तवांग (Tawang) भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य का एक शहर है (Arunachal Pradesh). यह शहर कभी तवांग ट्रैक्ट की राजधानी था, जो अब तवांग जिले और पश्चिम कामेंग जिले में विभाजित है. तवांग, राजधानी ईटानगर से 448 किमी उत्तर-पश्चिम में लगभग 3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा के लगभग 16 किमी दक्षिण में, तवांग चू नदी घाटी के उत्तर में स्थित है (Tawang Geographica;l Location). 2011 की जनगणना के अनुसार तवांग की आबादी 11,202 हैं (Tawang Population).
यह एक प्रसिद्ध गेलुग्पा बौद्ध मठ का स्थान है. तवांग मठ की स्थापना 5वें दलाई लामा, नागवांग लोबसंग ग्यात्सो की इच्छा के अनुसार मेरा लामा लोद्रे ग्यात्सो ने की थी. यह गेलुग्पा संप्रदाय से संबंधित है और भारत में सबसे बड़ा बौद्ध मठ है (Gelugpa Buddhist monastery, Tawang).
तवांग में हर साल दिसंबर-जनवरी के दौरान बर्फबारी होती है. शहर में एक स्की लिफ्ट भी है, जहां सैलानियों का तांता लगा रहता है. तवांग जाने के लिए सरकारी निकाय द्वारा जारी विशेष इनर लाइन परमिट (ILP) की आवश्यकता होती है. इस परमिट को कोलकाता, गुवाहाटी, तेजपुर और नई दिल्ली स्थित कार्यालयों से प्राप्त किया जा सकता है. र्यटक असम के तेजपुर से तवांग तक सड़क मार्ग से जा सकते हैं और तेजपुर के लिए कोलकाता से सीधी उड़ानें हैं. अक्टूबर 2014 में, अरुणाचल प्रदेश सरकार ने गुवाहाटी से दो सप्ताह पर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की थी. पर्यटन स्थानों में सेला दर्रा, बुमला, लुमला, शोंगा-त्सर (माधुरी) झील, पीटीएसओ झील और जेमिथांग शामिल है (Tawang Tourism).
'वंदे मातरम' के कहानी बॉर्डर की सीरीज में आज बात अरुणाचल प्रदेश में पड़ने वाले तवांग की. भारत और चीन के बीच यहां तनाव बना रहता है. चीन तवांग पर अपना दावा ठोकता रहता है. भारतीय सेना के जवान कैसे इस सरहद पर अपने शौर्य से देश की रक्षा करते हैं? देखें वंदे मातरम.
अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सेला टनल का उद्घाटन किया. इसमें दो सुरंगें बनाई गई हैं. इस सुरंग के बनने से चीन सीमा की दूरी 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी.
अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी सीमावर्ती इलाकों और ऊंचे इलाकों के कई कस्बों और गांवों में इस समय भारी बर्फबारी हो रही है, जिसके चलते सरकार ने राज्य में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने इसका कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को बताया है.
चीन का सामना करते हुए, भारत सड़क और रेल लाइनों पर तेजी से काम करके पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर बुनियादी सढांचे को आगे बढ़ा रहा है. ताकि भारी उपकरणों को LAC यानि लाइन ऑफ़ एक्चुअल कण्ट्रोल तक आसानी से पहुंचा जा सके. इस ग्राउंड रिपोर्ट के साथ मिलन शर्मा.
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में पिछले साल चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी लेकिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें उल्टे पांव लौटा दिया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना की पुष्टि की थी. अब इस घटना को लेकर दावा किया जा रहा है कि US इंटेल के जरिए घुसपैठ को नाकाम करने में मदद मिली थी.
भूटान ने एक हफ्ते पहले चीन के साथ एक बैठक की जिसमें सीमा विवाद को हल करने के लिए वार्ता को शुरू करने पर सहमति बनी है. इस खबर के सामने आने के बाद भारत के विदेश सचिव दो दिन की भूटान यात्रा पर गए जहां उन्होंने दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप को बढ़ाने पर जोर दिया है.
भारतीय जवानों के 'ड्रैगन फिस्ट' से अब चीनी सैनिक बच नहीं पाएंगे. क्योंकि पंचकूला में उनके मुक्कों को फौलादी बनाया जा रहा है. चीनी सैनिक अक्सर लाठी, डंडों और कंटीले तारों वाले बल्लों से हमला करते हैं. उनका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय जवानों को अन-आर्म्ड क्लोज कॉम्बैट की ट्रेनिंग दी जा रही है.
जिस समय चीन में हर दिन कोविड से हज़ारों मौतें हो रही हैं, उस समय राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए तवांग और ताइवान का सहारा ले रहे हैं. ताइवान की सरकार का कहना है कि पिछले 24 घंटे में चीन की सेना उसके समुद्री इलाकों में 71 लड़ाकू विमान और 7 समुद्री युद्धपोत भेज चुकी है.
राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर चीन और पाकिस्तान को लेकर निशाना साधा है. राहुल का ये बयान ऐसे वक्त पर आया, जब हाल ही में भारत और चीनी सैनिकों के बीच अरुणाचल के तवांग में झड़प हुई थी. इसके बाद से ही देश की राजनीति में नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है. देखें वीडियो
रक्षा मंत्रालय ने 354 जोरावर लाइट टैंक, 300 माउंटेड हॉवित्जर, 65 ड्रोन, भविष्य के पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों के प्रमुख प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. मंत्रालय ने कहा कि 82,127 करोड़ रुपये के प्रस्तावों की खरीद स्वदेशी स्रोतों से की जाएगी.
तवांग क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद भारत-चीन कॉर्प्स कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक हुई. यह बैठक 20 दिसंबर 2022 को चीनी पक्ष के चुशुल-मोल्दो बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने निकट संपर्क में रहने और सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमति व्यक्त की.
लोकसभा में एक विधेयक विचार और पारित किए जाने को लेकर सूचीबद्ध है. सदन में निरसन और संशोधन विधेयक 2022 पर चर्चा की गई. लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे. वे चीन पर चर्चा की मांग कर रहे थे. अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन नहीं मानने पर सभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
तवांग में एक तरफ भारतीय सेना चीनी सैनिकों से लड़ रही है. दूसरी भारतीय सेना का युद्ध मौसम के साथ भी है. जमा देने वाली सर्दी और हजारों फीट की ऊंचाई पर जहां सांस लेना भी दूभर होता है, वहां हमारे जवान अपनी जान पर खेलकर मातृभूमि की रक्षा करते हैं. तवांग से देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
चीन सीमा पर भारतीय सेना नए लाइट टैंक तैनात करेगी. टैंक का नाम है ज़ोरावर (Zorawar). यह भारत में बना हल्का टैंक होगा, जिसे आसानी से कहीं भी पहुंचाया जा सकेगा. लेकिन इसकी ताकत और मारक क्षमता जानदार होगी, बिल्कुल इसके नाम की तरह. आइए जानते हैं इसकी खासियत, फायर पावर और रेंज.
अरुणाचल के तवांग में हुई झड़प के बाद BJP ने राजीव गांधी फाउंडेशन की फंडिंग पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था. इसका पलटवार करते हुए अब कांग्रेस ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के बेटे को घेरा है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि जिस संगठन में विदेश मंत्री का बेटा काम करता है, उस संगठन को चीनी दूतावास से तीन बार फंड मिला है.
ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार पारदर्शी नहीं है, वो आधा सच कहते हैं. वे भ्रामक तथ्य बताते हैं. ओवैसी बोले, हमारी सेना तो बहादुर है, लेकिन हमारी सरकार कमजोर है. ओवैसी ने कहा कि मैं संसद में बहस की मांग करता हूं. तमाम एकजुट विपक्ष इसकी मांग करता रहा है.
तवांग झड़प के बाद कांग्रेस ने रविवार को पीएम मोदी पर निशाना साधा. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चीन से लगी सीमा पर स्थिति पर संसद में बहस से 'भागने' का आरोप लगाया. कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे पर जवाब प्रधानमंत्री मोदी को देना चाहिए न कि रक्षा मंत्री को.
आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन सी वजहों की वजह से चीन तवांग को अपने कबजे में करना चाहता है. आखिर तवांग में ऐसा क्या है जो चीन बार बार तवांग पर हमला कर देता है. तवांग के सम्मान की कहानी देखें इस वीडियो में.
तवांग झड़प पर देश में सियासी खींचतान जारी है. विपक्ष मोदी सरकार पर लगातार हमलावर है. दोनों में बयानबाजी का दौर भी जारी है. कांग्रेस संसद में चीन पर चर्चा की मांग कर रही है. कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने चीन मामले को देश की जनता से छिपाया और 9 दिसंबर को तवांग में चीनी घुसपैठ के बारे में देर से बताया. देखें ये वीडियो.
चीन काफी समय से तिब्बत पर कबजा करना चाहता है. लेकिन तिब्बत पर कबजा पाने के लिए पहले वो तवांग पर कबजा करना चाहता है. क्योंकि तिब्बत और तवांग काफी मायनों में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. और बता दें कि तवांग को तिब्बत की आध्यात्मिक राजधानी भी कहा जाता है. देखें.
देश में सेना के बल के ऊपर सियासत गर्मा गई है. राहुल गांधी लगातार बीजेपी पर निशाना साधने के साथ साथ सेना पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. जबकि बीजेपी इसके ऐवज में राहुल गांधी और चीन के रिश्ते पर सवाल खड़े कर रही है. देखें ये चर्चा.