सक्सेस स्टोरी
हर इंसान अपने जीवन में सफलता पाना चाहता है. मनुष्य का यह सपना होता है कि वह जीवन में एक सफल व्यक्ति की तरह अपना जीवन व्यतीत करे. इंसान अपने जीवन में किसी न किसी के पद चिन्हों पर चल कर उसी की तरह सफल होना चहता है (Success).
बहुत से लोगों के लिए सफलता पाना आसान होता है लेकिन दुनिया में कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत की हैं. कई लोग तो अपने जीवन का लक्ष्य तय कर लेते हैं कि उन्हें सफल हर कीमत पर होना है (Dream for Success).
लेकिन वास्तविक जीवन में सफल होना या सफलता पाना इतना आसान नहीं होता है. दुनिया में कई ऐसे व्यक्तियों की कहानी हमें पढ़ने या सुनने को मिलती हैं जिन्होंने सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की. उनके संघर्ष की कहानी काफी लोगों को प्रेरणा देती है. संघर्षरत लोग उनके जीवन के बारे में जानकर या पढ़कर खुद को अपने जीवन का आइकन बनाते हैं और उनके नक्शे-कदम पर चलकर सफलता हासिल करते हैं (Success Story).
देश और दुनिया में कई सफल व्यक्तियों के Success Story प्रकाशित होते है जिसे पढ़ कर उनकी Success Story मे से कुछ सीख कर अपने जीवनशैली में परिवर्तन लाकर अपना मुकाम हासिल कर सकते हैं.
मिसाल हैं 81 साल के LLB स्टूडेंट सतपाल, आगे PhD करने का सपना!
पेशे से शिक्षक विजय सिंह शेखावत ने बेटे को पढ़ाने के लिए कोटा कोचिंग हब को छोड़कर झुंझुनू से तैयारी कराई. यही नहीं वो बेटे के खातिर रोज कई किलोमीटर सफर करते थे.पिता की प्रेरणा ने बेटे पर इतना असर किया कि बेटे ने जेईई मेंस में 99.44 पर्सेंटाइल हासिल करके पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया.
IAS बनने के लिए छोड़ी थी Google की नौकरी, आज कहां हैं UPSC टॉपर?
JEE में 300/300 नंबर का रिकॉर्ड, फिर छोड़ दिया IIT प्लेसमेंट, अब...
IIT-JEE देश के टफेस्ट एग्जाम में से एक है. इसे क्रैक करना आसान बात नहीं है, लेकिन ओडिशा के ओम प्रकाश बेहरा ने 300 में से 300 नंबर लाकर कीर्तिमान रच दिया है.
उदयपुर के रहने वाले कल्पित वीरवाल ने 2017 में IIT-JEE मेन्स में 360 में से 360 नंबर प्राप्त किए थे, जिसकी वजह से उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है. उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से IIT बॉम्बे में एडमिशन लिया था, लेकिन फाइनल ईयर में एक सेमेस्टर पहले पढ़ाई छोड़ दी थी.
यह कहानी ऐसे पिता की है जिन्होंने सिस्टम से भिड़कर डाउन सिंड्रोम से ग्रसित अपनी बेटी का दिल्ली का वोटर आईडी कार्ड बनवाया. वही बेटी इलेक्शन कमीशन की स्पेशल आइकन बनी जिसके वीडियो जागरुक करने में इस्तेमाल हुए. आप भी ऐसे स्पेशल बच्चे के पेरेंट्स हैं तो जानें क्या है नियम. पढ़ें- पूरी कहानी...
MPPSC PCS Success Story Aysha Ansari: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम घोषित किए हैं जिसमें रीवा की आयशा अंसारी ने डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया है. आयशा ने अपनी कड़ी मेहनत और परिवार के समर्थन से यह मुकाम हासिल किया है. उनके पिता पेशे से ऑटो चालक हैं और उन्होंने हमेशा आयशा की पढ़ाई को प्राथमिकता दी.
MPPSC PCS 2022 Topper Deepika Patidar: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2022 में दीपिका पाटीदार ने 902.75 अंकों के साथ टॉप किया. उनके संघर्ष और मेहनत की प्रेरणादायक कहानी ने उन्हें डिप्टी कलेक्टर के पद पर पहुंचाया. परीक्षा में लड़कियों का प्रदर्शन शानदार रहा. टॉप 10 में छह लड़कियों ने बाजी मारी है.
MPPSC PCS 2nd Topper Aditya Narayan Tiwari: आदित्य बताते हैं कि उनकी तैयारी का सफर करीब 4-5 साल लंबा रहा. शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. 2018 और 2020 के प्रीलिम्स में असफल होने के बाद उन्होंने 2019, 2021 और 2022 में क्वालीफाई किया. 2021 में सहकारिता निरीक्षक (co-operative inspector) के पद पर चयन भी हुआ.
