टोंक
टोंक (Tonk) भारत के राजस्थान राज्य (Rajasthan) का एक जिला है. यह जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है (Tonk Administrative Headquarter ). यह जिला उत्तर में जयपुर जिले से, पूर्व में सवाई माधोपुर जिले से, दक्षिण-पूर्व में कोटा जिले से, दक्षिण में बूंदी जिले से, दक्षिण-पश्चिम में भीलवाड़ा जिले से और पश्चिम में अजमेर जिले से घिरा है (Tonk Geographical Location). यह राजस्थान राज्य के उन चार जिला मुख्यालयों में से एक है जो सीधे रेल से नहीं जुड़े हैं. निकटतम रेलवे स्टेशन, नेवाई, जिले के भीतर है, लेकिन जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर है. बनास नदी इस जिले से होकर बहती है (Tonk Banas River). टोंक जिले का क्षेत्रफल 7,194 वर्ग किलोमीटर है (Tonk Area).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक टोंक की जनसंख्या (Tonk Population) 14.21 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 198 लोग रहते हैं (Tonk Density). यहां का लिंग अनुपात (Tonk Sex Ratio) 952 है. इसकी 61.58 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 77.12 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 45.45 फीसदी है (Tonk literacy).
2006 में, पंचायती राज मंत्रालय ने टोंक को देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों (640 में से) में से एक का नाम दिया. यह पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष (BRGF) से धन प्राप्त करने वाले राजस्थान के 12 जिलों में से एक है.
ग्राहक रमेश वर्मा ने घर पहुंचने के बाद जैसे ही दोना-प्लेट में रखकर समोसों को तोड़कर अपने परिजनों को देना शुरू किया, तो एक समोसे के स्टफिंग में मौजूद शेविंग ब्लेड के टुकड़े को देखकर चौंक गए.
टोंक की कलेक्टर सौम्या झा अपनी कार्यशैली और सौम्य स्वभाव से सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। बिहार से आईएएस बनने का सफर तय करने वाली सौम्या और उनके पति अक्षय गोदारा, जो बूंदी के कलेक्टर हैं, अपने काम और संघर्ष की वजह से चर्चा में हैं। समरावता कांड के बाद सौम्या की तारीफ देशभर में हो रही है
एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा से मुलाकात के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री किरोडी लाल मीणा ने कहा कि पुलिस को रात के अंधेरे में गांव में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि एसडीएम को थप्पड़ मारना भी गलत था.
टोंक में थप्पड़ कांड के बाद हुई समरावता हिंसा को लेकर पंचायत ने ऐलान किया है कि गांव में किसी बाहरी व्यक्ति या नेता को राजनीति नहीं करने दी जाएगी. ग्रामीणों की ओर से बोलते हुए समरावता के शंकरलाल मीना ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं. समरावता और कचरावता को देवली ब्लॉक से हटाकर उनियारा ब्लॉक में शामिल किया जाएगा.
टोंक में एसडीएम के थप्पड़ कांड विवाद में गिरफ्तार निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को लोग सड़कों पर उतरे, राजस्थान के कई जिलों में नरेश मीणा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. देखें VIDEO
राजस्थान के टोंक जिले में देओली-उनियारा उपचुनाव के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा द्वारा एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इस मामले में 60 गिरफ्तारियां हुईं थी. जबकि मीणा को कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा के चलते स्थिति तनावपूर्ण रही स्थिति अब शांत है.
राजस्थान में टोंक जिले के देवली-उनियारा उपचुनाव में हिंसा की घटनाएं हुईं, जिसमें नरेश मीणा का नाम सामने आया. नरेश मीणा पर एसडीएम को थप्पड़ मारने का आरोप है. घटना के बाद पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार किया था और अब पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
राजस्थान के देवली उनियारा में उपचुनाव के लिए मतदान चल रहा था. इस बीच निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा आता है और वहां ड्यूटी पर तैनात एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिया. देवली उनियारा उपचुनाव में बवाल के बाद राजस्थान पुलिस ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है. शुक्रवार को नरेश को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
राजस्थान के देवली उनियारा में उपचुनाव के लिए मतदान चल रहा था. इस बीच निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा आता है और वहां ड्यूटी पर तैनात एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिया. देवली उनियारा उपचुनाव में बवाल के बाद राजस्थान पुलिस ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है. शुक्रवार को नरेश को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
राजस्थान के टोंक जिले में एसडीएम को थप्पड़ मारने के आरोप में गिरफ्तार नरेश मीणा हवालात में बंद हैं. गिरफ्तारी के बाद उन्हें पीपलू पुलिस थाने में रखा गया, जहां से उनकी एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वह जमीन पर सोए हुए दिख रहे हैं. पुलिस ने कल इस घटना के सिलसिले में मीणा को गिरफ्तार किया और बताया कि वह इस मामले के अलावा भी विभिन्न मामलों में आरोपी हैं.
