सूर्य ग्रहण
सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा के आने से सूर्य ग्रहण होता है (Solar Eclipse). सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी का एक हिस्सा चंद्रमा की छाया में घिरा होता है जो सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से रोक लेता है. सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के एक सीध में होने पर सूर्य ग्रहण होता है. इस तरह की घटना अमावस्या (New Moon) के दौरान होता है क्योंकि तब चंद्रमा ग्रहण तल के सबसे निकट होता है. पूर्ण ग्रहण में, सूर्य की डिस्क पूरी तरह से चंद्रमा से ढकी रहती है. आंशिक और वलयाकार ग्रहणों में, सूर्य का केवल एक भाग ढका होता है (Types of Solar Eclipse).
यदि चंद्रमा पूरी तरह से गोलाकार कक्षा में होता, पृथ्वी के थोड़ा करीब होता, और उसी कक्षीय तल में होता, तो हर अमावस्या को पूर्ण सूर्य ग्रहण होता. चूंकि चंद्रमा की कक्षा सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा में 5 डिग्री से अधिक झुकी हुई है, इसलिए इसकी छाया आमतौर पर पृथ्वी से चूक जाती है. सूर्य ग्रहण तभी हो सकता है जब अमावस्या के दौरान चंद्रमा ग्रहण तल के काफी करीब हो (Solar Eclipse Phenomenon). दो घटनाओं के मेल खाने के लिए विशेष परिस्थितियां होनी चाहिए क्योंकि चंद्रमा की कक्षा प्रत्येक draconic month (27.212220 दिन) में दो बार अपने कक्षीय नोड्स पर एक्लिप्टिक को पार करती है जबकि प्रत्येक synodic month (29.53059 दिन) में एक नया चंद्रमा होता है. इसलिए सौर (और चंद्र) ग्रहण केवल ग्रहण के मौसम के दौरान ही होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर साल कम से कम दो और अधिक से अधिक पांच तक सूर्य ग्रहण होते हैं, जिनमें से दो से अधिक पूर्ण ग्रहण नहीं हो सकते हैं (Solar Eclipse Frequency per Year).
पूर्ण ग्रहण दुर्लभ हैं क्योंकि ग्रहण के मौसम में अमावस्या का समय ऑब्जर्वर (पृथ्वी पर) और सूर्य और चंद्रमा के केंद्रों के बीच संरेखण के लिए अधिक सटीक होना चाहिए. इसके अलावा, चंद्रमा की अण्डाकार कक्षा अक्सर इसे पृथ्वी से इतनी दूर ले जाती है कि इसका स्पष्ट आकार सूर्य को पूरी तरह से ढकने के लिए पर्याप्त नहीं होती है (Total Solar Eclipse Conditions).
ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है. हालांकि, कुछ प्राचीन और आधुनिक संस्कृतियों में, सूर्य ग्रहण को अलौकिक कारणों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था या इसे अपशकुन माना जाता था (Solar Eclipse Religious Context ). सीधे सूर्य को देखने से आंखों को नुकसान या अंधापन हो सकता है, इसलिए सूर्य ग्रहण को देखते समय आंखों की विशेष सुरक्षा या अप्रत्यक्ष देखने की तकनीक का उपयोग किया जाता है (Solar Eclipse Viewing Technique). किसी स्थान पर आंशिक सूर्य ग्रहण दो घंटे से अधिक के हो सकते हैं (Partial Solar Eclipse Duration) जबकि पूर्ण ग्रहण अधिकतम 7.5 मिनट तक चल सकता है (Total Solar Eclipse Duration).
Surya Grahan 2024 Date: भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण रात 09.12 बजे से लेकर देर रात 03.17 बजे तक रहेगा. मध्य रात्रि तकरीबन 12.15 बजे सूर्य ग्रहण का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा. इस सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे 5 मिनट की होगी. आइए जानते हैं कि साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव हो सकता है.
Surya Grahan 2024 Kab hai: सूर्य ग्रहण रात 09 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा और सुबह 03 बजकर 17 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. ज्योतिषविदों का कहना है कि सूर्य ग्रहण पर 9 साल बाद एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है. दरअसल, इस बार सूर्य ग्रहण पर सर्वपितृ अमावस्या और गजच्छाया योग लग रहा है.
Surya Grahan 2024 Date, time in India: सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर की रात्रि लगभग 9:13 से शुरू होकर 3:17 तक रहेगा. यह ग्रहण बेशक भारत में दिखाई ना दे रहा हो, लेकिन यह विदेशों में दिखाई देगा. उत्तरी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, न्यूजीलैंड और फिजी आदि जैसे देशों में यह सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. यह ग्रहण भारत में दर्शनीय नहीं है. ऐसे में यहां पर सूतक आदि नहीं लगेगा, न ही मंदिर के कपाट बंद होंगे. सभी मंदिरों में सामान्य रूप से पूजा आदि होगी.
इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर बुधवार को लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण 6 घंटे 4 मिनट तक रहेगा. इस सूर्य ग्रहण के दिन सर्व पितृ अमावस्या है, जाने इस ग्रहण से जुड़ी अहम बातें.
Surya Grahan 2024 today Date, time in India: सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार, इसका आरंभ 2 अक्टूबर की रात को 09.12 बजे होगा. मध्य रात्रि तकरीबन 12.15 बजे सूर्य ग्रहण का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा. ग्रहण का समापन 3 अक्टूबर की रात 03.17 बजे होगा. सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे 5 मिनट की होगी.
