संत कबीर दास जयंती
कबीर दास जयंती (Kabir Das Jayanti) संत कबीर दास का जन्मदिन है (Birthday of Sant Kabir), जो हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है (Celebrated on Jyeshtha Purnima). 2021 में उनकी जयंती 24 जून को मनाई गई थी 2022 में यह 14 जून को मनाई जाएगी (Dates for Kabir Das Jayanti). कबीर दास जी का जन्म काशी में 1398 के ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ था (Kabir Das Birth Full Moon Day of Jyeshtha Month). कबीर भक्तिकाल के प्रमुख कवि और ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक थे. उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए अनेकों दोहे और कविताओं की रचना की, जो आज भी गायी जाती हैं (Kabir Das Persecution and Social Impact).
संत कबीर ने अपनी तमाम दोहों में पाखंड, अंधविश्वास का विरोध किया और प्रेम, एकता और सद्भाव का प्रसार किया. बाद में, उनके दोहों को अमृतवाणी कहा गया और उनके नाम पर कबीर पंथ संप्रदाय की स्थापना भी की गई (Kabir Das Philosophy and Legacy). धर्मदास ने संत कबीर की वाणियों का संग्रह "बीजक" नाम के ग्रंथ मे किया, जिसके तीन मुख्य भाग हैं- साखी, सबद (पद) और रमैनी (Kabir Das Poetry).
कबीर दास ने अंतकाल में अपने निवास के लिए मगहर का चुनाव किया, जिसके बारे में अंधविश्वास था कि वहां मरने वाले को नर्क मिलता है. इसी भ्रांति को तोड़ने के लिए कबीर गोरखपुर के करीब स्थित मगहर चले गए, जहां 1518 में उनका निधन हो गया (Kabir Das Death).
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