राजस्थान में टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट के उपचुनाव की वोटिंग के दौरान क्षेत्र के समरावता गांव में बुधवार रात रात जमकर बवाल हुआ. निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को गुरुवार सुबह अरेस्ट कर लिया गया जिन्होंने उपखंड अधिकारी अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था.
राजस्थान के टोंक जिले के समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा के समर्थकों और पुलिस के बीच छिड़े विवाद ने पूरे गांव को हिंसा की चपेट में ले लिया. मतदान के बहिष्कार के बीच एरिया मजिस्ट्रेट को थप्पड़ मारने की घटना के बाद बवाल हो गया. इस हिंसक झड़प के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है. हर तरफ उपद्रव के निशान हैं. पुलिस ने 60 लोगों को गिरफ्तार किया है.
कल उपचुनाव के दौरान नरेश मीना नाम के नेता ने एसडीएम को थप्पड़ मार दिया. चौबीस घंट में उसकी गिरफ्तारी तो हुई लेकिन तब तक बहुत हंगामा हुआ. आगजनी हुई. पथराव हुआ। क्या ये सब इसलिए क्योंकि नेताओं को लगता है कि वो जैसे चाहे बोलें, जैसे चाहें करें, जिसे चाहे धमकी दें, जिसे चाहे थप्पड़ मार दें.
आईजी ओम प्रकाश ने आजतक से कहा कि करीब 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मुख्य आरोपी नरेश मीणा के खिलाफ 2 दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह जयपुर, बारां समेत कई जिलों में वांछित अपराधी है, उन सभी मामलों में फाइलें खोली जाएंगी.
राजस्थान में थप्पड़ कांड के बाद आरोपी नरेश मीणा गुरुवार को मीडिया के सामने आया. नरेश मीणा ने SDM पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपों के मुताबिक, एसडीएम ने तीन लोगों पर दबाव डालकर वोटिंग कराई थी. इसके बाद नरेश मीणा ने एसडीएम को थप्पड़ मारा. इस घटना के बाद वहाँ हिंसा फैल गई और कई गाड़ियां जलाई गईं.
राजस्थान के टोंक में एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. टोंक के एसपी भारी पुलिस फोर्स के साथ नरेश मीणा को गिरफ्तार करने उसी गांव में पहुंचे थे, जहां मीणा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे. हालांकि इस दौरान नरेश मीणा सरेंडर करने से मना करते रहे.
राजस्थान के टोंक में एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को पुलिस ने उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, इस दौरान पुलिस को नरेश मीणा के समर्थकों का विरोध झेलना पड़ा. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नरेश मीणा को लेकर बड़ा खुलासा किया है.
राजस्थान के टोंक में हुए थप्पड़ कांड के बाद इलाके में तनाव है. वहीं, आरोपी नरेश मीणा के समर्थकों का आरोप है कि मामले में SDM अमित चौधरी और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार हैं. साथ ही समर्थकों का कहना है कि थप्पड़ कांड के बाद शाम को जब नरेश मीणा धरने पर बैठे थे, तब पुलिस ने गांव में जमकर तोड़फोड़ की और कई गाड़ियां जला दीं. हालांकि, पुलिस का कहना है कि उन पर हमला हुआ था.
राजस्थान के टोक जिले के देवली उनियारा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में एसडीएम अमित चौधरी पर नरेश मीणा ने हमला किया. आरोप है कि चौधरी ने चुपके से तीन लोगों से वोट डलवाए. इसके बाद नरेश मीणा ने अपने समर्थकों के साथ धरना दिया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया. नरेश मीणा कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे थे और उन्हें पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में निकाल दिया था.
टोंक जिले में एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. खुद एसपी भारी पुलिस बल लेकर नरेश मीणा को गिरफ्तार करने पहुंचे थे. हालांकि इस दौरान मीणा सरेंडर करने से मना कर रहे थे, लेकिन पुलिस जबरदस्ती उन्हें उठाकर ले गई.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसडीएम थप्पड़कांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. गहलोत ने सरकार की नीयत और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना सरकार की कमजोरी और प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल है. उन्होंने इस मुद्दे पर जनता से सतर्क रहने और सरकार की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की.