तुमकुरु (Tumkur), कर्नाटक के दक्षिणी भाग में स्थित एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है. साथ ही यह क्षेत्र राज्य के सबसे बड़े शहर और राजधानी, बेंगलुरु के उत्तर-पश्चिम में 70 किमी (43 मील) की दूरी पर, NH 48 और NH 73 के किनारे स्थित है. यह तुमकुरु जिले का मुख्यालय भी है.
तुमकुरु में भारत का पहला मेगा फूड पार्क है, जो खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की एक परियोजना है. इंडिया फूड पार्क का उद्घाटन सितंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. तुमकुरु को स्मार्ट सिटी मिशन सूची में भी शामिल किया गया है और यह भारत में विकसित होने वाले 100 स्मार्ट शहरों में से एक है. 28 अगस्त 2010 से तुमकुर को नगर निगम का दर्जा दिया गया था.
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, तुमकुरु की जनसंख्या लगभग 5,42,000 थी. अधिकांश आबादी हिंदू धर्म की है, इसके बाद मुस्लिम और ईसाई की संख्या है. कन्नड़ तुमकुर में बोली जाने वाली आधिकारिक भाषा है. यहां अधिकांश आबादी कृषि और इससे संबंधित कार्य से अपना जीवन-यापन करते हैं. साथ ही आबादी का कुछ हिस्सा औद्योगिक क्षेत्र में भी काम कर रहा है. यह शहर रेशम और कपास के उत्पादन के साथ-साथ दूध और दूध उत्पादों के लिए भी जाना जाता है.
कर्नाटक के तुमकुरु में ऊबड़-सड़क सड़क पर बड़ा हादसा हो गया. यहां गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से जल्द सड़क मरम्मत की मांग की. पुलिस और अधिकारियों के समझाने के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया. प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर सड़क सुधारने का आश्वासन दिया है.
तुमकुरु जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 39 साल के कैब ड्राइवर मंजूनाथ ने अलग रह रही पत्नी के घर के आगे खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली. वह बार बार पत्नी को मनाकर घर लाने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी.
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, निंगप्पा ने घरेलू मुद्दों को लेकर अपनी पत्नी पर मिट्टी का तेल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद उस महिला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था. जहां उसकी मौत हो गई थी.
पुलिस के मुताबिक, निंगप्पा (70) ने घरेलू विवाद को लेकर अपनी पत्नी पर केरोसिन डालकर आग लगा दी. अस्पताल में इलाज को दौरान उसकी मौत हो गई. मगर, इससे पहले महिला ने मरते समय दिए गए बयान में कहा था कि उसके पति ने उसे पीटा था और उस पर मिट्टी का तेल डाला था. अब पुलिस ने 27 साल बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक कुनिगल के एक सरकारी अस्पताल में नर्स महेश और महबूब शरीफ (एक निजी अस्पताल के मालिक) ऐसे माता-पिता से बच्चे हासिल करते थे, जो बच्चे नहीं चाहते हैं. इसके बाद वह कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया के खिलाफ जाकर बच्चों को 2-3 लाख रुपये में दूसरे दंपतियों को बेच देते थे.
जिले के एसपी अशोक केवी ने आगे बताया कि पुलिस को शक है कि यह हत्या का मामला है और इसी वजह से बड़े स्तर पर इस मामले की जांच जोरों पर हैं. पुलिस के अनुसार, कार से मिले जले हुए शवों की पहचान करना किसी भी हाल में मुमकिन नहीं है.
कर्नाटक में आर्थिक तंगी और धमकियों से परेशान एक शख्स ने अपने तीन बच्चों को जहर देकर मार डाला. फिर उसने और उसकी पत्नी ने फांसी के फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया. मरने से पहले शख्स ने एक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.
मामला तुमकुरु जिले के कोराटागेरे तालुका के मारेनायकनहल्ली इलाके का है. यहां पर गुरुसिद्दप्पा नाम का बुजुर्ग काफी समय से सड़क किनारे रह रहा था. लोगों से भीख मांगा करता था. गुरुसिद्दप्पा की हरकते देख कर लोगों को लगता था कि वह अपराधी है.