टिल्लू ताजपुरिया (Tillu Tajpuria) का असली नाम सुनील ताजपुरिया है. वह दिल्ली के बाहरी इलाके अलीपुर के पास एक गांव का रहने वाला था (Gangster from Delhi). वह सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट परिसर में एक अदालत कक्ष के अंदर अपने प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर जितेंद्र सिंह मान (Jitender Singh Maan) की हत्या का आरोपी था. जिसे दिल्ली की तिहाड़ जेल (Tihar Jail Delhi) के अंदर 3 मई 2023 को गोगी गैंग (Gogi Gang) ने चाकू मारकर हत्या कर दी (Tillu Tajpuria Murder).
हमलावरों ने कथित तौर पर उसके उच्च सुरक्षा वाले वार्ड की लोहे की ग्रिल को काट दिया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया. जब उसे दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया तो वह बेहोश था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई (Tillu Tajpuria Murderd in Tihar Jial).
टिल्लू और गोगी गिरोह के बीच गैंगवार पिछले एक दशक से बढ़ रहा था, जिससे दिल्ली और हरियाणा के इलाकों में कई लोगों की जान चली गई और अशांति फैल गई. कहा जाता है कि ये दो अपराधी कभी बचपन के दोस्त हुआ करते थे, जो 2010 में दिल्ली के अलीपुर में श्रद्धानंद कॉलेज में छात्र संघ चुनाव के दौरान घोर प्रतिद्वंद्वियों में बदल गए. जबकि उन्होंने सीधे चुनाव नहीं लड़ा, उन्होंने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को बाहुबल प्रदान किया, जिससे दोनों के बीच कड़वाहट पैदा हुई और दिल्ली में हिंसक गिरोह युद्ध शुरू हुआ (Tillu Tajpuria and Gogi Gang).
पिछले एक दशक में दो गिरोहों के बीच युद्ध ने 25 से अधिक लोगों की जान ले ली. जबकि दोनों अब मर चुके हैं, लेकिन उनके सहयोगी अभी भी हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एनकाउंटर के बाद टिल्लू ताजपुरिया और देवेंद्र बाम्बीहा गैंग के शार्प शूटर निहाल को गिरफ्तार किया गया है. बुधवार देर रात एनकाउंटर हुआ है. शूटर निहाल एंकाउटर में घायल हुआ है. देखें वीडियो.
पुलिस के मुताबिक, जब उन्होंने संदिग्ध से रुकने का इशारा किया तो उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी, पुलिस की जवाबी एक्शन लेते हुए गोली चलाई जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में लगी. इसके बाद आरोपी बदमाश को पुलिस ने गिफ्तार कर लिया.
दिल्ली पुलिस ने राजधानी के रोहिणी क्षेत्र में एक मुठभेड़ के बाद टिल्लू ताजपुरिया गैंग के एक शूटर को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, यह शूटर हाल ही में मुंडका हत्याकांड में शामिल था. मुठभेड़ बुधवार रात हुई जब पुलिस की स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा. यह गिरफ्तारी अपराध को रोकने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के प्रयासों में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है.
इस साल अक्टूबर तक दिल्ली के कारोबारियों को जबरन वसूली के लिए कॉल मिलने की करीब 160 सूचनाएं मिली हैं. एक सूत्र ने बताया कि कुछ मामलों में, कॉल के बाद टारगेट पर लिए गए शख्स के घर या दफ्तर के बाहर गोलीबारी की गई.
पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) विचित्र वीर ने बताया कि बुधवार को डीडीयू से हरि नगर थाने में सूचना मिली थी कि तिहाड़ जेल से एक घायल व्यक्ति को अस्पताल लाया गया है. इसके आधार पर स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली.
पकड़े गए शूटर्स की शिनाख्त राहुल उर्फ रंगा, रोहित और हरिओम उर्फ अंकित के तौर पर हुई है. ये तीनों ही अंतरराज्यीय टिल्लू ताजपुरिया गैंग और नीरज बवाना गिरोह के सदस्य हैं. इनकी योजना हत्या के एक मामले के चश्मदीद गवाहों को मारने की थी.
दिल्ली में दो लोगों की हत्या किए जाने की तैयारी हो चुकी थी. लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने टिल्लू ताजपुरिया गैंग और नीरज बवाना गिरोह के तीन शूटरों को गिरफ्तार कर इस खूनी साजिश का पर्दाफाश कर दिया और दो लोगों की जान बच गई.
तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद प्रशासन सख्त हो गया है. जेल प्रशासन ने 80 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया है, जिसमें 5 डिप्टी सुपरिटेंडेंट भी शामिल हैं.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा ने केंद्र सरकार समेत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को एडवाइजरी जारी करते हुए इसके अनुपालन और उनके द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
देश की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाने वाले दिल्ली की तिहाड़ जेल में गैंग वॉर के मामले देखने को मिले हैं. कुछ समय पहले गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की जेल में हत्या कर दी गई. अब इस मामले पर आजतक का स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है. तिहाड़ के सस्पेंडेड असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट कैमरे में कैद हुए हैं. देखें क्या बोले.
2 मई... तिहाड़ जेल के अंदर हुए टिल्लू ताजपुरिया के मर्डर ने पूरे देश के लोगों को हिलाकर रख दिया था. क्योंकि दावा किया जाता है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन एक चर्चित गैंगस्टर का यू कत्ल हो जाना किसी के गले नहीं उतर रहा था. इस हत्याकांड के बाद आजतक ने तिहाड़ जेल पर एक्सक्लूसिव पड़ताल की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जानने के लिए पढ़िए ये रिपोर्ट...
तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या ने पूरे देश को हिला दिया. आजतक की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने बड़ा स्टिंग ऑपरेशन किया. आज तक के खुफिया कैमरे में वो चेहरे कैद हुए जो हत्याकांड के वक्त जेल के अंदर मौजूद थे. कैमरे पर पहली बार एक-एक सच 'ऑपरेशन तिहाड़' में कैद हो गया. देखें स्पेशल रिपोर्ट.
Tihar Jail: राउज एवेन्यू कोर्ट ने तिहाड़ के अधिकारियों को 5 दिनों के भीतर पंखे, कूलर लगाने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि जेल अधिकारी अस्पष्ट जवाब दे रहे थे. यह स्पष्ट नहीं कर रहे थे कि सभी पंखे और कूलर क्यों हटा दिए गए. कोर्ट ने जल्द पंखे लगाने के निर्देश दिए.
टिल्लू ताजपुरिया की 2 मई को हत्या कर दी गई थी. इसका आरोप कथित तौर पर गौगी गैंग के दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान पर लगा है. गैंगस्टर टिल्लू के पिता और भाई ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है. इसी याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई
तिहाड़ में 14 अप्रैल गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद 2 मई को गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की भी चार लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी. अब स्पेशल सेल के सूत्रों ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में जेल में गैंगवार की घटनाएं और बढ़ सकती हैं.
2 मई को गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ मेड हथियारों से गोदकर हत्या कर दी गई थी. 19 दिन में तिहाड़ में दो बड़े हत्याकांड के बाद तिहाड़ की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं. वहीं अब जेल डीजी संजय बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा को बढ़ा दिया है.
तिहाड़ जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में 2 मई को गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ मेड हथियारों से गोदकर हत्या कर दी गई थी. 19 दिन में तिहाड़ में दो बड़े हत्याकांड के बाद तिहाड़ की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं. वहीं अब जेल डीजी संजय बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा को बढ़ा दिया है.
टिल्लू ताजपुरिया गैंग के शार्प शूटर अमित दबंग के सबसे छोटे भाई मोहित उर्फ बंटी ने दिल्ली के ताजपुर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. मोहित ने आत्महत्या क्यों की और उसके पास पिस्टल कहां से आई, पुलिस इस बात की जांच में जुटी हुई है.
गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के मामले में पुलिस ने तिहाड़ जेल से दो कैदियों को गिरफ्तार किया है. कैदी विनोद पर आरोप है कि उसने चादर से सीसीटीवी छुपाने की कोशिश की थी. दूसरे अताउर रहमान ने चाकू को छुपाने की कोशिश की थी. स्पेशल सेल की टीम गुरुवार को तिहाड़ पहुंची थी और उसने क्राइम सीन को रीक्रिएट किया था.
तिहाड़ जेल में डीजी संजय बेनीवाल टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद एक्शन मोड में हैं. उन्होंने तिहाड़ जेल में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं. उनके दिए आदेश के आधार पर 99 अफसरों और कर्मचारियों के तबादले हुए हैं. इस मामले को लेकर दिल्ली और तमिलनाडु पुलिस के अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हुई थी.
अतीक अहमद और अशरफ को 17 पुलिसवालों के सामने ही तीन बेखौफ शूटर्स ने गोलियों से भून डाला था. ऐसा ही दूसरा मंजर सामने आया देश की सबसे सुरक्षित जेल से, जहां दस पुलिसकर्मी मौजूद थे और चार हमलावरों उन पुलिसवालों की मौजूदगी में एक कैदी को मार डाला.