विजय राज
विजय राज (Vijay Raaz, Actor) एक हास्य अभिनेता और कथाकार हैं. उन्हें 2001 की फिल्म मानसून वेडिंग में दुबेजी की भूमिका से लोकप्रियता मिली. 2014 में उन्होंने क्या दिल्ली क्या लाहौर के साथ एक निर्देशक के रूप में शुरुआत की (Vijay Raaz Debut).
विजय का जन्म 5 जून 1963 को दिल्ली (Delhi) में हुआ था (Vijay Raaz Age). P.G.D.A.V कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई के दौरान वे नाटक में हिस्सा लिया करते थे (Vijay Raaz Education).
उसी दौरान उन्होंने फिल्मी करियर पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया और मुंबई चले गए जहां उन्हें राम गोपाल वर्मा की जंगल में एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका मिली. उनकी फिल्मों में भोपाल एक्सप्रेस, मानसून वेडिंग, रघु रोमियो थी, दिल्ली बेली, कंपनी, लाल सलाम, पंच, मुंबई मैटिनी, चुरा लिया है तुमने, प्राण जाए पर शान ना जाए, युवा, आन: मैन एट वर्क, स्त्री, गली बॉय, फोटोग्राफ और गंगूबाई काठियावाड़ी जैसी फिल्में शामिल हैं (Vijay Raaz Movies).
एक्टिंग के अलावा वे फिल्मों और विज्ञापनों में वॉयस-ओवर भी करते हैं (Vijay Raaz Voice Over Artist).
सोनू ने बताया है कि किस तरह एक्टर्स सेट पर लेट आते हैं. टेक्स के बीच में काफी डिले होता है. प्रोड्यूसर्स को अगर 100 लोगों की क्रू में जरूरत है तो वो 150-200 लोग अपॉइंट करते हैं. डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और लीड एक्टर सोनू सूद ने अपनी फिल्म 'फतेह' का बजट अपने हाथ में रखा है.
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की आने वाली फिल्म 'फतेह' का टीजर जिस दिन से रिलीज हुआ है, फिल्म के लिए लोगों की एक्साइटमेंट काफी ज्यादा बढ़ गया है. अब फिल्म के लिए लोगों की एक्साइटमेंट और भी ज्यादा बढ़े, इसके लिए मेकर्स ने फिल्म का नया गाना 'हिटमैन' रिलीज किया है.
इस हफ्ते हम सभी को प्रभास और अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' से एक झलक देखने को मिली. तो वहीं 'पुष्पा 2' के पहले गाने का टीजर भी सामने आया. और हम 'डेडपूल एंड वुल्वरीन' को आखिर कैसे भूल सकते हैं. देखें इस हफ्ते रिलीज हुए फिल्मों के टीजर और ट्रेलर को.
फिल्म 'जेएनयू: जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. इसका नाम सुनकर अगर आपको दिल्ली की किसी फेमस यूनिवर्सिटी का नाम याद आ रहा है, तो आप सही हैं. इसमें उसी की बात हो रही है. फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है और इसे देखकर आपके होश उड़ने वाले हैं.
ये दुनिया विश्वास और अंधविश्वास के सहारे चलती है. धर्म में किसी को विश्वास दिलाना बेहद आसान है और उसके चलते दूसरों को ठगना भी. लेकिन एक इंसान को किस हद तक बेवकूफ बनाया जा सकता है, ये आप और मैं इमैजिन नहीं कर सकते. इस ही चीज के बारे में श्रेयस तलपड़े और विजय राज की नई फिल्म 'कर्तम भुगतम' बात करती है.