयान.
कुंभ मेले में मंत्रियों की डुबकी पर छिड़ी सियासी बहस. कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर किया पलटवार. कहा - सपा के सलाहकार नहीं बदले तो पार्टी डूब जाएगी. निषाद राज की धरती का अपमान करने वालों को चुनाव में मिलेगा जवाब. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा - निषाद समाज की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने में उनका बड़ा योगदान. प्रयागराज में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए.
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री डा. संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के भीतर कोई विभीषण है, जिसने लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पार्टी की हार में अपनी भूमिका अदा की है.
संभल में मिले मंदिर को लेकर यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि बंद मंदिर मिला है, कुएं में मूर्ति मिल रही है. वहां से लोगों को पलायन किया गया है वो कौन सी राजनीति थी? देखें VIDEO
लखनऊ में निषाद पार्टी की ओर से बीजेपी-सपा कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं. इसमें लिखा है- सत्ताईस का नारा, निषाद है सहारा. कहा जा रहा है कि उपचुनाव में बीजेपी की ओर से मझवां सीट नहीं दिए जाने के बाद निषाद पार्टी ने अब 2027 के लिए प्रेशर पॉलिटिक्स अपनाई है.
लखनऊ में निषाद पार्टी की ओर से बीजेपी-सपा कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं. इसमें लिखा है- सत्ताईस का नारा, निषाद है सहारा. कहा जा रहा है कि उपचुनाव में बीजेपी की ओर से मझवां सीट नहीं दिए जाने के बाद निषाद पार्टी ने अब 2027 के लिए प्रेशर पॉलिटिक्स अपनाई है.
सपा कार्यालय के बाहर अखिलेश यादव को सत्ताईस का सत्ताधीश बताते हुए पोस्टर लगे नजर आए थे. अब एनडीए के घटक निषाद पार्टी ने संजय निषाद को सत्ताईस का खेवनहार बताते हुए लखनऊ में बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर होर्डिंग्स लगवाए हैं.
संजय निषाद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि हम उपचुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि हमें सीट नहीं जीत चाहिए. दो सीटें नहीं मिलने पर संजय निषाद ने कहा कि कभी-कभी परिस्तिथियों के हिसाब से काम करना पड़ता है.