उपराष्ट्रपति चुनाव
भारत के संविधान (Constitution of India) के अनुच्छेद 56(1) (Article 56(1)) में प्रावधान है कि भारत का उपराष्ट्रपति (Vice President of India) पांच साल की अवधि के लिए पद पर रहते हैं. उपराष्ट्रपति का चुनाव (Vice President Election) एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें राज्यसभा (Rajya Sabha) के सदस्य और लोकसभा (Lok Sabha) के सदस्य शामिल होते हैं. दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य भी चुनाव प्रक्रिया में मतदान करने के पात्र होते हैं. चुनाव में, मतदान गुप्त मतदान द्वारा किया जाता है और संसद सदस्य अपनी पसंद को चिह्नित करने के लिए एक "विशेष कलम" का उपयोग करते हैं (Members of Upper House and Lower House).
2017 के चुनाव के लिए, निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य और 12 मनोनीत सदस्य और
लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य और 2 मनोनीत सदस्य शामिल हुए थे (Numbers of Members).
चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार को कम से कम 20 निर्वाचकों के समर्थन की आवश्यकता होती है जो उम्मीदवार के प्रस्तावक होंगे और उन्हें कम से कम 20 अनुमोदकों का अतिरिक्त समर्थन प्राप्त करने की आवश्यकता होती है (Support Electors). उम्मीदवार को सुरक्षा जमा के रूप में 15000 रुपए भी जमा करने होते हैं. राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1952 की धारा (4) की उप-धारा (1) के तहत, भारत के उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा भारत के चुनाव आयोग द्वारा की जाती है (Process of Vice President Election).
पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी विदाई पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 पेज की एक मार्मिक चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने वेंकैया नायडू के साथ के अपने अनुभवों को लेकर बात तो की ही है, वहीं उनके व्यक्तित्व के कुछ खास पहलुओं पर भी बात की है. इस चिट्ठी में उन्होंने नायडू की तुलना आचार्य विनोबा भावे से की है.
वेंकैया नायडू ने कहा कि आज एक तरफ मैं बहुत खुश हूं तो दूसरी तरफ आप सभी को याद करूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने 5 साल जिम्मेदारी संभाली. एक तरफ उपराष्ट्रपति की भूमिका थी तो दूसरी तरफ अपर हाउस. नायडू ने ये भी बताया कि जब शहर में पार्टी के बड़े नेता आते थे तो मैं पोस्टर चिपकाता था. दीवारों पर लिखा करता था.
एम वेंकैया नायडू ने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत हमेशा प्रबल होता है, लेकिन विपक्ष को कहना चाहिए और सरकार को उन्हें आगे आने के लिए अनुमति देनी चाहिए. अंततः बहुमत लोकतंत्र में फैसला करता है. मैं पद्म पुरस्कार के बारे में एक बात से खुश हूं और कैसे सरकार ने गैर-मान्यता प्राप्त लोगों को मान्यता दी.
अभिनेता से नेता बने सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर गुरदासपुर सीट से चुनाव मैदान में उतरे सनी ने कांग्रेस के उम्मीदवार रहे दिग्गज नेता सुनील जाखड़ को 82459 वोट के भारी-भरकम अंतर से हराया था. सनी देओल ने राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं किया था और अब वे उपराष्ट्रपति के लिए हुई वोटिंग से भी नदारद रहे.
जगदीप धनखड़ देश के 14वें उपराष्ट्रपति होंगे. वे 11 जुलाई को पद की शपथ लेंगे. मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है. NDA के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को जीत के बधाई देने के लिए संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर बीजेपी नेता जश्न मना रहे हैं.
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एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ शनिवार को भारत के नए उपराष्ट्रपति के रूप में चुने गए. जगदीप धनखड़ ने संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को बड़े अंतर से हराया. धनखड़ के 528 वोट मिले तो वहीं मार्गरेट अल्वा को महज 182 वोट ही मिले. वहीं 15 वोट अमान्य हो गए थे.
