शोभा करंदलाजे, राजनेता
शोभा करंदलाजे (Shobha Karandlaje) कर्नाटक की एक राजनेता हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय सरकार में में कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं (Shobha Karandlaje Ministry). वह भारतीय जनता पार्टी की सांसद और उपाध्यक्ष भी हैं (Shobha Karandlaje BJP MP). शोभा उडुपी चिकमगलूर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं (Shobha Karandlaje Constituency Udupi Chikmagalur). वह कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं और उन्हें कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की करीबी विश्वासपात्र भी माना जाता है. 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनें.
करंदलाजे का जन्म 23 अक्टूबर 1966 को तटीय कर्नाटक के पुत्तूर में हुआ था (Shobha Karandlaje Date of Birth). शोभा ने ओपन यूनिवर्सिटी, मैसूर से समाजशास्त्र में एमए की डिग्री ली है और वह स्कूल ऑफ सोशल वर्क रोशनी निलय, मैंगलोर यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ सोशल वर्क हैं (Shobha Karandlaje Education).
वह बहुत कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गईं, वह संघ की कई पूर्णकालिक महिला कार्यकर्ताओं में से एक हैं (Shobha Karandlaje RSS Member). शोभा के राजनीति में शामिल होने का फैसला करने पर आरएसएस ने उन्हें शुरुआती मदद पहुंचाई.
2004 में एमएलसी के रूप में चुने जाने से पहले उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में भारतीय जनता पार्टी संगठन की सेवा की. वह मई 2008 में बैंगलोर के यशवंतपुर से विधायक चुनी गईं और उन्हें बी एस येदियुरप्पा सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री बनाया गया. इसके अलावा, वह ऊर्जा और खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भी रही हैं. वह उडुपी चिकमगलूर निर्वाचन क्षेत्र से 2014 के बाद 2019 में लगातार दूसरी बार सांसद चुनी गईं (Shobha Karandlaje RSS Member Political areer).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @ShobhaBJP है. उनके फेसबुक पेज का नाम Shobha Karandlaje है. वह इंस्टाग्राम पर shobhabjp यूजरनेम से एक्टिव हैं.
एर्नाकुलम जिले के मुनंबम में लगभग 600 परिवार, जो पिछले कई दशकों से इस भूमि पर रह रहे हैं, वक्फ के दावों का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इस भूमि का स्वामित्व उनके पास 2019 तक था और अब इसे वक्फ बोर्ड का बताकर हड़पने की कोशिश की जा रही है. करंदलाजे ने कहा, "इस भूमि को 2019 से पहले की स्थिति के अनुसार इन परिवारों को लौटाया जाना चाहिए."
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने तिरुपति लड्डू से जुड़े विवाद को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार से सख्त और निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को या तो विशेष टीम गठित करनी चाहिए या फिर मामले को सीबीआई को सौंपना चाहिए.
केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की दुखद मृत्यु से बहुत दुखी हूं. असुरक्षित और शोषणकारी कार्य वातावरण के आरोपों की गहन जांच चल रही है.'
कर्नाटक के मांड्या जिले के नागमंगला कस्बे में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ी कथित फर्जी फोटो पोस्ट करने और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. उन पर समाज में अशांति फैलाने और उकसावे वाली बयानबाजी का आरोप है.
शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक की बेंगलुरु नॉर्थ सीट से लोकसभा चुनाव जीता है. उनको फिर से राज्य मंत्री बनाया गया है. उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्रम और रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी है. मोदी सरकार 2.0 में शोभा करंदलाजे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री थीं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शोभा करंदलाजे की टिप्पणी की निंदा की और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. वहीं करंदलाजे ने पलटवार करते हुए कहा कि स्टालिन 'तुष्टिकरण की राजनीति' करते हैं.