सूडान
सूडान (Sudan) आधिकारिक तौर पर सूडान गणराज्य पूर्वोत्तर अफ्रीका का एक देश है. यह दक्षिण-पश्चिम में मध्य अफ्रीकी गणराज्य, पश्चिम में चाड, उत्तर में मिस्र, उत्तर पूर्व में इरिट्रिया, दक्षिण-पूर्व में इथियोपिया, उत्तर-पश्चिम में लीबिया, दक्षिण में दक्षिण सूडान और लाल सागर के साथ सीमा साझा करता है (Sudan Geographical Location).
2022 तक इसकी आबादी 45.70 मिलियन है (Sudan Population) और इसका क्षेत्रफल 1,886,068 वर्ग किलोमीटर है (Sudan Total Area), जो इसे क्षेत्रफल के हिसाब से अफ्रीका का तीसरा सबसे बड़ा देश और अरब लीग में तीसरा सबसे बड़ा देश बनाता है. यह 2011 में दक्षिण सूडान के अलग होने तक अफ्रीका और अरब लीग में क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा देश था. इसके बाद से दोनों खिताब अल्जीरिया के पास रहे हैं. इसकी राजधानी खार्तूम है (Capital of Sudan) और इसका सबसे अधिक आबादी वाला शहर ओमदुरमान है (Sudan Most Populated City).
सूडान में सेना के खिलाफ लड़ने वाले एक कुख्यात अर्धसैनिक समूह ने ओमडुरमैन शहर में एक बाजार पर हमला कर दिया, जिसमें 54 लोग मारे गए हैं. इसकी जानकारी सूडान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी.
चीन की एक ऑयल कंपनी का प्लेन दक्षिणी सूडान में क्रैश हो गया है. इस प्लेन में 21 यात्री सवार थे, जिसमें एक भारतीय भी था. बताया जा रहा है कि प्लेन में सवार यात्रियों में से करीब 20 की मौत हो गई है, जबकि एक सर्वाइवर जिंदा बच गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यूएई के राज्य मंत्री शेख शखबूत अल नाहयान अल नाहयान ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में कहा कि हम 29 सितंबर 2024 को खार्तूम में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत के आवास पर सूडानी सशस्त्र बलों द्वारा किए गए ज़बरदस्त हमले की कड़ी निंदा करते हैं.
यूनाइटेड नेशन्स ने हाल में आरोप लगाया कि अफ्रीकी देश सूडान में चल रही लड़ाई में फॉरेन प्लेयर्स आग में घी डाल रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में दो सेनाध्यक्षों के बीच शुरू हुई जंग में विदेशी ताकतें भी शामिल हो गईं. इसके बाद से तनाव बढ़ता ही जा रहा है. लेकिन सवाल ये है कि सूडान की आपसी खींचातान से जुड़कर दूसरे देशों को क्या फायदा हो सकता है?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के इस हमले में 150 से अधिक ग्रामीण घायल हुए हैं. बता दें कि पिछले साल अप्रैल में युद्ध शुरू होने के बाद से RSF पर बार-बार देश भर में नरसंहार, बलात्कार और अन्य गंभीर उल्लंघनों के आरोप लगते रहे हैं.
अफ्रीकी देश सूडान में एक साल से गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है. इस बीच ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में वहां नरसंहार होने का दावा किया है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि RSF और उसके सहयोगी गैर-अरबी लोगों को निशाना बना रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, मसालित और गैर-अरबी लोगों पर टॉर्चर किया जा रहा है.
सूडान के अबेई में हथियारबंद बदमाशों ने गांव में घुसकर कत्लेआम मचाया, जिसमें 52 ग्रामीणों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में महिलाओं, बच्चे और दो संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी शामिल हैं. इसके अलावा 60 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं.
साल 2017 में सत्ता में आते ही डोनाल्ड ट्रंप ने कई मुस्लिम देशों के नागरिकों की अमेरिका आने पर पाबंदी लगा दी. इस ट्रैवल बैन को मुस्लिम बैन भी कहा जाने लगा. अब ट्रंप ने वादा किया है कि वे दोबारा वाइट हाउस आए तो पाबंदी बहाल हो जाएगी. बता दें कि मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आते ही सबसे पहले इस बैन को हटाया था.
Sudan plane crash: गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सूडान में एक प्लेन हादसा हुआ, जिसमें 4 सैनिकों सहित 9 लोगों की मौत हो गई. हादसे के वक्त सिविल एयरक्राफ्ट टेकऑफ कर रहा था. अचनाक उसमें तकनीकी समस्या आ गई और टेकऑफ पूरा होने से पहले ही प्लेन क्रैश हो गया.