71 वर्षीय जगदीप धनखड़ देश के अगले उपराष्ट्रपति चुनाव होंगे. उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को पराजित कर दिया. आंकड़ों के लिहाज से राष्ट्रपति चुनाव की तरह ये चुनाव भी एकतरफा नजर आ रहा था. किसानी से लेकर वकालत तक का सफर तय करने वाले धनखड़ देश के पहले ओबीसी उपराष्ट्रपति होंगे.
उपराष्ट्रपति चुनने के लिए एक तरफ जहां मतदान की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय का एक पत्र सामने आया है. सुदीप बंदोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट मत करना.
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष और एनडीए की ओर से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हो चुका है. विपक्षी दलों ने मार्गरेट अल्वा को तो एनडीए ने जगदीप धनखड़ को प्रत्याशी चुना है. अल्वा चुनाव जीतने के लिए सभी दलों के नेताओं से संपर्क कर समर्थन जुटा रही हैं. इसी सिलसिले में वह बीजेपी नेताओं से भी संपर्क कर रही हैं.
Draupadi Murmu Oath Ceremony: नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ ली. शपथ समारोह सुबह 10:15 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में हुआ. सीजेआई एन. वी. रमणा ने उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई.
Draupadi Murmu Oath Ceremony: नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ लेंगी. द्रौपदी मुर्मू (64) ने विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा मुकाबले 64 प्रतिशत से अधिक वैध वोट हासिल किए हैं. बीजेपी का दावा है कि 125 विधायकों और 17 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग कर द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था.
President Oath Ceremony: 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग हुई थी. एनडीए की तरफ से द्रौपदी मुर्मू तो विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा को चुनाव मैदान में उतारा गया था. 21 जुलाई को काउंटिंग में द्रौपदी मुर्मू ने जीत हासिल कर ली थी. बीजेपी का दावा है कि 125 विधायकों और 17 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग कर द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था.
मार्गरेट अल्वा ने शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी. उसके बाद बीजेपी शासित कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से भी बातचीत की है. इस संबंध में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट भी किया है. जयराम रमेश के इस ट्वीट को हिमंत बिस्वा सरमा ने रीट्वीट किया और जवाब दिया है.
Vice President Election: उप राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से उम्मीदवार मार्गरेट आल्वा ने तृणमूल कांग्रेस के फैसले को निराशाजनक करार दिया है. साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी से कहा है कि ये समय ईगो या फिर क्रोध का नहीं है.
द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. उनकी जीत पर देशभर में जश्न का माहौल है. इस बीच उनके भाई का रिएक्शन भी आ गया है. वह ओडिशा में रहते हैं.
उपराष्ट्रपति चुनाव में TMC मतदान से दूर रहेगी. 85 फीसदी पार्टी सांसदों ने इसका समर्थन किया है. उम्मीदवार पर टीएमसी से सलाह किए बिना फैसला किया गया है.
देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए के लिए 99 फीसदी सांसद और विधायकों ने वोट किया है. कई राज्यों में पार्टी लाइन से हटकर भी वोटिंग पैटर्न दिखा है. ऐसे में बीजेपी जिन राज्यों में सत्ता में है वहां पर मुर्मू की जीत और यशवंत सिन्हा की हार तय है, लेकिन बीजेपी जिन राज्यों में सत्ता में नहीं है वहां पर भी उसे सियासी बढ़त मिलने की संभावना है.
राष्ट्रपति चुनाव में 99 फीसदी वोटिंग हुई है और अब नतीजे 21 जुलाई को आएंगे. राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के खिलाफ विपक्ष ने काफी मशक्कत के बाद यशवंत सिन्हा को कैंडिडेट बनाया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग नहीं रोक सकी. ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस, सपा, शिवसेना और एनसीपी जैसे दल को फायदा कम और सियासी नुकसान ज्यादा उठाना पड़ा है.
छह अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में राजग के उम्मीदवार धनखड़ विपक्ष के साझा उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा के सामने मैदान में हैं.
Opposition’s vice president candidate Margaret Alva: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए ने शनिवार शाम को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था. एक दिन बाद रविवार को शरद पवार के घर पर बैठक के बाद विपक्षी दलों ने मार्गरेट अल्वा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है.