तेलंगाना
तेलंगाना (Telangana) भारत का एक राज्य है जो उच्च दक्कन पठार पर स्थित है (State of India). 2 जून 2014 को इस राज्य को आंध्र प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग से अलग कर एक नया राज्य बनाया गया (Formation of Telangana) और हैदराबाद (Hyderabad) इस राज्य की राजधानी है (Capital of Telangana). इसके अन्य प्रमुख शहरों में वारंगल, निजामाबाद, खम्मम, करीमनगर और रामागुंडम शामिल हैं. तेलंगाना की सीमा उत्तर में महाराष्ट्र, उत्तर पूर्व में छत्तीसगढ़, पश्चिम में कर्नाटक और पूर्व और दक्षिण में आंध्र प्रदेश से लगती है. सबसे नए बने जिलों में मुलुगु और नारायणपेट है जिसका गठन 17 फरवरी 2019 को किया गया था (Telangana Cities).
2019 तक तेलंगाना राज्य में 33 जिले है (Districts of Telangana). जिलों को 70 राजस्व प्रभागों में विभाजित किया गया है जिन्हें 584 मंडलों में विभाजित किया गया है (Telangana Revenue Districts and Mandals).
यह 2011 की जनगणना के अनुसार जिले का क्षेत्रफल 1,12,077 वर्ग किमी है (Telangana Area). इसकी जनसंख्या 35,193,978 है (Telangana Population). यह भारत का ग्यारहवां सबसे बड़ा और बारहवां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है. तेलंगाना के भूभाग में ज्यादातर दक्कन का पठार है जिसमें घने जंगल हैं जो 27,292 वर्ग किमी तक फैला हुआ है (Telangana Forest). तेलंगाना की आधिकारिक भाषा तेलुगु है, जो भारत की शास्त्रीय भाषाओं में से एक है. साथ ही, उर्दू राज्य की दूसरी आधिकारिक भाषा है. तेलंगाना की लगभग 75 फीसदी आबादी तेलुगु बोलती है और 12 फीसदी उर्दू बोलती है (Telangana Languages).
तेलंगाना की अर्थव्यवस्था भारत में सातवीं सबसे बड़ी है, जिसका सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP Telangana) 9.78 ट्रिलियन है और देश का छठा उच्चतम जीएसडीपी प्रति व्यक्ति 237,632 है. मानव विकास सूचकांक में तेलंगाना भारतीय राज्यों में 22वें स्थान पर है (Telangana Human Development Index).
चावल राज्य की प्रमुख खाद्य फसल और मुख्य भोजन है. अन्य फसलों में मक्का, तंबाकू, आम, कपास और गन्ना हैं. राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए कृषि आय का प्रमुख स्रोत रहा है (Telangana Economy).
तेलंगाना में तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं- हैदराबाद जिले में कासु ब्रह्मानंद रेड्डी राष्ट्रीय उद्यान, और रंगा रेड्डी जिले में महावीर हरिना वनस्थली राष्ट्रीय उद्यान और मृगवानी राष्ट्रीय उद्यान. तेलंगाना में ऐतिहासिक स्थानों, स्मारकों, किलों, झरनों, जंगलों और मंदिरों सहित कई प्रकार के पर्यटक आकर्षण हैं (Telangana Tourism).
तेलंगाना टनल हादसे पर बीआरएस की एमएलसी कविता ने गंभीर सवाल उठाए हैं. कविता ने कहा कि सूबे के सीएम की लापरवाही के कारण वे घटनास्थल का दौरा नहीं कर सके, जिससे काम में देरी हुई. इसके अलावा, उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस पर बीआरएस पार्टी को दबाने का भी आरोप लगाया है.
तेलंगाना में सुरंग दुर्घटना के छठे दिन बीआरएस एमएलसी कविता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सीएम अब तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं, जो उनकी लापरवाही दर्शाता है. कविता ने कांग्रेस और बीजेपी पर बीआरएस को खत्म करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया. देखें आज तक संवाददाता अब्दुल बशीर की ये खास रिपोर्ट.
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि टनल बोरिंग मशीन (TBM) जो कीचड़ में फंसी हुई है, वहां तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों की भी तलाश की जा रही है, ताकि बचाव कार्य तेजी से हो सके. उन्होंने कहा कि कीचड़ और पानी की भारी मात्रा के कारण टीबीएम तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. इसे देखते हुए अत्याधुनिक मशीनों से पानी निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
तेलंगाना के श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल में हुए टनल हादसे में 80 घंटे से अधिक का समय हो चुका है, फिर भी 8 लोग अभी भी भीतर फंसे हैं. उनके बचाव के लिए इंडियन आर्मी, एनडीआरएफ, तेलंगाना डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, पुलिस और अन्य प्रशासनिक इकाइयाँ कार्यरत हैं. डी-वाटरिंग मशीनों से पानी निकालने का प्रयास हो रहा है और बचाव में रैक माइनर्स की मदद भी ली जा रही है. प्रशासन ने 10 विशेषज्ञ कंपनियों से सलाह भी मांगी है ताकि विशिष्ट समाधान खोजा जा सके. एकीकृत नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है ताकि बचाव कार्यों का समन्वय करने में आसानी हो सके.
तेलंगाना के श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल और टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. टनल के अंदर 14 किलोमीटर की दूरी पर 8 लोग फंसे हुए हैं. इंडियन आर्मी, एनडीआरएफ, तेलंगाना डिजास्टर रिस्पांस बोर्ड, पुलिस और प्रशासन मिलकर बचाव अभियान चला रहे हैं. देखें आज तक संवाददाता अब्दुल बशीर की ये खास रिपोर्ट.
