तिब्बत (Tibet) मध्य एशिया में पठारों और पहाड़ों के एक विशाल क्षेत्र पर स्थित है, जहां माउंट एवरेस्ट है. इसकी सीमा उत्तर-पूर्व में चीनी प्रांत किंघई, पूर्व में सिचुआन और दक्षिण-पूर्व में युन्नान से लगती है, दक्षिण में म्यांमार (बर्मा), भारत, भूटान और नेपाल से; पश्चिम में विवादित कश्मीर क्षेत्र से लगती है. यह लगभग 2,500,000 वर्ग किमी में फैला है.
यह तिब्बती लोगों की मातृभूमि है. यहां कुछ अन्य जातीय समूह भी निवास करते हैं जैसे मोनपा, तमांग, कियांग, शेरपा और लोबा लोग और 20 वीं शताब्दी के बाद से, काफी संख्या में हान चीनी और हुई आप्रवासी भी निवास करते हैं.
तिब्बत प्रशासनिक रूप से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और किंघई, गांसु, युन्नान और सिचुआन प्रांतों के कुछ हिस्सों में विभाजित है. तिब्बत पृथ्वी पर सबसे ऊंचा क्षेत्र है, जिसकी औसत ऊंचाई 4,380 मीटर (14,000 फीट) है. हिमालय में स्थित, तिब्बत में सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट है, जो पृथ्वी का सबसे ऊंचा पर्वत है. यह समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊपर है.
तिब्बत में 7.1 तीव्रता के भूकंप ने टिंगरी गांव में भारी तबाही मचाई, जो माउंट एवरेस्ट के करीब है. इसमें 126 लोगों की मौत हो गई और 1000 घर ध्वस्त हो गए. 7000 की आबादी वाले इस क्षेत्र में 3 घंटे में 50 आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए, जिसमें कई की तीव्रता 4.4 दर्ज की गई. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
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नए साल की शुरुआत अमेरिका में आतंकी हमले से हुई. न्यू ऑर्लिंन्स में नए साल का जश्न मना रहे लोगों को एक तेज रफ्तार पिकअप वैन ने रौंद डाला था. इस घटना में 15 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. भीड़ को कुचलने के बाद हमलावर ने गोलियां भी चलाई थीं लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया गया था.
तिब्बत में भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है. तिब्बत के सबसे पवित्र शहरों में से एक शिगास्ते के पास आज सुबह 7.1 की तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया. इसमें कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल बताए जा रहे हैं. भूकंप के झटकों ने पड़ोसी देश नेपाल में भी इमारतों को हिला दिया.
तिब्बत में भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है. तिब्बत के सबसे पवित्र शहरों में से एक शिगास्ते के पास आज सुबह 7.1 की तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया. इसमें कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल बताए जा रहे हैं. भूकंप के झटकों ने पड़ोसी देश नेपाल में भी इमारतों को हिला दिया.
तिब्बत के शिगात्से क्षेत्र में आज सुबह 7.1 तीव्रता का भयंकर भूकंप आया. इस प्राकृतिक आपदा में खबर लिखे जाने तक कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई और 130 से अधिक घायल हुए. भूकंप का केंद्र तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के डिंगरी काउंटी में था. इसका असर 400 किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया, जिसमें नेपाल और भारत के बिहार राज्य भी शामिल हैं. देखें VIDEO
Tibet Earthquake: भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. सिक्किम समेत पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. नेपाल की राजधानी काठमांडू में तेज झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले स्थानों की ओर भाग गए.
मंगलवार की सुबह नेपाल में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे आसपास के कई देशों में भी झटके महसूस हुए. तिब्बत में इस भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की गई. इसके अलावा बिहार के भी कई इलाकों में भूकंप के प्रभाव के कारण धरती हिलती नजर आई. भारतीय समयानुसार सुबह 6:40 बजे बिहार के मोतिहारी और समस्तीपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए.
भूकंप के तेज झटकों से तिब्बत में बड़ी तबाही मची है. वहां अब तक 32 लोगों की मौत की खबर है. वही अब तक आंकड़ों के मुताबिक 38 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. नेपाल में भी सुबह सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई है.
नेपाल में मंगलवार सुबह-सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई. बिहार, सिक्किम और नॉर्थ बंगाल सहित भारत के कई इलाकों में भी झटके महसूस किए गए. तिब्बत में भूकंप का असर हुआ. देखें ये न्यूज बुलेटिन.
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक नेपाल और भारत के सिक्किम की सीमा के पास चीन के कंट्रोल वाले तिब्बत क्षेत्र में स्थानीय समयानुसार सुबह 9:05 बजे 7.1 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र नेपाल के लोबुचे से लगभग 91 किमी (56 मील) दूर स्थित था.
बिहार के मोतिहारी और समस्तीपुर समेत कई इलाकों में सुबह 6.40 बजे के आसपास भूकंप के झटके महसूस हुए. कहा जा रहा है कि पांच सेकंड तक धरती हिलती रही.
पहले आदिमानव... फिर मानव, अब क्या बन रहा है इंसान? इंसानी शरीर लगातार बदल रहा है. विकसित हो रहा है. इवॉल्व हो रहा है. हाल ही में हिमालय के लोगों पर की गई स्टडी में यह खुलासा हुआ है. यह स्टडी तिब्बत के लोगों पर की गई. आइए जानते हैं कि किस तरह से इंसान बदल रहा है?
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चीन और अमेरिका के बीच अब तिब्बत को लेकर टेंशन बढ़ता दिख रहा है. तिब्बत को लेकर अमेरिका ने एक नया बिल पास किया है और राष्ट्रपति बाइडेन इस पर जल्द ही साइन करने वाले हैं. वहीं, चीन ने अमेरिका से ऐसा न करने को कहा है. ऐसे में समझते हैं कि तिब्बत पर अमेरिका का बिल क्या है? और चीन और तिब्बत के बीच विवाद क्या है?
अमेरिकी संसद में 'रिजॉल्व तिब्बत एक्ट' नाम का एक बिल पास किया गया. ये बिल कहता है कि अमेरिका, तिब्बत के साथ खड़ा है और चीन के साथ चल रहे उसके विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद करेगा.