संजय सेठ
संजय सेठ (Sanjay Seth) 10 अगस्त 2019 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे. वह 2016 में समाजवादी पार्टी (SP) के सदस्य के रूप में उत्तर प्रदेश (UP) से राज्यसभा संसद चुने गए थे. उन्होंने उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ (Uttar Pradesh Olympic Association) के सह-उपाध्यक्ष के रूप में, उत्तर प्रदेश बैडमिंटन संघ (Uttar Pradesh Badminton Association) के उपाध्यक्ष के रूप में और कन्फेडरेशन ऑफ रियल के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है. 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में राज्य मंत्री बनें.
सेठ शालीमार कॉर्प लिमिटेड के सह-संस्थापकों में से एक हैं (Sanjay Seth, Co-founders of Shalimar Corp Limited). रियल एस्टेट उद्योग में अपने अनुभव और सफलता के कारण, उन्हें कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI), उत्तर प्रदेश क्षेत्र के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था.
राज्यसभा के एक सक्रिय सदस्य, सेठ को जल संसाधन पर संसदीय समिति में नियुक्त किया गया था. उन्होंने सितंबर 2016 से जून 2018 तक अधीनस्थ विधान समिति में भी कार्य किया. वह सितंबर 2017 से उद्योग समिति और जून 2018 से रेलवे कन्वेंशन कमेटी के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं (Sanjay Seth Political Career).
संजय सेठ का जन्म 10 फरवरी 1961 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था (Sanjay Seth Date of Birth). उनके पिता लवकुश नारायण सेठ और मां कुसुम सेठ थीं (Sanjay Seth Parents). उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की है (Sanjay Seth Education).
उनकी की शादी लीना सेठ से हुई है (Sanjay Seth Wife) और इनका एक बेटा और एक बेटी है (Sanjay Seth Children).
हजारीबाग में महाशिवरात्रि पर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई. झंडे और लाउडस्पीकर को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं हुईं. इस घटना पर झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ के बीच तीखी बयानबाजी हुई. देखें.
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को 50 लाख रुपये की रंगदारी का मैसेज करने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में हैरान करने वाली बात सामने आई है. दरअसल, आरोपी ने अपनी बेटी के दोस्त को फंसाने के लिए केंद्रीय मंत्री को पैसों की डिमांड वाला मैसेज भेजा था.
मोदी सरकार में रक्षा राज्य मंत्री और रांची लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद संजय सेठ से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. इसे लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज हो चुकी है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को अपराधियों से धमकी मिली है. एक अज्ञात गिरोह ने उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की है. शुक्रवार शाम को मंत्री के मोबाइल पर धमकी भरा मैसेज आया जिससे उन्होंने खुद इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले की जांच में जुट गई हैं.
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ को फिरौती के लिए धमकी भरा मैसेज आया है. संजय सेठ ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने का धमकी भरा मैसेज आया. इस मामले की जानकारी दिल्ली के डीसीपी को दे दी. शुरुआती जांच में धमकी वाला मोबाइल झांरखड की राजधानी रांची का निकला। देखें ये वीडियो.
मोदी सरकार में रक्षा राज्य मंत्री और रांची लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद संजय सेठ से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. इसे लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज हो चुकी है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
झारखंड में बीजेपी के सीनियर नेताओं समेत 12 हजार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इनमें प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का नाम भी शामिल है.
हर्ष महाजन और संजय सेठ, इन दो नामों ने दो राज्यों की राजनीति में हलचल ला दिया है. खास बात ये रही है कि कभी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नीति-निर्माताओं में शामिल रहने वाले इन दो शख्सियतों ने राज्यसभा चुनाव में अपनी ही पुरानी पार्टी को झटका दिया है.
Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कुल 10 सीटों के लिए 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. जिनमें बीजेपी के 7 और सपा के 2 प्रत्याशियों का जीतना तय है. लेकिन असली पेंच फंसा है बीजेपी के आठवें प्रत्याशी संजय सेठ और सपा के तीसरे प्रत्याशी आलोक रंजन के बीच.
राज्यसभा चुनाव के बहाने उत्तर प्रदेश चर्चा में हैं. यहां बीजेपी ने आठवें उम्मीदवार के तौर पर संजय सेठ को उतारा है. लेकिन, कौन हैं संजय सेठ? दरअसल, वह प्रतिष्ठित उद्योगपति हैं. इसके बाद साल 2019 में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली. वह 2016 से लेकर 2022 तक राज्यसभा के सदस्य रहे. अब 2024 के चुनाव में बीजेपी ने उन पर दांव खेला है.
राहुल गांधी की तरह राघव चड्ढा की सदस्यता लेना चाहते है, जय सिंह की अमित शाह को दो टूक