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विशाल भारद्वाज

विशाल भारद्वाज

विशाल भारद्वाज

Film Director

विशाल भारद्वाज (Vishal Bhaedwaj) एक फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, निर्माता, संगीतकार और पार्श्व गायक हैं. उन्हें आठ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और एक फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं.

भारद्वाज ने बच्चों की फिल्म अभय (1995) से संगीतकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की. गुलजार की माचिस (1996) में अपनी रचनाओं से पहचान हासिल की. उन्हें नई संगीत प्रतिभा के लिए फिल्मफेयर आर.डी. बर्मन पुरस्कार मिला. उन्होंने फिल्म सत्या (1998) और गॉडमदर (1999) में संगीत दिए. उन्होंने सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला.

भारद्वाज ने अपने निर्देशन की शुरुआत फिल्म मकड़ी (2002) से की, जिसके लिए उन्होंने संगीत भी तैयार किए. उन्होंने विलियम शेक्सपियर की तीन त्रासदियों- मैकबेथ से मकबूल (2003), ओथेलो से ओमकारा (2006) और हेमलेट से हैदर (2014) के भारतीय रूपांतरणों को लिखने और निर्देशित करने के लिए आलोचनात्मक प्रशंसा और कई प्रशंसाएं प्राप्त कीं. उन्होंने एक्शन फिल्म कमीने, 7 खून माफ (2011) और मटरू की बिजली का मंडोला (2013) का भी निर्देशन किया है.

इसके अलावा, भारद्वाज अपने बैनर वीबी पिक्चर्स के तहत फिल्में बनाते हैं. उन्होंने इश्किया (2010), इसके सीक्वल डेढ़ इश्किया (2014), और तलवार (2015) सहित अन्य फिल्मों का सह-लेखन और निर्माण किया है. उन्होंने अपने प्रत्येक निर्देशन और निर्माण उद्यम के लिए संगीत स्कोर तैयार किए हैं, और अक्सर गीतकार गुलजार के साथ काम करते हैं. 

भारद्वाज मुंबई एकेडमी ऑफ द मूविंग इमेज के बोर्ड सदस्य हैं.

भारद्वाज का जन्म 4 अगस्त 1965 को उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के चांदपुर शहर में हुआ था. उनके पिता राम भारद्वाज गन्ना निरीक्षक थे. उनके पिता ने हिंदी फिल्मों के लिए कविता और गीत भी लिखे हैं. स्कूल में पांचवीं कक्षा पूरी करने तक वह और उनका परिवार नजीबाबाद में रहते थे. बाद में वे मेरठ चले गए, जहां उन्होंने राज्य की अंडर-19 टीम के लिए क्रिकेट खेला. खेल के दौरान उनका अंगूठा टूट गया, जिससे वह खेलने में असमर्थ हो गए. उसी वर्ष, उनके पिता की मृत्यु हो गई, जिससे वह अपना क्रिकेट करियर जारी नहीं रख सके.

उनका एक बड़ा भाई था जिसने फिल्म निर्माता बनने के लिए मुंबई में वर्षों तक संघर्ष किया और बाद में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई. बाद में भारद्वाज दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली चले आए. एक कॉलेज के वार्षिक समारोह के दौरान उनकी मुलाकात अपनी पत्नी, पार्श्व गायिका रेखा भारद्वाज से हुई. वह उनसे एक साल सिनीयर थीं. 

बाद में दोनों ने शादी कर ली.

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