Surya Grahan 2024: पितृ पक्ष के आखिरी दिन यानी आज साल का आखिरी और दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण आज रात 9 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन 3 अक्टूबर की मध्यरात्रि में 3 बजकर 17 मिनट पर होगा.
Surya Grahan October 2024 Sutak Kaal Timing: 2 अक्टूबर को साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है. भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर की रात 09.12 शुरू होगा. सूर्य ग्रहण का मध्य काल रात्रि 12.15 होगा. जबकि सूर्य ग्रहण का समापन 3 अक्टूबर की रात 03.17 होगा.
2 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है. इस सूर्यग्रहण के दौरान कई देशों में रिंग ऑफ फायर भी दिखेगा.
इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर बुधवार को लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण 6 घंटे 4 मिनट तक रहेगा. इस सूर्य ग्रहण के दिन सर्व पितृ अमावस्या है, जानें इस ग्रहण से जुड़ी अहम बातें.
Sarva Pitru Amavasya 2024: इस बार 2 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. साथ ही इस दिन सर्व पितृ अमावस्या भी पड़ रही है. इसलिए इस दिन महत्व ओर ज्यादा बढ़ गया है. लेकिन, ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक मान्य नहीं होगा.
2 अक्टूबर 2024 को Ring Of Fire Solar Eclipse दिखने वाला है. भारत में नहीं. अमेरिका में. खासतौर से दक्षिणी अमेरिका के 11 प्रांतों में. यह एक एन्यूलर ग्रहण है. यानी वलयाकार ग्रहण. इसमें सूरज के चारों तरफ एक चमकती हुई अंगूठी जैसी आकृति दिखेगी. इसलिए इसे रिंग ऑफ फायर कहते हैं.
2 अक्टूबर 2024 को Ring Of Fire Solar Eclipse दिखने वाला है. भारत में नहीं. अमेरिका में. खासतौर से दक्षिणी अमेरिका के 11 प्रांतों में. यह एक एन्यूलर ग्रहण है. यानी वलयाकार ग्रहण. इसमें सूरज के चारों तरफ एक चमकती हुई अंगूठी जैसी आकृति दिखेगी. इसलिए इसे रिंग ऑफ फायर कहते हैं.
Chandra Grahan 2024 Date: साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को सुबह 06 बजकर 12 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 17 मिनट तक रहने वाला है. यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. इस चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 05 घंटे 04 मिनट रहेगी. चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले लगा जाता है. चूंकि ये चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं है.
दुनिया के सबसे पुराने सूर्य ग्रहण (Oldest Solar Eclipse) का पता चल गया है. ये हिंदू धर्म के वेद में बताया गया है. ये सूर्य ग्रहण 6000 साल पहले हुआ था. जिसका जिक्र हिंदू धर्म के ऋग्वेद में है. ये खोज एक भारतीय और दूसरे जापानी वैज्ञानिक ने की है.
अगले दस साल में सात पूर्ण सूर्य ग्रहण होंगे. इनमें से सिर्फ एक ही ऐसा होगा जो भारत में दिखाई देगा. लेकिन जरूरी नहीं कि मैदानी इलाकों के लोग इसे देख भी पाएं. उनको संभवतः पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को न मिले. जानिए अगले एक दशक में कब-कब होंगे पूर्ण सूर्य ग्रहण.
सोमवार को उत्तरी अमेरिका में सूर्य ग्रहण लगा था जिससे जोड़ते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विचित्र इलेक्शन कैंपेन वीडियो जारी किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि चांद की जगह सूरज को वो ढकते नजर आ रहे हैं जिसके बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता दिख रहा है.
8 अप्रैल 2024 को सूरज की काली परछाई धरती के ऊपर से गुजरी. यह नजारा स्पेस स्टेशन, ऑर्बिट में घूम रहे सैटेलाइट्स ने भी कैद किया. Elon Musk ने ट्वीट भी किया. उसका वीडियो भी इंटरनेट पर डाला. यह नजारा इता खूबसूरत है कि आप इसे देखकर हैरान हो जाएंगे.
8 अप्रैल यानी आज साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है जिसमें पृथ्वी के कई हिस्सों में कुछ समय के लिए दिन में ही पूरा अंधेरा छा जाएगा. हालांकि, ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. उत्तरी अमेरिका में रहने वाले लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद उठा सकेंगे. बीते सात सालों में यह पहला सूर्य ग्रहण है जो अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको और उत्तरी अमेरिका के अन्य हिस्सों में दिखेगा.
Surya Grahan 2024: साल का पहला सूर्य ग्रहण खत्म हो चुका है. यह सूर्य ग्रहण रात 09.12 बजे शुरू हुआ था और रात 02.22 खत्म हुआ. इस तरह इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 10 मिनट की थी. यह सूर्य ग्रहण सोमवती अमावस्या के दिन लगा था.
Ghatsthapana Ka shubh muhurt Kya Hai: मां दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्रि का महापर्व 9 अप्रैल यानी कल से शुरू होने वाला है. इस बार चैत्र नवरात्रि पर घटस्थापना के दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. इस दिन घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 11 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इसके बाद आप अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं.