श्याम रजक, राजनेता
श्याम रजक (Shyam Rajak) बिहार के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं. वह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सदस्य हैं. रजक फुलवारीशरीफ विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं (Shyam Rajak constituency). 20 अगस्त 2020 को फिर से राजद में शामिल होने से पहले, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार बिहार सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने इससे पहले जनता दल यूनाइटेड सरकार में 2010-2015 तक खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के रूप में कार्य किया है (Shyam Rajak ministry in JDU government). उन्होंने राबड़ी देवी के राजद शासन में बिहार सरकार में ऊर्जा, जनसंपर्क विभाग और कानून राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया है. वह बिहार विधान सभा में मुख्य विपक्षी दल के सचेतक हैं.
श्याम रजक का जन्म 22 जुलाई 1954 को पिता रीत नारायण लाल रजक के घर हुआ था (Shyam Rajak age). पटना के सब्जीबाग में जन्म लेने वाले रजक ने बीकॉम स्नातक तक की पढ़ाई की है (Shyam Rajak education). उन्होंने सात साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद, 2001 में, मुंबई में, अपनी दोस्त की बहन अलका से प्रेम विवाह किया (Shyam Rajak wife). रजक को प्यार से शादी तक के सफर में सात साल लग गए (Shyam Rajak love marriage).
श्याम रजक ने अपना सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू किया था और 1974 में हुए जेपी आंदोलन में भी उन्होंने भाग लिया था. आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाते हुए वो जेल भी गए थे. श्याम रजक पहली बार आरजेडी के टिकट पर 1995 में विधायक बने थे. इसके बाद उन्होंने कभी सियासत में पलटकर नहीं देखा और आगे बढ़ते गए. 1995 के बाद 2000, फरवरी 2005 और नवंबर 2005 में आरजेडी से विधायक बने. इस दौरान लालू यादव से लेकर राबड़ी देवी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, लेकिन 2010 के चुनाव से एक साल पहले उन्होंने जेडीयू का दामन थाम लिया. 2010 और 2015 के चुनाव में जेडीयू प्रत्याशी के तौर पर विधायक बने (Shyam Rajak political career).
श्याम रजक को नीतीश कुमार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, बनाया JDU का राष्ट्रीय महासचिव.
आरजेडी से नाता तोड़कर जेडीयू में शामिल होने वाले बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक को नीतीश कु्मार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है.
नेता श्याम रजक की JDU में घर वापसी हो गई है. उनका कहना है कि तेजस्वी बेशक आंदोलन करने की बातें करते हैं, मगर वह घर बैठकर नहीं होता. आंदोलन दिल और दिमाग से होता है. मुझे नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा है. आक्षण के मामले में वे कहते हैं कि हम चंद्रशेखर जी की राह पर चल रहे हैं.
आरजेडी से इस्तीफा देने के बाद फुलवारी शरीफ से विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक जेडीयू में शामिल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार में मेरी आस्था है, इसलिए मैं जेडीयू में शामिल हो रहा हूं. श्याम रजक ने बीते 22 अगस्त को ही आरजेडी से इस्तीफा दिया था.
बिहार के दिग्गज नेता श्याम रजक छह बार विधायक रहे हैं और फुलवारी इलाके में खासा प्रभाव माना जाता है. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद को लिखे अपने इस्तीफे में श्याम रजक ने कहा, मैं राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. अंत में एक कविता लिखा, मैं शतरंज का शौकीन नहीं था, इसलिए धोखा खा गया. आप मोहरे चल रहे थे, मैं रिश्तेदारी निभा रहा था.
आरजेडी नेता श्याम रजक ने महासचिव पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. श्याम रजक 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) छोड़कर आरजेडी में शामिल हुए थे.
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अधिवेशन में पहले ही दिन हंगामा हो गया. तेज प्रताप यादव अधिवेशन के बीच में ही बाहर निकल आए और श्याम रजक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. श्याम रजक का नाम इस विवाद के कारण चर्चा में आ गया है. श्याम रजक आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और पटना की फुलवारी शरीफ सीट से लगातार 6 बार के विधायक भी.