सीता मुर्मू उर्फ सीता सोरेन (Sita Soren) झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन की बहू और दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं. सीता झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता हैं और झारखंड के जामा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने उन्हें जामताड़ा सीट से अपना प्रत्याशी चुना. चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा (Assembly Election 2024).
उन पर 2012 के राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए पैसे लेने का आरोप लगा और वह सात महीने तक जेल में रहीं. वह अब जमानत पर बाहर हैं. 19 मार्च 2024 को सीता सोरेन ने पार्टी की तरफ से लगातार उपेक्षा का हवाला देते हुए झामुमो के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.
सीता 2009 में विधायक चुनी गईं. उनके चुनाव के बाद, उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया. 2014 में, उन्होंने उसी निर्वाचन क्षेत्र से झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2019 में, उन्होंने झारखंड के जामा निर्वाचन क्षेत्र से तीसरी बार विधायक का चुनाव जीता.
सीता सोरेन शिबू सोरेन के बेटे दुर्गा सोरेन की विधवा हैं.
सोरेन परिवार की बड़ी बहू सीता सोरेन की घर वापसी की अटकलें भी तेज हो गई हैं. सीता सोरेन ने मार्च 2024 में लोकसभा चुनावों से पहले जेएमएम छोड़ दिया था और बीजेपी में शामिल हो गई थीं. सीता सोरेन को बीजेपी ने दुमका से लोकसभा चुनाव भी लड़ाया था, लेकिन उन्हें जेएमएम के नलिन सोरेन के हाथों झार झेलनी पड़ी थी.
कांग्रेस नेता अलोक कुमार दुबे ने इरफान अंसारी के बयान पर माफी मांगी है. जनता ने उनसे यह सवाल किया कि इरफान अंसारी ने सीता सोरेन के बारे में ऐसा बयान क्यों दिया. इस पर दुबे ने कहा कि अंसारी ने माफी मांग ली है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी भाषा अब नहीं इस्तेमाल होगी.
झारखंड की जामताड़ा विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार सीता सोरेन पड़ीं. मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार इरफान अंसारी के विवादित बयान पर जवाब देते वक्त वो भावुक हो गईं. सीता सोरेन ने कहा कि इरफान अंसारी ने सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की महिलाओं का अपमान किया.
झारखंड की जामताड़ा विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार सीता सोरेन पड़ीं. मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार इरफान अंसारी के विवादित बयान पर जवाब देते वक्त वो भावुक हो गईं. सीता सोरेन ने कहा कि इरफान अंसारी ने सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की महिलाओं का अपमान किया. देखें ये वीडियो.
सीता सोरेन जामताड़ा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल करने के एक दिन पहले प्रेस को संबोधित किया. इसी सीट पर इरफान अंसारी कांग्रेस से उम्मीदवार हैं. उन्होंने शनिवार को सीता सोरेन के खिलाफ टिप्पणी की थी.
Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2024: झारखंड में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. सूबे में पिछली बार पांच चरणों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार राज्य में दो चरणों में मतदान होगा. 2024 के झारखंड चुनाव में 2019 के मुकाबले क्या अलग होगा? आइए जानते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम था. इस दौरान जमशेदपुर में रैली को संबोधित करते हुए कहा किक्या चंपाई सोरेन आदिवासी नहीं थे. जिस तरह से उन्हें अपमानित करके सीएम की कुर्सी छीनी गई, वो सभी आदिवासियों का अपमान है. देखिए VIDEO
चम्पाई सोरेन को झारखंड में बड़ा आदिवासी नेता माना जाता है. वे अपने गृह क्षेत्र में कोल्हान टाइगर के नाम से पहचाने जाते हैं. बिहार-झारखंड बंटवारे में चम्पाई ने शिबू सोरेन के साथ अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने शिबू सोरेन के साथ करीब 2 दशक तक राजनीति की और सुलझे हुए नेता माने जाते हैं.
सीता सोरेन ने कहा कि सहायक अध्यापक,अनुबंध कर्मी,सहायक पुलिसकर्मी जैसी भर्तियों के लिए जब राज्य में जब शांतिपूर्ण आंदोलन हुए तो उनपर लाठियां बरसाईं गईं. मौजूदा सरकार अपने वोट बैंक को चमकाने के लिए सिर्फ प्रलोभन वाली योजनाएं ला रही है.
लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी में समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है. झारखंड से यूपी तक चुनाव हारने वाले नेताओं की ओर से भीतरघात के आरोप लगाए जा रहे हैं. कहीं जिलाध्यक्ष की ओर उंगली उठ रही है तो कहीं सांसद और विधायक के समर्थक आपस में ही भिड़ जा रहे.
झारखंड की दुमका सीट पर दिलचस्प मुकाबला है. दुमका में जेएमएम उम्मीदवार नलिन सोरेन और बीजेपी कैंडिडेट सीता सोरेन में मुकाबला है. दोनों के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है. आइए देखते हैं कि India Today Axis My India के Exit Poll के मुताबिक, दुमका लोकसभा सीट पर किसका पलड़ा भारी है.
सीता ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने झारखंड को चारागाह बना दिया है, लेकिन अब यह सब नहीं चलनेवाला है. बता दें कि जामताड़ा भाजपा कार्यालय में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और लोकसभा चुनाव को लेकर दिशा निर्देश दिए. मौके पर भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी सीता सोरेन भी मौजूद थीं.
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर, JMM ने गुरुवार को दो सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने झारखंड की गिरिडीह और दुमका लोकसभा सीट के लिए प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है. JMM ने दुमका लोकसभा सीट से नलिन सोरेन और गिरिडीह के लिए मथुरा प्रसाद महतो का नाम बतौर उम्मीदवार घोषित किया है.
JMM से विधायक सीता सोरेन ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. दरअसल इसे झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर बताया जा रहा है. सीता सोरोन ने सोरेन परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी पति की मौत के बाद पार्टी ने उन्हें बिल्कुल दरकिनार कर दिया. पूरी खबर जानने के लिए देखें वीडियो.
सीता सोरेन ने रांची में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'जेएमएम को मजबूत करने के लिए अपना खून पसीना बहाने वाले मेरे पति दुर्गा सोरेन की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हुई थी. मैं इसकी हाई-लेवल जांच की मांग करती हूं.' उन्होंने जेल में बंद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन पर उनका 'अपमान' करने का भी आरोप लगाया.
बीजेपी ने झारखंड की भी लोकसभा सीटों से उम्मीदवारों को उतारा है. इसमें सबसे बड़ा नाम सीता सोरेन का है. बीजेपी ने उन्हें दुमका से टिकट दी है. सीता सोरेन का नाम खास इसलिए है, क्योंकि वह झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की भाभी हैं. उन्होंने हाल ही में बीजेपी का दामन थामा था.
बीजेपी में शामिल होते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक और सोरेन परिवार की सदस्य सीता सोरेन ने अपने परिवार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर मैं और मेरे बच्चों ने मुंह खोलकर भयावह सच्चाई उजागर कर दी तो कितनों का राजनैतिक और सत्ता सुख का सपना चूर चूर हो जाएगा.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने बीजेपी में शामिल होने की बड़ी वजह बताई है. उन्होंने बताया कि पति दुर्गा सोरेन की मृत्यु के बाद से वो लगतार परिवार में उपेक्षा का शिकार हो रही थीं. इसके अलावा, उन्होंने अपने देवर हेमंत सोरेन के साथ अपने संबंधों को भी उजागर किया. देखें वीडियो.
बीजेपी में शामिल होने के बाद सीता सोरेन ने कहा कि मुझे पार्टी में उचित सम्मान नहीं दिया गया जिसकी वजह से मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग भ्रष्टाचार से परेशान हैं और मैं उन लोगों के लिए काम करना चाहती हूं.
हेमंत सोरेन की भाभी और उनके बड़े भाई दुर्गा सोरेन की पत्नी सीता सोरेन ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है. कुछ घंटे पहले ही सीता सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. सीता सोरेन लंबे वक्त से नाराज चल रही थीं. हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद से ही पार्टी में तनाव था. देखें वीडियो.
JMM प्रमुख शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है. उन्होंने कुछ घंटे पहले ही JMM छोड़ने का ऐलान किया था. सीता का कहना था कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ गहरी साजिश रची जा रही है.