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श्योपुर

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श्योपुर (Sheopur District) मध्य प्रदेश राज्य (MP) का एक जिला है. इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है. श्योपुर नैरो गेज रेल द्वारा ग्वालियर से जुड़ा हुआ थी जो अब परिचालन में नहीं है. यहां से चंबल नदी (Chambal River) सिर्फ 25 किमी है, जो राजस्थान और एमपी राज्यों के बीच की सीमा बनाती है. ग्वालियर से ट्रेन और बसों के माध्यम से श्योपुर पहुंचा जा सकता है जो 240 किमी है और सवाई माधोपुर और कोटा से बसों के माध्यम से पहुंचा जा सकता है. यह श्योपुर से 60 किमी और 110 किमी दूर हैं. श्योपुर मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है (Sheopur Geographical Location). इसका क्षेत्रफल 6,606 वर्ग किलोमीटर है (Sheopur Area). 


जिले को श्योपुर और विजयपुर के दो उप-मंडलों में विभाजित किया गया है. इस जिले में पांच तहसीलें -श्योपुर, करहल, विजयपुर, बड़ौदा, बीरपुर, तीन ब्लॉक- श्योपुर, करहल, विजयपुर, बीरपुर और तीन नगरपालिका -श्योपुर, बड़ौदा, विजयपुर हैं (Sheopur Sub-Division).

2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक श्योपुर की जनसंख्या 6.88 लाख है (Sheopur Population) और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 104 लोग रहते हैं (Sheopur Density). यहां का लिंग अनुपात (Sheopur Sex Ratio) 901 है. इसकी 57.43 फीसदी जनसंख्या साक्षर है (Sheopur literacy).

इस जिले के कुछ प्रमुख स्थान विजयपुर, कराहल और बडोदा हैं. प्रमुख पर्यटक आकर्षण पालपुर (कुनो) वन्यजीव अभयारण्य है. प्रसिद्ध काकेता जलाशय इसी जिले में स्थित है (Sheopur Tourism). 

यह शहर परंपरागत रूप से लकड़ी की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है. जिले में लकड़ी की नक्काशी की कला फली-फूली है और बारीक नक्काशीदार डिजाइनों के साथ खूबसूरती से अलंकृत लकड़ी की छतें, दरवाजे और लिंटल्स इसकी कला का व्याख्यान करती हैं. श्योपुर के शिल्पकार पाइप, मास्क, खिलौने, दरवाजे, स्टैंड, खिड़कियां, लकड़ी के स्मारक, फूलदान, बेडपोस्ट और पालना पोस्ट बनाते हैं (Sheopur Art of Woodcarving).

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