सीवान
सीवान (Siwan) जिला भारत के बिहार राज्य (Bihar) के जिलों में से एक है. सीवान शहर इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला 1972 से सारण संभाग का हिस्सा है. राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित सीवान जिला, मूल रूप से सारण जिले का एक उप-मंडल था. 1976 में सारण से अलग होने के बाद सीवान एक पूर्ण विकसित जिला बन गया (Formation of Siwan District).
सीवान जिले में दो संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, सीवान और महाराजगंज (आंशिक हिस्सा) आते हैं (Parliamentary Constituencies of Siwan), जिसके अंतर्गत कुल 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं (Assembly Constituencies of Siwan).
2011 की जनगणना के मुताबिक सीवान जिले की जनसंख्या 33.30 लाख है (Siwan Population). इस जिले का क्षेत्रफल 2,219 वर्ग किलोमीटर है (Area). यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1,501 लोग रहते हैं (Siwan Density). इस जिले का लिंगानुपात 988 है (Siwan Sex Ratio). यहां की औसत साक्षरता दर 69.45 फीसदी है, जिसमें 80.23 फीसदी पुरुष और 58.66 प्रतिशत महिलाएं साक्षर हैं (Siwan Literacy).
इतिहास की माने तो सीवान प्राचीन काल में कोसल साम्राज्य (Kosala Kingdom) का एक हिस्सा था. 8वीं शताब्दी के दौरान सीवान बनारस साम्राज्य का हिस्सा बना. यहां सिकंदर लोदी ने 15वीं शताब्दी में इस क्षेत्र को अपने राज्य के अधीन कर लिया. बाबर ने अपनी वापसी यात्रा में सीवान के पास घाघरा नदी पार की. 17वीं शताब्दी के अंत तक, डच पहले स्थान पर आए और फिर उसके बाद अंग्रेज यहां आए. 1764 में बक्सर की लड़ाई के बाद, यह बंगाल का हिस्सा बन गया. सीवान ने 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बिहार में पर्दा विरोधी आंदोलन की शुरुआत श्री ब्रज किशोर प्रसाद ने की थी. साथ ही जो 1920 में असहयोग आंदोलन भी शुरु किया था (History of Siwan).
सीवान जिले के प्रमुख स्थानों में जीरादेई (Zeeradei) खास है जो भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है (Birth Place of India’s First President, Dr Rajendra Prasad). यह स्थान जिला मुख्यालय से लगभग 13 किमी दूर है. इसके अलावा आशियाना, महेंद्र नाथ मंदिर, आनंद बाग मठ और सुंदर बाग मठ प्रमुक पर्यटक स्थल हैं (Siwan Tourist Place).
इस जिले की अधिकांश आबादी भोजपुरी बोलती है (Language of Siwan).
बिहार के सीवान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. अचानक आए इन झटकों से लोग दहशत में आए गए और घरों से बाहर निकलकर खुले मैदान में इकट्ठा हो गए. सीवान में आए भूकंप की तीव्रता 4.0 बताई जा रही है, जो आज आए दिल्ली के भूकंप के बराबर ही है.
बिहार के सिवान और छपरा में जहरीली शराब पीने से मौत का मामला सामने आया है. एसपी ने 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है. सिविल सर्जन के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जहरीली शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है.
सारण, सिवान और गोपालगंज में जहरीली शराब का कहर जारी है. अब तक तीनों जिले मिलाकर 53 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें सीवान में 39, सारण में 12 और गोपालगंज में दो लोगों की मौत हो चुकी है. 20 से अधिक लोग बीमार हैं. शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है.
बिहार के सिवान, छपरा और गोपालगंज में जहरीली शराब से अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है. पुलिस ने उत्पाद विभाग की टीम के साथ मिलकर बैकुंठपुर, मांझा और बरौली थाना क्षेत्र के दियारे इलाके में छापेमारी की है, जिसमें भारी मात्रा में देशी शराब बरामद की गई. देखें...
बिहार के सीवान में जहरीली शराब से अबतक 37 मौत का आंकड़ा पार हो चुका है. गांव घर में मातम पसरा है और सरकार में शामिल नेता कह रहे हैं किु लोग तो मरते ही रहेंगे. गोपाल मंडल ने कहा कि ये सब तो मरते रहेगा, जहरीली शराब जो पीता है. गरीब आदमी ही मरता है, गरीब आदमी महुआ जो पीता है. देखें उन्होंने पुलिस की भूमिका पर क्या कुछ कहा.
बिहार में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब पीने से 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. सीवान और सारण के 16 गांवों में यह घटना घटी, जिससे स्थानीय लोग सदमे में हैं. पीड़ित ज्यादातर गरीब परिवारों से हैं. इस त्रासदी में कई लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई. यह दुखद घटना सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि शराबबंदी के बावजूद नकली शराब का कारोबार कैसे फल-फूल रहा है. देखिए VIDEO
बिहार में जहरीली शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा 20 के पार जा चुका है. आजतक की टीम गुरुवार को सीवान जिले के खेरवा इलाके में पहुंची, जहां पर शराब के सेवन से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है. सीवान प्रशासन ने 20 लोगों के मौत की पुष्टि की है.
