शरद यादव (Sharad Yadav) राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पार्टी के एक राजनीतिज्ञ थें. वह जद (यू) (JD(U) से सात बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा के लिए चुने गए. वह जनता दल (यूनाइटेड) के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष थे (Sharad Yadav First National President, JD(U). उन्हें राज्यसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पार्टी नेतृत्व के पदों से हटा दिया गया था (Sharad Yadav removed from Party). शरद यादव का गुरुग्राम में 12 जनवरी 2023 को निधन हो गया (Sharad Yadav Passes away). वह 75 वर्ष के थें.
उनका जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के होशंगाबाद जिले के बाबई गांव में हुआ था (Sharad Yadav Born). उनके पिता नंद किशोर यादव और मां सुमित्रा यादव थीं (Sharad Yadav Parents). उन्होंने रॉबर्टसन कॉलेज जबलपुर से विज्ञान स्नातक की डिग्री प्राप्त की. साथ ही, जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी. वह पेशे से एक कृषक, शिक्षाविद और इंजीनियर थे (Sharad Yadav Education). उनका अधिकांश राजनीतिक जीवन बिहार राज्य से जुड़ा हुआ था (Sharad Yadav Politician from Bihar).
उन्होंने 15 फरवरी 1989 को रेखा यादव से शादी की (Sharad Yadav wife). उनका एक बेटा और एक बेटी है (Sharad Yadav Children). उनकी बेटी सुभाषिनी राजा राव (Subhashini Raja Rao) 2020 बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गईं. उन्होंने बिहारीगंज सीट से चुनाव लड़ने की अपनी योजना की घोषणा की. वह राजद के उम्मीदवार के रूप में सीट से चुनाव लड़ा और हार गई.
बारामती की विरासत सुप्रिया सुले संभाल चुकी थीं, लेकिन अजित पवार ने एनसीपी पर काबिज होने के बाद शरद पवार को नये सिरे से चैलेंज किया है, मैदान में पत्नी सुनेत्रा पवार को उतार कर. और ये शरद पवार के दबदबे को खुली चुनौती है.
महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी में सीट बंटवारे को लेकर खटपट जारी है. कहा जा रहा है कि चार सीटों पर एनसीपी शरद पवार, शिवसेना उद्धव और कांग्रेस में सहमति नहीं बन पा रही है. मुंबई साउथ सेंट्रल से उद्धव ने अनिल देसाई के नाम की घोषण की, जबकि कांग्रेस वर्षा गायकवाड़ को उतारा चाहती थी. देखें वीडियो.
केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी पार्टियों ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा निशाना साधा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के तमाम नेताओं ने केजरीवाल के समर्थन में पोस्ट किया. विपक्ष ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को गलत बताया.
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 में महागठबंधन की जीत को लेकर बड़ा दावा किया है...उन्होंने ये बात नई दिल्ली में कही....
शक्ति प्रदर्शन वाले दिन भतीजे अजित पवार ने अपने चाचा को नंबर गेम में मात दे दी और सबसे बड़ा सदमा शरद पवार को तब लगा जब उन्हें अजित पवार गुट ने एनसीपी सुप्रीमो के पद से भी हटा दिया और अजित पवार ने खुद को एनसीपी चीफ घोषित कर दिया.
अजित पवार गुट ने शरद पवार को लेकर नया फॉर्मूला सुझाया है. इस नए फॉर्मूले के तहत शरद पवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. इसके साथ ही अजित गुट ने कहा है कि वे नहीं चाहते कि दोबारा चुनाव हो इसलिए आपसी सहमति से फैसले लेने का आग्रह किया गया है. आपसी सहमति नहीं होने की स्थिति में चुनाव आयोग को फैसला लेना होगा.
NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि 1999 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बड़ा ऑफर दिया था. उन्होंने NCP चीफ शरद पवार को एनडीए में शामिल होने की पेशकश की थी. हालांकि, पार्टी के ज्यादातर नेता की राय कांग्रेस के साथ जाने की थी, इसलिए वो ऑफर स्वीकार नहीं किया था.
लोकसभा चुनाव में अभी एक साल का वक्त है, लेकिन इस वक्त देश में जो भी कुछ हो रहा है, उसे राजनीतिक चश्मे से ही देखा जा रहा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक में मुलायम सिंह यादव और शरद यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है, जिसे बीजेपी की यादव पालिटिक्स से जोड़कर देखा जा रहा है?
RSS Meeting: हरियाणा के पानीपत जिले में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक आम बैठक में पिछले एक साल में दिवंगत हुए राजनीतिक नेताओं और प्रसिद्ध हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई. इस सूची में मुलायम सिंह यादव, शरद यादव और भूषण सहित 100 से अधिक नाम शामिल थे.
उपेंद्र कुशवाहा का नीतीश कुमार से मोहभंग माना जा रहा है. वे लगातार नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. उन्होंने नीतीश कुमार को कमजोर तक बता दिया. तो वहीं नीतीश कुमार भी उन्हें साइड लाइन करने का मन बना चुके हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि उपेंद्र कुशवाहा को जदयू में रहना है तो रहें, नहीं तो जा सकते हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की मौत के बाद अब सभी की निगाहें इस ओर हैं कि शरद यादव की सियासी विरासत कौन संभालेगा? यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि बेटा और बेटी दोनों ही राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं. शरद यादव के बेटे शांतनु बुंदेला आरजेडी में हैं तो बेटी सुभाषिनी यादव कांग्रेस में हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता शरद यादव शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. मध्य प्रदेश के पैतृक गांव आंखमऊ में शरद यादव का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस ने भी उन्हें सलामी देकर अलविदा कहा. उनका गुरुवार को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में 75 साल की उम्र में निधन हो गया था.
जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का 12 जनवरी 2023 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था. उनका पार्थिव शरीर चार्टर्ड विमान के जरिए भोपाल पहुंचा और फिर यहां से अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव आंखमऊ पहुंचा. जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया. शरद यादव के परिवार में उनकी पत्नी रेखा, बेटी सुभाषिनी और बेटा शांतनु हैं.
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पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का गुरुवार को 75 साल की उम्र में गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था. निजी सचिव ने बताया कि 14 जनवरी को सुबह 9.15 बजे दिल्ली से चार्टर्ड विमान के जरिए पार्थिव शरीर लेकर 11 बजे भोपाल पहुंचेंगे. बेटी सुभाषिनी यादव ने ट्वीट किया और लिखा- मेरे पिता स्व. शरद यादव के पार्थिव शरीर को दिल्ली से उनके पैतृक गांव आंखमाऊं, तहसील बाबई जिला होशंगाबाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जायेगा.
जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव नहीं रहे. 75 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी शरद यादव के घर गए और उनकी बेटी से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. राहुल ने कहा कि मैंने मैंने शरद यादव से राजनीति के बारे में बहुत कुछ सीखा है देखें ये वीडियो.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और लगातार 13 साल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे शरद यादव को ऐसे राजनेता के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा, जिसने कई सरकारों को बनाने और गिराने में अहम भूमिका निभाई. जिनसे दोस्ती की, वक्त आने पर उनसे दुश्मनी भी खूब निभाई.
बिहार की राजनीति में अलग पहचान रखने वाले शरद यादव के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अन्य बड़े नेताओं ने शोक जताया है. लालू प्रसाद यादव ने सिंगापुर से उनके लिए भावुक वीडियो संदेश भेजा. देखें वीडियो
JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का गुरुवार 12 जनवरी को 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. वे गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे. शरद को समाजवाद का मुखर समर्थक माना जाता था. यही वजह थी कि राजनीति में उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया था.
शरद यादव सिर्फ एक बड़े राजनीतिकज्ञ नहीं थे, उनके पास शब्दों की भी बेमिसाल कला थी. ऐसे भाषण देते थे कि विरोधी पस्त हो जाए, जवाब देना मुश्किल लगने लगे. काला धन हो, विजय माल्या का मुद्दा हो या हो अरविंद केजरीवाल, हर बार शरद यादव ने जोरदार भाषण दिया.
सत्तर के दशक में शरद यादव, मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव उभरे. इन तीनों नेताओं ने अलग-अलग राज्यों से अपनी सियासी पारी का आगाज किया और फिर एक साथ खड़े होकर एक-दूसरे के लिए सियासी सहारा बने. भले ही ये तीनों नेता एक-दूसरे को भाई मानते रहे हों, लेकिन एक दूसरे की सियासी राह में रोड़ा भी बने.