स्टारशिप
एक स्टारशिप (Starship), स्टारक्राफ्ट (Spacecraft), या इंटरस्टेलर स्पेसक्राफ्ट (Interstellar Spacecraft) एक सैद्धांतिक अंतरिक्ष यान है जिसे ग्रह प्रणालियों के बीच यात्रा करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह शब्द ज्यादातर विज्ञान कथाओं में पाया जाता है. एक स्टार-शिप का सन्दर्भ पहली बार 1882 में ओहस्पे: ए न्यू बाइबल में मिला था (Starship Reference in Oahspe: A New Bible).
नासा के वोयाजर और पायनियर प्रोब ने लोकल इंटरस्टेलर स्पेस में यात्रा की है, इन अनक्रूड क्राफ्ट का उद्देश्य विशेष रूप से इंटरप्लानेटरी था, और उनके किसी अन्य स्टार सिस्टम तक पहुंचने की कोई संभावना नहीं है (NASA's Voyager and Pioneer). वोयाजर 1 लगभग 40,000 सालों में 1.7 प्रकाश वर्ष के भीतर यात्रा करेगा. निकट भविष्य में उपलब्ध होने वाली आधुनिक तकनीक या टेक्नोलॉजी के साथ स्टारशिप के लिए कई प्रारंभिक डिजाइन किए गए हैं.
अप्रैल 2016 में, स्टारचिप नामक छोटे सेंटीमीटर आकार के हल्के सेल अंतरिक्ष यान के प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट बेड़े को विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ब्रेकथ्रू इनिशिएटिव्स प्रोग्राम, ब्रेकथ्रू स्टारशॉट की घोषणा की (Starship Research). वैज्ञानिकों के मुताबिक ये निकटतम स्टार सिस्टम अल्फा सेंटौरी की यात्रा करने में सक्षम होगी और प्रकाश की गति के 20% और 15% की गति से, 20 से 30 साल के बीच स्टार सिस्टम तक पहुंचेगी. और वहां अपने सफल आगमन की सूचना पृथ्वी को देने में उसे लगभग 4 साल का वक्त लगेगा (Starship Future Expedition).
इसके अलावा, स्पेसएक्स इंटरप्लानेटरी और ऑर्बिटल स्पेसफ्लाइट के लिए निजी तौर पर वित्त पोषित, पूरी तरह से रियूजेबल, सुपर हेवी-लिफ्ट लॉन्च सिस्टम, स्टारशिप विकसित कर रही है. इस स्टारशिप का उद्देश्य स्पेसएक्स का प्राथमिक प्राइमरी ऑर्बिटल स्पेसफ्लाइट बनना है (SpaceX Starship).
SpaceX ने जानबूझकर अपने अपने स्टारशिप को मेक्सिको की खाड़ी में गिराया. लेकिन क्यों? जबकि वह उसे लॉन्चर के रोबोटिक आर्म में पकड़ सकता था. पर ये स्टारशिप है क्या. इससे स्पेसएक्स और दुनिया को क्या फायदा होगा, जो Elon Musk इसके इतने परीक्षण कर रहे हैं.
स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट और सुपर हैवी रॉकेट को कलेक्टिवली स्टारशिप कहा जाता है. इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया.
SpaceX के स्टारशिप रॉकेट की पांचवीं लॉन्चिंग सफल रही. ये कहीं फटा नहीं. आराम से मेक्सिको की खाड़ी में ऊपर गया. वापस लौटते समय इसे लॉन्च पैड के मैकेनिकल आर्म्स ने हवा में पकड़ा. यानी बूस्टर पूरी तरह से जमीन पर नहीं उतरा. यह लॉन्च पैड के आर्म्स में लटक गया. इसके लिए स्पेसएक्स कई सालों से प्रयास कर रहा था.
Elon Musk ने मंगल पर अपना यान भेजने की नई टाइमलाइन का ऐलान कर दिया है. मस्क ने कहा कि अगले दो साल में मंगल ग्रह पर SpaceX का पहला Starship जाएगा. ये उस समय लॉन्च होगा, जब पृथ्वी और मंगल ग्रह की दूरी सबसे कम होगी. ट्रांसफर विंडो खुला होगा.
21 अप्रैल 2023 को Elon Musk की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारशिप की लॉन्चिंग हुई. चार मिनट बाद यह रॉकेट 33 किलोमीटर की ऊंचाई पर फट गया. लेकिन लॉन्च के समय इसने इतना धूल उड़ाया कि आसपास के शहर में धूल ही धूल फैल गया. इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है. इससे काफी प्रदूषण फैला है.
SpaceX का Starship रॉकेट 20 अप्रैल को उड़ा. 33 किलोमीटर ऊपर जाकर फट गया. लोग इसे असफलता कहेंगे. लेकिन इस विस्फोट पर स्पेसएक्स की टीम खुश थी. तालियां बजा रही थी. क्योंकि ये Elon Musk का फॉर्मूला है. फॉर्मूला 'सफल असफलता' का. समझिए क्या है इस शब्द के मायने...
World's Biggest Rocket: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने दक्षिणी टेक्सास के बोका चिका स्थित स्टारबेस से स्टारशिप को पहली बार लॉन्च किया. लॉन्च के करीब 4 मिनट बाद रॉकेट आसमान में फट गया. उस समय वह करीब 2080 KM प्रतिघंटा की रफ्तार से ऊपर जा रहा था. जब वह वापस आने लगा तो 33 KM की ऊंचाई पर फट पड़ा.
World's Biggest Rocket: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने दक्षिणी टेक्सास के बोका चिका स्थित स्टारबेस से दुनिया के सबसे बड़े रॉकेट स्टारशिप की पहली लॉन्चिंग टल गई है. पहले स्टेज में फ्यूल प्रेशराइजेशन में दिक्कत आने की वजह से इसे टालना पड़ा. यही रॉकेट भविष्य में इंसानों को मंगल तक ले जाएगा. यह दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट है.