शिव नाडर
शिव नाडर (Shiv Nadar) एक उद्योगपति हैं (Business). वह एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और शिव नाडर फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष एमेरिटस हैं (Founder of HCL). नाडर ने 1970 में एचसीएल की स्थापना की थी. तीन दशकों में आईटी हार्डवेयर कंपनी को एक आईटी उद्यम में तब्दील कर दिया और अपनी कंपनी के फोकस में लगातार सुधार किया.
2008 में नाडर को आईटी उद्योग में उनके प्रयासों के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था (Shiv Nadar Padma Bhushan). नाडर को उनके जानने वाल उन्हें मैगस उपनाम दिया है. 1990 के दशक के मध्य से उन्होंने शिव नाडर फाउंडेशन के माध्यम से भारत की शैक्षिक प्रणाली को विकसित किया (Shiv Nadar Foundation).
फोर्ब्स के अनुसार, वह 6 जुलाई, 2022 तक 23.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ भारत के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति और दुनिया के 60वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं (Shiv Nadar 3rd Richest Person of India).
नाडर का जन्म 14 जुलाई 1945 को थूथुकुडी जिले, तमिलनाडु में हुआ था (Shiv Nadar Age). उनके माता-पिता शिवसुब्रमण्य नादर और वामासुंदरी देवी थें (Shiv Nadar Parents) . नाडर ने टाउन हायर सेकेंडरी स्कूल, कुंभकोणम से पढ़ाई की. उन्होंने सेंट जोसेफ बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, त्रिची में दाखिला लिया और वहां हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की. नादर ने अमेरिकन कॉलेज, मदुरै से डिग्री प्राप्त की और पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की (Shiv Nadar Education).
उन्होंने किरण से शादी, जो एक भारतीय कला संग्रहकर्ता और परोपकारी हैं (Shiv Nadar Wife). उनकी इकलौती बेटी रोशनी नाडर अब एचसीएल की अध्यक्ष हैं (Shiv Nadar Daughter).
सुष्मिता और सुब्रतो बागची (Susmita & Subroto Bagchi Donation) हर साल परोपकारी कामों के लिए दिल खोलकर दान करते हैं. इन्होंने साल 2022 में हेल्थकेयर सर्विस के लिए कुल 213 करोड़ रुपये का दान दिया था, जबकि 2023 में 110 करोड़ रुपये का दान किया था.
हुरुन इंडिया परोपकारी की लिस्ट में दूसरे नंबर पर मुकेश अंबानी और फैमिली (Mukesh Ambani Family), तीसरे पर बजाज फैमिली (Bajaj Family), चौथे पर कुमार मंगलम और फैमिली (Kumar Mangalam Birla Family), पांचवें पर गौतम अडानी और फैमिली का नाम शामिल है. इन सभी ने मिलकर वित्त वर्ष 2024 में 4,625 करोड़ रुपये का दान किया है.
Mukesh Ambani की पत्नी Nita Ambani ने अपनी बहू को श्लोका मेहता को Mouawad L’Incomparable हार गिफ्ट में दिया था, जिसकी कीमत 400 करोड़ से ज्यादा है.
एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकारी लिस्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में सबसे ज्यादा दान देने वाली भारतीय महिला रोहिणी नीलेकणी (Rohini Nilekani) हैं, जो इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) की पत्नी हैं.
ग्रेटर नोएडा से हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां शिव नाडर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र ने साथी छात्रा की गोली मारकर की हत्या कर दी. इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली. छात्रा कानपुर की रहने वाली थी जबकि छात्र अमरोहा का रहने वाला था. सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
फोर्ब्स ने एशिया के सबसे परोपकारी लोगों की सूची में तीन भारतीयों को शामिल किया है. इसमें गौतम अडानी टॉप पर हैं. इसके अलावा शिव नादर को भी जगह मिली है. अडानी द्वारा दिया गए पैसे को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कार्यों में लगाया जाएगा.
Tata Group, Reliance Industries और Adani Group समेत देश के कई बड़ा कारोबारी घरानों में अब नई पीढ़ी फैमिली बिजनेस में शामिल हो चुकी है और ये बिजनेस किड्स अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं.
हुरुन की दानदाता की लिस्ट में Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी तीसरे स्थान पर हैं. जबकि Aditya Birla Group के कुमार मंगलम बिड़ला चौथे स्थान पर रहे हैं. अंबानी ने 411 करोड़, तो बिड़ला ने 242 करोड़ रुपये दान किए हैं. Adani Group के गौतम अडानी 7वें स्थान पर रहे हैं.
भारत में उद्योगपतियों के दान करने की पुरानी परंपरा है. राजा-महाराजाओं से अलग उद्योगपतियों ने कई जगहों पर धर्मशाला से लेकर प्याऊ तक खुलवाए. अस्पताल से लेकर स्कूल तक के लिए उद्योगपतियों ने पैसा और जमीन दान की. आज ऐसे ही 15 उद्योगपतियों की बात, जिन्होंने दान किए 100 करोड़ से ज्यादा.