बिहार के सीवान में जहरीली शराब के सेवन से 50 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, कई की हालत से बेहद गंभीर बनी हुई है. आशंका जताई जा रही है कि मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है. कई मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई है और कई को उल्टी और सीने में दर्द की शिकायत है.
बिहार में एक बार फिर से जहरीली शराब का तांडव देखने को मिला है. सिवान में अब तक जहरीली शराब पीने से 25 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा की हालत नाजुक है. सीएम नीतीश कुमार में जांच की बात कही है. साथ ही मरने वाले के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा. देखें सीवान से शराब कांड की ये रिपोर्ट.
बिहार के सीवान में जहरीली शराब पीने से मरनेवालों की संख्या 20 हो गई है. पुलिस अधीक्षक ने बीस मौत की पुष्टि कर दी है. बिहार में शराबबंदी है बावजूद इसके राज्यभर से ऐसी खबरे लगातार आती हैं. ऐसे में नीतीश सरकार के शराबबंदी पर सवाल उठने लगे हैं. देखें घटना में नीतीश सरकार के मंत्री ने क्या कुछ कहा.
सिविल सर्जन के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जहरीली शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वाले लोगों में छपरा के 8 लोग शामिल हैं. शराब पीने से तबीयत खराब होने के बाद लोगों को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पर उनकी मौत हो गई.
बिहार में शराबबंदी कानून लागू है. लेकिन इसके बावजूद जहरीली शराब से मौत के मामले सामने आते रहते हैं. ताजा मामला सिवान से मौत का मामला सामने आया है. यहां जहरीली शराब से 7 लोगों की मौत हो गई. भोजपुरी में देखें खबरें.
पटना में आरजेडी के एक एमएलसी के आवास पर दोनों की मुलाकात के दौरान तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. माना जा रहा है की अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए हिना शहाब को लालू आरजेडी में लाना चाहते हैं.
बिहार में लगभग रोज क्या नए, क्या पुराने या क्या निर्माणाधीन, पुल एक-एक करके जल समाधि ले रहे हैं. बुधवार को तो हद हो गई जब राज्य के दो जिलों सीवान और छपरा में एक ही दिन में 5 पुल ध्वस्त हो गए. लगातार पुल गिरने की इन घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका डाली गई है.
बिहार के सीवान जिले (Siwan) में एक ही दिन में तीन पुलों के गिरने की खबर आई है. इससे पहले कल भी इसी तरह की घटना सारण जिले में हुई थी, जहां दो पुल धराशायी हो गए थे. अधिकारियों का कहना है कि पुल कई साल पुराने थे, जर्जर हो चुके थे. अब प्रशासन और शासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द नए पुल बनाए जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न हो.
बिहार में अररिया और सिवान के बाद रविवार को मोतिहारी में पुल गिरने का मामला सामने आया है. एक हफ्ते के अंदर तीन पुल ढहने से राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है. घोड़ासहन प्रखंड में शनिवार की रात जो निर्माणाधीन पुल ध्वस्त हो गया वह लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा था.
बिहार में 4 दिन में तीसरा पुल गिर गया है. मोतिहारी में 2 करोड़ की लागत से बन रहा 50 फीट का पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. इससे पहले अररिया और सीवान में भी पुल गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं. सीवान में 22 जून को और अररिया में 19 जून को पुल गिर चुका है.
बिहार (Bihar) में एक हफ्ते में तीसरा पुल गिर गया है. इस बार ये हादसा मोतिहारी में हुआ है. यहां दो करोड़ रुपये की लागत से 50 फीट का पुल (bridge) बनाया जा रहा था, जो धराशायी (collapsed) हो गया. इससे पहले अररिया और सीवान में भी पुल गिर चुके हैं.
बिहार में पुल (bridge) गिरने का सिलसिला थमना नहीं दिख रहा है. बीते मंगलवार को अररिया जिले में 12 करोड़ से बना पुल उद्घाटन से पहले ही धड़ाम हो गया था. अब सीवान में नहर पर बना ब्रिज जमींदोज हो गया है. इस मामले का VIDEO भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोगों का कहना है कि पुल गिरने की सूचना के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे.
बिहार के सीवान की जनता ने 4 बार शहाबुद्दीन को सांसद बनाने के बाद से हर पार्टी के नेता को जिताया. आरजेडी, बीजेपी और निर्दलीय नेता यहां से सांसद चुने जा चुके हैं. इस बार सीवान में किसके सिर सजेगा जीत का ताज? क्या है जनता का चुनावी मिजाज? जानने के लिए देखें आजतक का खास चुनावी शो 'हेलिकॉप्टर शॉट'.
बिहार के सिवान सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. आरजेडी ने वहां से अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. वहीं सिवान के पूर्व सांसद मो.शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है और हिना लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही हैं. सिवान को लेकर आरजेडी के सस्पेंस पर जब उसने बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि मैं अपना फैसला नहीं बदलने वाली हूं, मैं निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतरूंगी.