सहारा ग्रुप (Sahara India Pariwar) के प्रमुख सुब्रत रॉय (Subrata Roy) का 14 नवंबर 2023 की देर रात निधन हो गया. उन्होंने मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली.महज 2000 रुपये से शुरू किये गए फाइनेंस कंपनी के कारोबार को सुब्रत ने 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया.सुब्रत रॉय ने एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की,जो फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया और हॉस्पिटैलिटी समेत अन्य क्षेत्रों तक फैला हुआ है. उन्होंने 1978 में 'सहारा इंडिया परिवार' ग्रुप की स्थापना की थी.
तिहाड़ के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सुनील गुप्ता ने कहा कि सुब्रत रॉय सहारा को जेल में खाने की पूरी सुविधा तो मिलती ही थी, उनके सेल से हमने शराब की बोतलें भी बरामद की थी. कोर्ट ने सुब्रत रॉय को प्राइवेट सेक्रेटरी रखने की भी अनुमति दी थी. सुनील गुप्ता ने बताया कि सुब्रत रॉय को सेक्रेटेरिएट की सुविधा लेने की अनुमति कोर्ट ने दी थी. लेकिन अब वो एयर होस्टेस बुला रहा था.
डायरेक्टर हंसल मेहता ने स्कैम सीरीज का तीसरा पार्ट की घोषणा कर दी है. इस बार बिजनेसमैन सुब्रत रॉय सहारा की कहानी दिखाई जाएगी. जिसका टाइटल है- 'स्कैम 2010- द सुब्रत रॉय सागा'. हंसल मेहता ने सोशल मीडिया पर मोशन पोस्टर शेयर कर इसकी अनाउंसमेंट की. देखें 'मूवी मसाला'.
आमिर अली ने बताया कि फ्लाइट अटेंडेंट रहते हुए उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी थी. लेकिन इस नौकरी में उन्हें छुट्टी नहीं मिलती थी. फिर एक दिन उन्हें फ्लाइट में सुब्रत रॉय मिल गए. उन्होंने अपनी दिक्कत सीधा उन्हें ही बता डाली. फिर जो हुआ, उसने आमिर का करियर बना दिया.
डायरेक्टर हंसल मेहता ने 'स्कैम 1992' और 'स्कैम 2003' के बाद अब इस शो के तीसरे सीजन का अनाउंस कर दिया है. इसका टाइटल रखा गया है 'स्कैम 2010: द सुब्रत रॉय सागा'. मेहता ने बताया की सुब्रत रॉय की कहानी पर आधारित तीसरे सीजन को वो फिर से खुद डायरेक्ट करने वाले हैं. देखें वीडियो.
'स्कैम 1992' और 'स्कैम 2003' के बाद अब इस शो का तीसरा सीजन अनाउंस कर दिया गया है. इसका टाइटल है 'स्कैम 2010: द सुब्रत रॉय सागा'. हंसल ने बताया की तीसरे सीजन को वो फिर से खुद डायरेक्ट करने वाले हैं.
सुब्रत रॉय गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. उनका अंतिम संस्कार उनके पोते ने किया. उनके अंतिम संस्कार में उनके दोनों बेटे मौजूद नहीं थे. जिसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. सुब्रत की पत्नी स्वप्ना रॉय और दोनो बेटे सीमांतो और सुशांतो मेसेडोनिया में रहते हैं.
भ्रष्ट राजनीतिक अर्थतंत्र, राजनीतिकों का साथ और कानूनी की खामियों के सहारे आसमान की ऊंचाइयों को छुआ सुब्रत रॉय ने. कुछ राजनीतिक संबंधों को निभाने के चलते कुछ संबंध ऐसे खराब हुए जो कभी सुधर नहीं सके और उन्हें अपने हाथों से बनाए हुए साम्राज्य को गिरते हुए देखने पड़ा.
सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का निधन हो गया है. उनके निधन के बाद सहारा के करोड़ों निवेशक चिंता में पड़ गए हैं. निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब उनका पैसा डूब जाएगा? बड़ी संख्या में लोगों ने सहारा रिफंड पोर्टल में पैसा वापसी के लिए अप्लाई भी किया हुआ है.
SEBI की नई रिपोर्ट के अनुसार, नियामक ने सहारा समूह की दो कंपनियों के निवेशकों को 11 वर्षों में 138.07 करोड़ रुपये वापस किए. इस बीच पुनर्भुगतान के लिए विशेष रूप से खोले गए बैंक खातों में जमा राशि बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है.
एक समय ऐसा था जब सुब्रत रॉय के पास एक एयरलाइन, एक फॉर्मूला वन टीम, एक आईपीएल क्रिकेट टीम, लंदन और न्यूयॉर्क में आलीशान होटल थे. उन्होंने अपनी एयरलाइन-एयर सहारा, जेट एयरवेज को बेच दी, जो बाद में खुद भी बंद हो गई.
भारतीय उद्योग जगत के लिए बीते दो दिन बेहद बुरे रहे. इस दौरान देश के तीन दिग्गज बिजनेसमैन ने दुनिया को अलविदा कहा. इनमें सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय, पीआरएस ओबेरॉय और बीकानेरवाला के फाउंडर केदारनाथ अग्रवाल शामिल हैं.
Sahara Investor News: सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक जिन्होंने निवेश नहीं किया है, उन्हें किसी भी तरह से यहां से रिफंड नहीं मिल सकता और जिन्होंने निवेश किया है, उन्हें रिफंड मिलने से कोई रोक नहीं सकता. निवेशकों के आवेदन भरने के लिए Common Service Centre (CSC) की व्यवस्था की गई है.
सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का निधन हो गया. अब सहारा के करोड़ों निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब उनका पैसा डूब जाएगा? अगर नहीं, तो सहारा के पैसे निकलेंगे कैसे? दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल https://mocrefund.crcs.gov.in/ की स्थापना की है. यहां निवेशक अपने रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं.
खुदरा, रियल एस्टेट और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में एक बड़ा व्यापारिक साम्राज्य बनाने वाले रॉय का विवादों से भी नाता रहा. उनकी कंपनी पर पोंजी योजनाओं के साथ नियमों को दरकिनार करने का आरोप लगा. सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.
Subrata Roy Sahara Story: एक समय था जब सुब्रत रॉय गोरखपुर में एक वकील के घर में किराये पर रहते थे. वहीं पर उनके बच्चों का जन्म हुआ. फिर देखते ही देखते महज 2000 रुपये से शुरू किये गए फाइनेंस कंपनी के कारोबार को 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया.
सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन हो गया. उन्होंने मुंबई में 75 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. सुब्रत राय कई दिनों से बीमार थे. आज उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के सहारा शहर लाया जाएगा.
सुब्रत राय बिजनेस के क्षेत्र का जाना-माना नाम थे. उन्होंने एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की, जो फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया और हॉस्पिटेलिटी समेत अन्य क्षेत्रों तक फैला हुआ है. रॉय ने 1978 में सहारा इंडिया परिवार समूह की स्थापना की थी.
सहारा परिवार के मुखिया सुब्रत रॉय काफी दिनों से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे. उनका मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. उनका पार्थिव शरीर बुधवार को लखनऊ के सहारा शहर लाया जाएगा, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी.
बिहार पुलिस ने सबसे पहले यूपी की पुलिस से संपर्क किया और गिरफ्तारी में मदद मांगी, जिसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस यहां गोमती नगर में स्थित सहारा शहर के दफ्तर पहुंचीं. बिहार के नालंदा जिले की उपभोक्ता न्यायालय (Consumer court) ने सुब्रत रॉय के खिलाफ एनबीडब्ल्यू नोटिस जारी किया है.