स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal), दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष हैं (President DCW). DCW में शामिल होने से पहले, मालीवाल ने जन शिकायतों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में काम किया है. मालीवाल सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे (Anna Hazare) और अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व वाले इंडियन अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के प्रमुख सदस्य रहीं हैं. 2015 में अरविंद केजरीवाल सरकार बनने के बाद मालीवाल को दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.
मालीवाल का जन्म 15 अक्टूबर 1984 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad, UP) में हुआ था (Swati Maliwal Born). उन्होंने एमिटी इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की है ओर फिर जेएसएस एकेडमी ऑफ टेक्निकल एजुकेशन से सूचना प्रौद्योगिकी में स्नातक की डिग्री हासिल की (Swati Maliwal Education). अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद स्वाति ने एमएनसी में नौकरी की. लोकिन उसे छोड़कर "परिवर्तन" नाम के एक एनजीओ में शामिल हो गई (Swati Maliwal Job).
स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता नवीन जयहिंद (Swati Maliwal Huband) से शादी की. फरवरी 2020 में उनका तलाक हो गया (Swati Maliwal Divorced).
मालीवाल ने जुलाई 2015 में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया. उस समय, वह आम आदमी पार्टी की नेता थीं. इस पद पर उनका कार्यकाल जुलाई 2018 में और तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया था. वह महिलाओं के लिए आयुक्त की भूमिका निभाने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति हैं (Swati Maliwal Career).
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान स्वाति AAP के खिलाफ सड़कों पर उतरी थीं और जनसरोकार के मुद्दों को लेकर काफी मुखर रही थीं. उन्होंने दिल्ली के तमाम इलाकों से जनता के बीच जाकर पानी, सड़क, साफ-सफाई के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के दावों की हकीकत दिखाई थी. AAP ने स्वाति मालीवाल पर आरोप लगाया था कि वह बीजेपी की एजेंट हैं उसके इशारे पर काम कर रही हैं.
रेखा गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में स्वाति मालीवाल के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी शिरकत की है, जहां उन्होंने सीएम रेखा से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं. रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री के साथ उनके छह कैबिनेट मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है.
स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल को लिखे अपने पत्र में चैलेंज दिया है कि वह दिल्ली में किसी दलित समाज से आने वाले विधायक को नेता प्रतिपक्ष बनाएं. उन्होंने कहा कि दलित नेता को नेता प्रतिपक्ष बनाना एक राजनीतिक फैसला नहीं होगा, बल्कि ये हमारे मूल सिद्धांतों को निभाने की दिशा में एक मजबूत कदम होगा.
आतिशी का जश्न मनाने का वीडियो वायरल है.अब आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने तंज कसा है..स्वाति बोलीं कि पार्टी हार गई, सब बड़े नेता हार गये और Atishi Marlena ऐसे जश्न मना रही हैं
दिल्ली में AAP के खिलाफ प्रचार करने के मुद्दे पर स्वाति मालीवाल ने कहा- लोग गुस्से में थे. दिल्ली कूड़ेदान में तब्दील हो गई है. मैंने किसी पार्टी के लिए प्रचार नहीं किया. अरविंद केजरीवाल और आतिशी एसी कमरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. मैं जमीन पर काम करती हूं.
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ लड़ाई में स्वाति मालीवाल ने वन वूमन ऑर्मी बनकर काम किया है. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली विजय में उनकी भूमिका को कम करके नहीं आंका जा सकता है. अरविंद केजरीवाल ने एक महिला साथी के साथ जो किया उससे उनकी छवि तो खराब हुई ही, साथ ही मालीवाल ने दिल्ली की गंदगी को चुनावी मुद्दा बनाने में भी बड़ी भूमिका अदा की.
स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, 'मुझे ये लगता है कि घमंड और अहंकार चकनाचूर होता ही है. जैसे इनकी कथनी और करनी में फर्क आया. इन्हें लगा कि ये एक सांसद को, अपने ही घर में लात और घूंसों से पिटवा देंगे, उसका चरित्र हनन कर देंगे और जनता इनको माफ कर देगी, नहीं, ऐसा नहीं होगा.
