साल 2023 में सावन 4 जुलाई से आरंभ हो रहा है (Sawan 2023). माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने से भक्तों की सरी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सावन के शुरू होते ही श्रद्धालु कावड़ यात्रा निकालते है. इस पवित्र यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. इस बार सावन का शिवरात्रि 15 जुलाई 2023 को है. इसी दिन कावड़ यात्रा का आखिरी दिन होता है और कांवरिया पवित्र जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं (Sawan Shivratri 2023 Date).
वैसे महीने की हर चतुर्दशी को मास शिवरात्रि आती है, लेकिन सावन शिवजी का महीना है, इसलिए इसका महत्व विशेष हो जाता है. सावन शिवरात्रि के दिन व्रत, उपवास, मंत्र जाप और रात्रि जागरण को बहुत मंगलकारी माना गया है (Sawan Shivratri 2023 Rituals).
शिवरात्रि हिन्दू परंपरा का एक बहुत बड़ा पर्व है. भगवान शिव को समर्पित यह त्योहार चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. माना जाता है कि इसी दिन शिवजी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए शिवरात्रि को शिव के विवाहोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है (Sawan Shivratri Festival).
इस दिन महादेव की उपासना से व्यक्ति को जीवन में सम्पूर्ण सुख प्राप्त हो सकता है (Sawan Shivratri Puja).
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के किनारे एक छोटी सी पहाड़ी पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है. यहां तक पहुंचने के लिए नर्मदा नदी को पार करना पड़ता है. बारिश में नावों से नदी पार करना एक बड़ी चुनौती है.
शादी से पहले आप सांसद राघव चड्ढा और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे. दोनों ने उज्जैन के शिव मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-आरती की. देखें वीडियो.
24 साल बाद नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयोग बना है...देशभर में भोले के भक्तों ने महादेव का दूध, शहद और दही से अभिषेक किया...वहीं नाग पंचमी के मौके पर नाग देवता की पूजा-अर्चना भी की...
सावन का महिना चल रहा है और सभी शिवजी की विशेष पूजा अर्चना कर रहे हैं. आजतक के खास शो 'सत्यम शिवम सुंदरम' में हमने आपको केदारनाथ से शुरु करते हुए कई ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए. आज नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मन्दिर के दर्शन करिए जो एक प्रसिद्द मन्दिर है जो भगवान शिव को समर्पित है. श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का भगवन शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में दसवां स्थान है. वहीं हिंगोली में भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व है. देखें ये खास एपिसोड.
Adhik Maas Shivratri 2023: सावन सोमवार और शिवरात्रि का दिन भगवान शिव के पूजन के लिए बेहद खास माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा करता है उसे भगवान शिव शंकर का आशीर्वाद मिलता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन सोमवार और अधिकमास शिवरात्रि का व्रत 14 अगस्त यानी आज एक साथ रखा जा रहा है.
सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष महिमा है. साथ ही, भगवान सावन की शिवरात्रि पर भी भोलेनाथ की विशेष पूजा की जाती है. शास्त्रों में शिवजी के स्वरूप के संबंध कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं. जैसे, शिवजी की पूजा में भस्म का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है. लेकिन क्यों, भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म धारण करते हैं.
सावन के अधिकमास का तीसरा सोमवार आज है, आज भगवान शिव की विशेष पूजा करने से फल मिलता है.
इन 5 जगहों पर हैं भारत के सबसे बड़े और दिलचस्प शिवलिंग
आज सावन की पहली शिवरात्रि है. ऐसे में आप भोग के लिए मीठे में समा के चावल की खीर बनाकर तैयार कर सकते हैं. इसकी रेसिपी बेहद आसान है. चावल भिगोने के बाद 10 मिनट में आप यह खीर बन जाएगी. आइए जानते हैं रेसिपी-
Sawan Shivratri 2023: सावन की शिवरात्रि 15 जुलाई यानी आज मनाई जा रही है. शिवरात्रि वाले दिन भगवान शिव की पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. सावन की शिवरात्रि बेहद खास मानी जाती है. आइए जानते हैं कि सावन शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है.
गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक करें और भगवान शिव के मंत्र ऊं नमः शिवाय का रुद्राक्ष की माला से 21 बार जाप करें. परेशानी दूर करने की प्रार्थना भगवान शिव से करें. ज्यादा जानकारी के लिए देखें ये वीडियो.
सावन की पहली शिवरात्रि का व्रत 15 जुलाई 2023 यानी कल रखा जाएगा.आइए जानते हैं कि सावन की मासिक शिवरात्रि के दिन किन गलतियों से सावधान रहना चाहिए.
Sawan Shivratri 2023: हर महीने की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि आती है, लेकिन इस बार मासिक शिवरात्रि सावन में पड़ रही है इसलिए यह शिवरात्रि विशेष मानी जा रही है. इस दिन लोग कांवड़ में जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं. इस बार सावन की शिवरात्रि 15 जुलाई को है.