BPSC Success Story Manjay Lal Sada: दरभंगा जिले के परमार गांव के मुसहरी टोला के मंजय लाल सदा ने गरीबी और चुनौतियों का सामना करते हुए BPSC शिक्षक पात्रता परीक्षा (TRE) पास की. वे अपने गांव से इंटर पास कर सरकारी नौकरी पाने वाले पहले व्यक्ति बने. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, फिर भी उनकी सफलता ने गांव में शिक्षा का माहौल बदल दिया है और उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
सालों इंतजार के बाद गरीब परिवार में जन्मे 19 साल के लड़के के सीने में आज बीमार दिल की जगह 25 साल के युवा का दिल धड़क रहा है. बचपन से पल रही दिल की बीमारी के कारण उसकी जिंदगी बद से बदतर होती जा रही थी. दिन पर दिन चलना-फिरना दूभर होता जा रहा था. आज नौ जनवरी की सुबह जब उसने पहली बार आंखें खोली तो उसे सांस लेने में दिक्कत नहीं हो रही थी. यह कमाल किया राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने, जानिए पूरी कहानी...
अक्सर लोग रिटायरमेंट के बाद अपने बच्चों के साथ अपनी जिंदगी प्लान करते हैं. कुछ लोग रिटायरमेंट के बाद बोरियत का शिकार हो जाते हैं. लेकिन ये कहानी ऐसी शिक्षिका की है जो रिटायरमेंट के 22 साल भी पूरी तरह एक्टिव हैं, क्योंकि इन्होंने समाज के वंचितों को अपना बाकी का जीवन समर्पित करने का प्रण किया था. आज उनकी मुहिम रंग ला चुकी है, उनके पढ़ाए बच्चे आईआईटी तक का सफर पूरा कर रहे हैं.
साल 2025 में अपने 80वें बरस में प्रवेश कर चुके ऑटो ड्राइवर राम प्रकाश अभी भी ऑटो चलाकर अपना भरण पोषण कर रहे हैं. उनसे बात करो तो एक ऐसी दिल्ली की तस्वीर बनती है जो ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों की याद दिलाती है. गीता कॉलोनी की रिफ्यूजी कॉलोनी में रहने वाले राम प्रकाश ने अपनी साठ साल की ड्राइविंग का अनुभव aajtak.in से साझा किया.
NEET Madhurima Success Story: त्रिपुरा की 20 साल की मधुरिमा ने कैंसर से जंग जीतकर NEET परीक्षा में सफलता पाई. उन्होंने स्टेज-3 कैंसर को हराकर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया. मधुरिमा ने ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई की और 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में 96% अंक प्राप्त किए थे.
CAT Topper Apoorva Success Story: अपूर्वा राजाध्यक्ष, मुंबई की 21 वर्षीय छात्रा, ने कैट 2024 में 100 परसेंटाइल स्कोर किया है. वह IIT बॉम्बे की छात्रा हैं और उनकी सफलता की कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है. क्योंकि उन्होंने आईआईटी की पढ़ाई के साथ कैट की तैयारी की और सफलता हासिल की है.
IITian Success Story: पुष्पेंद्र कुमार की प्रेरणादायक कहानी उनके दृढ़ निश्चय और मेहनत की मिसाल है. बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने गूगल में प्रतिष्ठित पद हासिल किया. साधारण परिवार से आने वाले पुष्पेंद्र ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड में पूरी की और IIT-JEE परीक्षा में सफलता पाई. गूगल के प्लेसमेंट कैंप में उनका चयन 39 लाख रुपये के पैकेज पर हुआ. उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई.
81 साल के सतपाल सिंह ने लॉ की पढ़ाई करने के लिए इससे पहले एमए भी किया हुआ है. उनका कहना है कि पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती है. किसी भी उम्र में पढ़ाई कर डिग्री हासिल कर सकते हैं. वे आगे पीएचडी भी करना चाहते हैं.
Success Story: पिता ने ठेले पर अंडा बेचकर बेटे को पढ़ाया तो बेटे ने भी उनकी मेहनत का मान रखा. आदर्श कुमार ने अति पिछड़ा वर्ग (EBC) कैटेगरी में 120वीं मेरिट हासिल की है. बेटे ने बीपीएससी की 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जज बना और अपने पिता को उनकी मेहनत का इनाम दिया.
दिल्ली की रहने वाली सृष्टि डबास ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 ऑल इंडिया रैंक 6 के साथ पास की थी. नौकरी के साथ साथ यूपीएससी के लिए तैयारी करके उन्होंने ये एग्जाम क्लियर किया था.
TATA Group को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले दिग्गज भारतीय बिजनेसमैन रतन टाटा (Ratan Tata) का बीते 9 अक्टूबर को 86 साल की उम्र में रतन टाटा का अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था.