सूडान में देश को नियंत्रित करने की मांग कर रहे दो प्रतिद्वंद्वी जनरलों के बीच लड़ाई जारी है. न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट में बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस संघर्ष के दौरान शनिवार को एक हवाई हमले में 22 लोगों की मौत हो गई.
सूडान में अप्रैल से चल रहे संघर्ष की मार महिलाओं पर सबसे अधिक पड़ रही है. महिलाओं को सुरक्षाबल अपना निशाना बना रहे हैं. सूडान की महिलाएं अपने घर में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं, क्योंकि सुरक्षाबल घरों में घुसकर उनके साथ यौन हिंसा कर रहे हैं.
पोर्ट सूडान से भारतीयों का अंतिम दल रवाना, 192 भारतीय लौटे. 24 अप्रैल से शुरू हुआ था ‘ऑपरेशन कावेरी’
सूडान में जारी हिंसा और गृहयुद्ध के बीच भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी तेज हो गई है. ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान में रह रहे 56 गुजराती प्रवासियों को मुंबई के रास्ते अहमदाबाद लाया गया. सूडान में करीब तीन हजार भारतीयों के फंसे होने की आशंका है.
अफ्रीकी देश सूडान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. 12 साल पहले जो मुल्क गृहयुद्ध की वजह से दो हिस्सों में बंट गया था, वहां अब फिर से गृहयुद्ध जैसे हालात बन गए हैं. आजादी से पहले ही सूडान गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा है. वहां इसका लंबा इतिहास रहा है. ऐसे में जानिए उस गृहयुद्ध की कहानी जिसने सूडान के दो टुकड़े कर दिए थे.
ऑपरेशन कावेरी के तहत युद्धग्रस्त अफ्रीकी देश सूडान से भारतीयों को लगातार सुरक्षित निकाला जा रहा है. यूक्रेन में चलाए गए ऑपरेशन गंगा के बाद इस बार सूडान से भारतीयों को निकालने का अभियान कामयाबी से चलाया जा रहा है. वतन लौटे भारतीय नागरिकों ने सूडान के हाल बयां किए. देखें ये रिपोर्ट.
सूडान में फंसे भारतीयों की हो रही वतन वापसी और सूडान में फंसे 38 गुजरातियों पर भी अपडेट. मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई से जज ने क्यों किया इनकार? कहां मिली एक सफाई कर्मचारी को बैंक लोन के 16 करोड़ लौटाने की नोटिस? गुजरात स्थापना दिवस की तैयारी की रंगारंग तस्वीर? देखें गुजरात से जुड़ी सभी डिटेल्स.
सुडान में चल रहे युद्ध के कारण हजारों भारतीय पहुंच गए हैं. हालांकि भारत ने उनकी रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इसके लिए भारतीय नौसेना फंसे नागरिकों को पोर्ट सुडान से समुद्री रास्ते से सऊदी अरब के जेद्दा और फिर जेद्दा से एयरलिफ्ट करके भारत भेज रही है. देखें रिपोर्ट.
सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच जारी संघर्ष में भारत सहित दुनियाभर के कई देश अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हैं. भारतीयों को सूडान से बाहर निकालने ने भारत सरकार ने ऑपरेशन कावेरी शुरू किया है. इसके तहत बुधवार को 360 भारतीयों के बाद गुरुवार को 246 भारतीय स्वदेश पहुंचे हैं.
सूडान में फंसे 360 भारतीयों को लेकर प्लेन ने जैसे ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया, उसमें सवार लोगों के चेहरे खिल गए. एयरपोर्ट पहुंचते ही उन लोगों ने भारतीय सेना जिंदाबाद और पीएम मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए. देखें वीडियो
बुधवार रात को सूडान से 360 भारतीयों को लेकर पहली उड़ान दिल्ली पहुंच गई. एयरपोर्ट पर पहुंचते ही लोगों ने भारत माता की जय, इंडियन आर्मी जिंदाबाद, पीएम नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए. देखें वीडियो
सूडान में जारी लड़ाई के बीच जर्म वॉरफेयर की बात हो रही है. डर जताया जा रहा है कि वहां जैविक युद्ध न शुरू हो जाए. अगर ऐसा होता है तो बिना गोला-बारूद के ही तबाही मच जाएगी. फिर ये अफ्रीका तक सिमटी नहीं रहेगी, बल्कि दुनिया के बहुत से मुल्क पटापट खत्म होने लगेंगे. कई देश पहले भी ऐसी कोशिश कर चुके हैं.