त्रिपुरा हाई कोर्ट
त्रिपुरा हाई कोर्ट (Tripura High Court) 23 मार्च 1956 को भारत के संविधान और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 में उपयुक्त संशोधन करने के बाद स्थापित किया गया था (Foundation of Tripura High Court). हाई कोर्ट की पीठ त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में है (High Court Seat in Agartala). पहले मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता थे जिन्हेने 23.3.2013 से 16.5.2016 तक कार्यकाल संभाला (First CJI of Tripura High Court). इससे पहले, त्रिपुरा राज्य के साथ-साथ भारत के उत्तर-पूर्व के अन्य छह राज्यों में गुवाहाटी हाई कोर्ट की एक स्थायी पीठ थी. गुवाहाटी हाई कोर्ट की स्थापना वर्ष 1992 में अगरतला में की गई थी (Gauhati High Court), जो त्रिपुरा राज्य के अधिकार क्षेत्र में थी.
न्यायालय के पास अपीलीय के अलावा मूल क्षेत्राधिकार है. इस न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों की अपील केवल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में की जा सकती है (Jurisdiction of Tripura High Court). त्रिपुरा हाई कोर्ट में 4 न्यायाधीशों की क्षमता है (Tripura High Court Sanctioned Strength).
इस न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंद्रजीत महंती हैं. उन्होंने 12 अक्टूबर 2021 को शपथ ली (CJI of Tripura High Court in Present).
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