तेलंगाना के नागरकरनूल में श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल प्रोजेक्ट में हुए हादसे में फंसे 8 मजदूरों को बचाने के प्रयास चौथे दिन भी जारी हैं. फंसे मजदूरों में से एक गुरप्रीत के साले सतपाल सिंह ने बचाव कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं. देखें आज तक संवाददाता अब्दुल बशीर की ये खास रिपोर्ट.
अधिकारियों के मुताबिक पानी और कीचड़ ने रेस्क्यू टीम के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है. इससे उन्हें सुरंग में आगे बढ़ने के लिए रबर ट्यूब और लकड़ी के तख्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. अब टनल में फंसे हुए मजदूरों को निकालना काफी चुनौतीपूर्ण हो चुका है.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में तेलुगु को लागू करने के लिए कदम उठाए हैं और प्रबंधन के साथ बैठक करके आगामी शैक्षणिक वर्ष से सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों में 9वीं और 10वीं कक्षाओं में तेलुगु पढ़ाने के निर्णय से अवगत कराया है.
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 नवजात शिशुओं को गुजरात से रेस्क्यू किया. आरोपी ₹2-4 लाख में नवजात खरीदकर निःसंतान दंपतियों को बेचते थे. पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए सौदेबाजी करने वाले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
उत्तराखंड के सिल्क्यारा बेंड-बरकोट टनल में फंसे मजदूरों को बचाने वाली 'रैट माइनर्स' की टीम भी इस बचाव अभियान में शामिल हो गई है. जिला कलेक्टर के अनुसार, सुरंग में पानी का रिसाव जारी है, लेकिन अधिकारी किसी भी तरह की अतिरिक्त क्षति को रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं.
Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना के नागरकुरनूल में SLBC सुरंग में फंसे 8 श्रमिकों को बचाने के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में रैट माइनर्स की टीम को शामिल किया गया है. रैट माइनर्स की छह सदस्यीय एक टीम सोमवार को नागकुरनूल पहुंच गई है तो दूसरी टीम मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचेगी. बताया जा रहा है कि रैट माइनर्स की टीम मुन्ना कुरैशी के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन में भाग लेगी.
तेलंगाना के नागरकुरनूल में टनल में फंसे हुए 8 मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. दरअसल, श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल सुरंग का एक हिस्सा गिरने से 8 लोग फंस गए हैं. राहत- बचाव कार्य में NDRF, SDRF और सेना की टीमें लगी हुई हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री से बात कर जानकारी ली है. देखें.
तेलंगाना के नगरकुरनूल में टनल में 8 मजदूर फंसे हुए हैं, जिनकों निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. पीएम मोदी ने राज्य के सीएम रेवंत रेड्डी से बातचीत की है और हालात का जायजा लिया है. इस घटना के दौरान मौजूद मजदूरों ने आजतक संग बातचीत में पूरे हादसे के बारे में बताया. देखें.
13 KM तक पहुंची रेस्क्यू टीम, आखिरी 200 मीटर में पानी-कीचड़ बना अड़चन, जानिए तेलंगाना टनल हादसे में पिछले 45 घंटे में क्या-क्या हुआ
Telangana Tunnel Collapse: एनडीआरएफ अधिकारी ने बताया कि सुरंग के अंदर भारी मलबा और क्षतिग्रस्त टनल बोरिंग मशीन (TBM) के टुकड़े बिखरे हुए हैं. 13.5 किमी तक पहुंचने के बाद बचाव दल ने अंदर फंसे लोगों को आवाज दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. अगले 200 मीटर का सफर तय करने के बाद ही उनकी स्थिति स्पष्ट होगी.
तेलंगाना के नागरकरनूल जिले में एक गंभीर हादसा हुआ है. एसएलबीसी टनल प्रोजेक्ट के दौरान डोमलपेंटा इलाके में कंक्रीट की सीलिंग गिरने से 8 मजदूर फंस गए हैं. यह घटना परियोजना स्थल के 14 किलोमीटर भीतर हुई है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के इंजीनियर्स कड़ी मेहनत कर रहे हैं ताकि फंसे हुए मजदूरों को बचाया जा सके. देखें...
तेलंगाना में टनल धंसने के बाद 8 मजदूरों को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.सुरंग के अंदर गई NDRF की टीम ने मजदूरों के नाम पुकारे लेकिन वहां से कोई रिसपॉन्स नहीं आया है
तेलंगाना में टनल का हिस्सा धंसने के बाद 8 वर्कर्स को बचाने की जद्दोजहद जारी है. सेना के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. देखिए ग्राउंड रिपोर्ट
तेलंगाना के नागरकुरनूल में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल सुरंग का एक हिस्सा गिरने से 8 लोग फंस गए हैं. राहच- बचाव कार्य में NDRF, SDRF और सेना की टीमें लगी हुई हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री से बात कर जानकारी ली है. देखें वीडियो.
तेलंगाना में निर्माणाधीन सुरंग के धंसने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें आठ मजदूर फंस गए. इनमें झारखंड के गुमला के चार मजदूर भी शामिल हैं. जैसे ही इस घटना की सूचना गुमला पहुंची, पीड़ित परिजन बेहाल हो गए. परिजन अपनों की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. मासूम बच्चे पिता की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं. गांव में दुआएं की जा रही हैं.
तेलंगाना में टनल का हिस्सा धंसने के बाद 8 वर्कर्स को बचाने की जद्दोजहद जारी है. सेना के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमें भी जी-जान लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. अब भी रेस्क्यू में कई बड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं.