सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रन्ट (Sikkim Democratic Front), सिक्किम में क्षेत्रीय राजनीतिक दल है. यह 12 दिसंबर 1994 से 23 मई 2019 तक सिक्किम में सत्तारूढ़ पार्टी थी. पार्टी की स्थापना 1993 में पवन कुमार चामलिंग ने की थी. इसने 1994 से 2019 तक सिक्किम राज्य पर शासन किया है और पवन कुमार चामलिंग मुख्यमंत्री बने. पार्टी ने 1999 और 2004 के राज्य चुनावों में जीत हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत की. 2004 के चुनाव में इसने 32 विधानसभा सीटों में से 31 सीटें जीतीं. 2009 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सभी 32 सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया. इसने एकमात्र लोकसभा सीट भी बरकरार रखी. 2014 के विधानसभा चुनाव में एसडीएफ ने 22 सीटें जीतीं और सत्ता बरकरार रखी.
मई 2016 में, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने असम में अपनी पहली सरकार बनाने के बाद, नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) नामक एक नया गठबंधन बनाया, जिसके संयोजक भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा थे. पूर्वोत्तर राज्यों सिक्किम, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के मुख्यमंत्री भी इसी गठबंधन में हैं. इस प्रकार, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट एनडीए के नेतृत्व वाले एनईडीए में शामिल हो गया.
पवन कुमार चामलिंग ने 2019 सिक्किम विधान सभा चुनाव के बाद सीएम पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि पूर्व सदस्य प्रेम सिंह तमांग की सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा पार्टी ने 32 में से 17 सीटें जीतकर सरकार बनाई. एसडीएफ पार्टी ने शेष 15 सीटें जीतीं. लेकिन अगस्त 2019 में 10 विधायकों ने उनकी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और उसी महीने दो अन्य विधायक सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा में शामिल हो गए. इस प्रकार पवन कुमार चामलिंग अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक बन गये.
बाइचुंग भूटिया भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान हैं. उन्होंने 2018 में अपनी 'हमरो सिक्किम पार्टी' बनाई थी. 2023 में उन्होंने अपनी पार्टी का सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट में विलय कर लिया था. हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें 4300 से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा. ऐसा छठी बार था, जब उन्हें चुनावी राजनीति में निराशा हाथ लगी. अब उन्होंने चुनावी राजनीति से संन्यास ले लिया है.
निर्वाचन आयोग के अनुसार के आंकड़ों के मुताबिक सत्तारूढ़ एसकेएम ने सिक्किम की 32 विधानसभा सीटों में से 31 पर जीत दर्ज की है. एकमात्र श्यारी सीट विपक्ष के खाते में गई, जहां सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के तेनजिंग नोरबू लाम्था ने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के कुंगा नीमा लेप्चा को 1314 वोटों के अंतर से हराया.