वैक्यूम बम
थर्मोबैरिक हथियार (Thermobaric Weapon), एरोसोल बम (Aerosol Bomb) या वैक्यूम बम (Vacuum Bomb) एक प्रकार का विस्फोटक है जो उच्च तापमान वाले विस्फोट (High-Temperature Explosion) को उत्पन्न करने के लिए हवा से ऑक्सीजन (Oxygen) का उपयोग करता है. आमतौर पर इन विस्फोट की लहर संघनित विस्फोटक की तुलना में काफी अधिक समय तक चलती है. ईंधन-वायु विस्फोटक थर्मोबैरिक हथियारों के सबसे प्रसिद्ध प्रकारों में से एक है (The fuel–air explosive). इस विस्फोटक से उत्पन्न गर्मी इंसान को झुलसा सकता है. इसे सबसे खतरनाक गैर-परमाणु हथियार माना जाता है (Most Dangerous Non-Atomic Weapon).
अधिकांश पारंपरिक विस्फोटकों में एक ईंधन-ऑक्सीडाइजर प्रीमिक्स (Fuel–Oxidizer Premix) होता है, लेकिन थर्मोबैरिक हथियार लगभग 100 प्रतिशत ईंधन होते हैं और इसलिए समान वजन वाले किसी विस्फोटक की तुलना में यह काफी अधिक ऊर्जावान होता हैं. इस तरह के विस्फोटक वायुमंडलीय ऑक्सीजन पर निर्भर होते हैं इस लिए उन्हें पानी के नीचे, ऊंचाई पर और प्रतिकूल मौसम में उपयोग नहीं कर सकते है (Unsuitable for use under water, at high altitude, and in adverse weather). हालांकि, किसी किलेबंदी जैसे कि फॉक्सहोल (foxholes), सुरंग (tunnels), बंकर (bunkers) और गुफाओं (caves) पर इसका उपयोग काफी अधिक विनाशकारी होता है.
यूक्रेन को कितना दर्द मिला है. कितने घाव हैं. कितना नुकसान हुआ है...इसका पता या तो आप घावों को देख कर बता सकते हैं. या फिर वहां गिरे रूसी बमों की संख्या गिनकर. जितने ज्यादा बम... उतनी ज्यादा तबाही और दर्द. देखिए...बर्बादी की तस्वीरें
यूक्रेन के तीन शहरों में रूस ने फॉस्फोरस बम फोड़े. जिसकी वजह से बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए हैं. इस बात की जानकारी दोनेत्स्क के रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ने ट्वीट करके दी. आखिर ये फॉस्फोरस बम इतना खतरनाक क्यों है? आइए समझते हैं...