Swati Maliwal on Kejriwal: आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मालीवाल ने कहा कि केजरीवाल का गुस्सा बहुत खतरनाक है, वे चीजें तोड़ते हैं और गालियां देते हैं. देखें पूरी बातचीत.
स्वाति मालीवाल दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर जनता को हो रही परेशानियां उजागर करती रही हैं. शनिवार को उन्होंने महाभारत के दौरान द्रौपदी चीरहरण की तस्वीर शेयर की है. हालांकि उन्होंने कैप्शन में कुछ नहीं लिखा है.
राजनीतिक दलों में यमुना नदी को लेकर खूब राजनीति हो रही है. जिसे लेकर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर जमकर वार-पलटवार कर रही हैं. इसी कड़ी में स्वाति मालीवाल ने AAP पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि केजरीवाल को इमैच्योर राजनीति नहीं करनी चाहिए. देखें वीडियो.
स्वाति मालीवाल ने दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है - मकसद, बदला ही लेना है या कुछ और भी? स्वाति मालीवाल पर टीम केजरीवाल का इल्जाम रहा है कि वो बीजेपी के इशारे पर काम कर रही हैं.
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल आज कूड़े से भरी तीन गाड़ियां लेकर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल आज विकासपुरी से 3 गाड़ियों में कूड़ा भरकर आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर पहुंच गईं. इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.
आम आदमी पार्टी के एक विधायक का ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है जिसमें दिल्ली शराब घोटाले की चर्चा हुई है. इस ऑडियो को वायरल कराने में एक बार फिर कांग्रेस आगे रही. शराब घोटाले और शीशमहल घोटाले को भी सामने लाने में कांग्रेसी नेताओं की भूमिका अहम रही. सवाल उठता है कि बीजेपी क्यों पीछे रह जाती है?
रामायण की कथा में रावण के रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल का बयान आने के बाद वो बीजेपी नेताओं के निशाने पर आ गये हैं, लेकिन कोई तगड़ा विरोध देखने को नहीं मिला है - जबकि ये वाकया अरविंद केजरीवाल की हिंदुत्व की राजनीति की राह में मुश्किलें खड़ी करने वाला है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल एक बार फिर राजनीति के सबसे मुश्किल मोड़ पर आ खड़े हुए हैं - ED को मिली केंद्र की हरी झंडी के बाद क्या होने वाला है? सवाल तो यह भी है कि दिल्ली चुनाव से ठीक पहले बीजेपी की केंद्र सरकार इस कार्रवाई की अनुमति देकर क्या हांसिल कर लेगी?
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ स्वाति मालीवाल की मुहिम कभी थमी तो नहीं, लेकिन दिल्ली चुनाव से पहले राज्यसभा सांसद ने नये सिरे से मामला उठा दिया है. लोकसभा चुनाव में भी स्वाति मालीवाल केस का असर महसूस किया गया था - क्या पुराना वाकया आम आदमी पार्टी के लिए नया चैलेंज बनने जा रहा है?
आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से ही दिल्ली में उप राज्यपाल और मुख्यमंत्री में टकराव रोजमर्रा की राजनीति का हिस्सा बन चुका है. लेकिन, मुख्यमंत्री आतिशी को एलजी वीके सक्सेना की ताजा चिट्ठी थोड़ा अलग है - और आतिशी का जवाब भी वैसा ही है.
बीजेपी का अगला टार्गेट दिल्ली विधानसभा के चुनाव हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा में मिली कामयाबी से बीजेपी नेताओं का जोश हाई है, लेकिन झारखंड की हार से मन में एक टीस तो होगी ही - बड़ सवाल है, क्या बीजेपी का हालिया प्रदर्शन अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी जारी रह सकेगा?
अरविंद केजरीवाल डंका पीट रहे हैं कि दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर वो खुद चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसा इसलिए है कि आम आदमी पार्टी के चुनाव अभियान में कई कमजोर कड़ियां हैं. केजरीवाल भी इन चुनौतियों के बारे में खूब समझते होंगे.
अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के विधायकों को साफ साफ बोल दिया है कि बहुतों का टिकट कट सकता है. टिकट देने के लिए चाहे जो भी तरीके अपनाये जायें, लेकिन क्या वो वास्तव में सत्ता में वापसी की गारंटी होगी?