सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट हैं. सुनीता सबसे अधिक स्पेसवॉक (सात) और बतौर एक महिला सबसे अधिक स्पेसवॉक समय (50 घंटे, 40 मिनट) का रिकॉर्ड बनाया हैं. साल 6 जून 2024 को सुनीता बोइंग स्टारलाइनर का पहला क्रू मिशन 'बोइंग क्रूड फ्लाइट टेस्ट' पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर नियुक्त की गई.
उनके साथ एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर भी हैं. दोनों की वापसी 13 जून की थी. लेकिन NASA की बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में कुछ तकनीकी खराबी के कारण चार बार वापसी टाली गई. उनकी वापसी की तारीख को बढ़ाकर 26 जून कर दिया गया था. 9 महीने बाद, 19 मार्च 2025 को सुनीता और बुच सकुशल पृथ्वी पर लौट आए
सुनीता विलियम्स को अभियान 14 और अभियान 15 के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में नियुक्त की गई थी. 2012 में, उन्होंने अभियान 32 में एक फ्लाइट इंजीनियर के रूप में और फिर अभियान 33 की कमांडर के रूप में स्पेस स्टेशन में काम किया था.
नासा के नियमों के अनुसार, विलियम्स और विल्मोर को अंतरिक्ष में बिताए गए अतिरिक्त समय के लिए कोई वेतन नहीं मिलेगा. अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सरकारी कर्मचारी होते हैं और उन्हें फिक्स सैलरी मिलती है, भले ही वे अंतरिक्ष में कितने भी दिन रहें. हालांकि, उनके लिए यात्रा, भोजन और आवास की व्यवस्था नासा द्वारा की जाती है.
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर मंगलवार को 286 दिन बाद पृथ्वी पर लौटे. उनकी यह यात्रा केवल आठ दिनों की होनी थी, लेकिन उनके स्पेसक्राफ्ट में आई तकनीकी खराबी के कारण यह लंबी हो गई. नासा के प्रवक्ता जिमी रसेल ने बताया कि अंतरिक्ष में रहते हुए भी ये सरकारी कर्मचारी माने जाते हैं और उनकी यात्रा को आधिकारिक यात्रा आदेश के रूप में गिना जाता है.
नौ महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर आखिरकार धरती पर लौट आए हैं. इस लंबे मिशन के दौरान उनके शरीर में कई बदलाव आए हैं, जो किसी भी अंतरिक्ष यात्री के लिए सामान्य हैं. देखें.
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पृथ्वी तक के 17 घंटे तक का सफर काफी चुनौतियों से भरा हुआ था. लेकिन जैसे ही स्पेसक्राफ्ट ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया तो उसका तापमान 1900 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो गया. यह वह समय था जब सात मिनट के लिए कम्युनिकेशन ब्लैकआउट हो गया.
नौ महीने बाद अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटीं सुनीता विलियम्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो अंतरिक्ष यान में खुशी से झूमती हुई नजर आ रही हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए लोग इसे हाल का बताकर दावा कर रहे हैं कि विलियम्स को वापस धरती पर लाने गए लोगों को देखकर वो खुशी से झूम उठीं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो का आजतक की टीम ने फैक्ट चेक किया है.
मानसिक तौर पर आप जितने चाहें मजबूत हों लेकिन बिना गुरुत्वाकर्षण के शरीर कई ऐसी बीमारियों से घिर जाता है जिनसे उबरने में काफी वक्त लगता है. इन 9 महीनों के दौरान सुनीता विलियम्स की कई तस्वीरों में साफ तौर पर उनकी शारीरिक कमजोरी दिखी है. अब जब उनकी वापसी हो गई है तो नासा की प्राथमिकता सुनीता समेत बाकी अंतरिक्ष यात्रियों की रिकवरी की होगी.
अंतरिक्ष में इतना लंबा समय बिताने के बाद उनके स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि आखिर अंतरिक्ष से वापसी के बाद सुनीता विलियम्स को कौन-कौन सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. देखें.
अमेरिका के फ्लोरिडा के पास समुद्र में सुनीता विलियम्स समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग हुई. स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पृथ्वी तक की यात्रा 17 घंटे में पूरी की. वायुमंडल में प्रवेश के दौरान कैप्सूल का तापमान 1927 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. देखें.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 286 दिन बिताने के बाद भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स धरती पर लौट आई हैं. स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर फ्लोरिडा के तट पर सफल लैंडिंग की. नासा ने इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया. सुनीता के स्वास्थ्य और रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नौ महीने बाद अंतरिक्ष से सफलतापूर्वक लौट आई हैं. उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है. गांव में अखंड ज्योति जलाई गई थी जो अब विसर्जित की जाएगी. शोभायात्रा निकाली जाएगी और यज्ञ किया जाएगा. सुनीता की सफल वापसी विज्ञान की जीत और विश्वास की ताकत दोनों को दर्शाती है. देखें.
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने इतिहास रच दिया. ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से सुनीता समेत चार अंतरिक्ष यात्री धरती पर लौटे. फ्लोरिडा के तट पर समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग हुई. स्पेसक्राफ्ट से निकलते समय सुनीता के चेहरे पर मुस्कुराहट थी. 17 घंटे का सफर पूरा करके अंतरिक्ष यात्री धरती पर पहुंचे. देखें.
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद सफलतापूर्वक धरती पर वापसी की. मेहसाणा के जूलासन गांव में उनकी वापसी पर जश्न मनाया गया. सुनीता के चेहरे पर मुस्कान और जोश देखकर पूरा देश गौरवान्वित हुआ. देखें.
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से सुरक्षित लौट आई हैं. फ्लोरिडा के समुद्र में ड्रैगन कैप्सूल की लैंडिंग हुई. सुनीता के पैतृक गांव झूलासन में खुशी का माहौल है. गांव में पूजा-अर्चना और यज्ञ किए गए. सुनीता की वापसी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क ने भी प्रतिक्रिया दी है. देखें.
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों के अंतरिक्ष मिशन के बाद सुरक्षित धरती पर लौट आई हैं. स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर फ्लोरिडा के तट पर समुद्र में लैंडिंग की गई. सुनीता के साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी थे. लैंडिंग के बाद सुनीता ने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन किया. देखें.
नासा की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स 9 महीने अंतरिक्ष में फंसे रहने के बाद सुरक्षित धरती पर लौट आई हैं. तकनीकी खराबी के चलते 8 दिन का मिशन लंबा हो गया, लेकिन उनके धैर्य और आस्था ने उन्हें मजबूत बनाए रखा. जानें, कैसे भगवद्गीता और भगवान गणेश की मूर्ति बनीं उनका सहारा.
Sunita Williams India visit: स्पेस में 9 महीने (करीब 286 दिन) बिताने के बाद सुनीता विलियम्स पृथ्वी पर लौट आई हैं. वे 5 जून 2024 को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) 8 दिन के मिशन के लिए गई थीं. लेकिन कई तकनीकी समस्याओं की वजह से वे वहां फंस गई थीं और नौ महीने बाद धरती पर लौटी हैं. भारतीयों को अब उनके भारत दौरे का इंतजार है क्योंकि वे अपने पिछले स्पेस मिशन के बाद साल 2007 में भारत आई थीं.
सुनीता विलियम्स घर लौट आई हैं. घर... क्या है घर? धरती के चुंबकीय बल से जुड़े और माया में जकड़े हमारे पैरों को शायद ये महसूस न होता हो, लेकिन बीते 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद सुनीता जरूर भगवद्गीता की उस सूक्ति को समझ गई होंगी, जिसमें लिखा है कि यह शरीर ही आत्मा के लिए घर है.
सुनीता विलयम्स जब पहली बार स्पेस मिशन पर गई थीं तब वह अपने साथ गीता की एक प्रति भी लेकर गई थीं. वह मानती हैं कि गीता में जो कर्म का संदेश दिया गया है और जिस तरह जीवन की व्याख्या की गई है, वह आपको हर जंग को जीतने और हर बाधा को पार करने में सहायक होती है.
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की सफल वापसी पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है. सुनीता की भाभी फाल्गुनी पांड्या ने बताया कि परिवार मंदिर जाकर भगवान का शुक्रिया अदा करेगा. सुनीता की पसंदीदा डिश क्या है? उनकी भाभी ने इसका खुलासा किया है. देखिए बातचीत.
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर सफल वापसी हुई है. फ्लोरिडा के तट पर उनकी लैंडिंग के बाद भारत में जश्न का माहौल है. विशेषकर उनके पैतृक गांव गुजरात के मेहसाणा जिले के झुलासन में उत्सव मनाया जा रहा है. मंदिरों में पूजा-अर्चना, आतिशबाजी और मिठाई बांटने का दौर चल रहा है.
PM मोदी ने सुनीता विलियम्स के 9 महीने बाद अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने पर खुशी जाहिर की है. पीएम ने सुनीता विलियम्स का स्वागत करते हुए एक्स पर लिखा, आपका स्वागत है क्रू 9! धरती ने आपको याद किया. यह उनके धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है.