केंद्रीय वक्फ बोर्ड, वक्फ अधिनियम 1995 की एक उपधारा है जो भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है. इसकी स्थापना राज्य वक्फ बोर्डों के कामकाज से संबंधित मामलों पर सलाह देने के उद्देश्य से की गई थी (Waqf Board). खबरों के मुताबिक तीन दिन पहले 2 अगस्त को कैबिनेट ने वक्फ एक्ट में कुल 40 संशोधनों को मंजूरी दी है. इन संशोधनों के पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की शक्तियां सीमित हो जाएंगी. इन संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने के वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार वक्फ अधिनियम में संशोधन करने जा रही है. अधिनियमों में संशोधन को लेकर 5 अगस्त 2024 को बिल संसद में पेश किया जा सकता है.
13 फरवरी को वक्फ बिल पर संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद में पेश हुई थी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ बिल का नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है. अब इस बिल को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. अब इस बिल को बजट सत्र के दूसरे हिस्से में पेश किया जा सकता है.
मूड ऑफ द नेशन सर्वे में देशवासियों की राय पूछी गई, जिसमें वक्फ बोर्ड कानून संशोधन, मंदिर-मस्जिद विवाद और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर जनमत लिया गया. सर्वे के अनुसार, 68% लोगों ने वक्फ कानून में संशोधन के पक्ष में राय दी. वहीं, 67% लोग मोहन भागवत के मंदिर-मस्जिद विवाद को समाप्त करने की अपील से सहमत दिखे.
संसद में वक्फ संशोधन बिल पर जॉइंट पार्लियामेंटरी कमिटी की रिपोर्ट पेश की गई. नए प्रस्तावित संशोधनों में वक्फ बोर्ड के अधिकारों पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं. अब वक्फ बोर्ड को संपत्ति दावों के लिए कागजात दिखाने होंगे और उनके फैसलों के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जा सकेगी. बोर्ड में महिलाओं और अन्य धर्मों के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा. विपक्ष ने रिपोर्ट का विरोध करते हुए कहा कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया है.
संसद के बजट सत्र के अंतिम दिन जेपीसी की रिपोर्ट पेश की गई. विपक्ष ने निजी आपत्ति जताते हुए कहा कि डिसेंट नोट्स को नजरअंदाज किया गया है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए कहा कि वे इसे मान्यता नहीं देंगे. देखें.
लोकसभा में जेपीसी रिपोर्ट को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई. विपक्ष ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट के कुछ हिस्से हटा दिए गए हैं, जबकि सरकार ने इसे पूर्णतया गलत बताया. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि रिपोर्ट नियमों के अनुसार तैयार की गई है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. देखें.
विपक्ष ने वक्फ संपत्तियों पर सरकार के संशोधन को असंवैधानिक करार दिया है और आरोप लगाया है कि इसका उद्देश्य मुस्लिम संपत्तियों को हड़पना है. सरकार का कहना है कि यह गरीब मुसलमानों के हित में और अवैध कब्जों को हटाने के लिए आवश्यक है. संसद में इस विषय पर तीखी बहस हुई. देखें
संसद में जेपीसी रिपोर्ट पर हंगामे के दौरान सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए. विपक्ष ने रिपोर्ट में छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जिसे सरकार ने खारिज किया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसके बाद, विपक्ष के वाकआउट से सदन की कार्यवाही बाधित हुई. देखें.
राज्यसभा में हाल ही में वक्त संशोधन बिल पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पेश की गई है. इस रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया है. कांग्रेस पार्टी ने इसे भेदभावपूर्ण और झूठा करार दिया. वहीं, सरकार ने विपक्ष के इस रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया है. देखें.
जेपीसी रिपोर्ट को लेकर संसद में एक बड़ी बहस छिड़ गई है, जहां विपक्ष का आरोप है कि यह रिपोर्ट जल्दबाजी में और बिना उनकी सहमति के तैयार की गई है. राज्यसभा में जबरदस्त गहमागहमी के बीच विपक्ष की बैठकें निलंबित कर दी गईं. देखें.
वक्फ संपत्ति बिल पर राजनीतिक उथल-पुथल जारी है. जेपीसी की रिपोर्ट आने के बाद विपक्ष ने अनेक सवाल खड़े किए हैं. सरकार ने अपने दावे में कहा है कि इस बिल से मुस्लिम समाज को फायदा मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक बताया है. देखें.
संसद में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच विवेकपूर्ण बहस हुई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपीसी रिपोर्ट को विवादास्पद बताते हुए उसे अस्वीकार कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि डिसेंट नोट को उचित रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया. देखें.
वक्फ संशोधन बिल को लेकर संसद में हलचल का माहौल है. संसद में पेश इस बिल पर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इसके डिसेंट नोट्स को नजरअंदाज किया गया है. सरकार का कहना है कि विपक्ष की राय रिपोर्ट में सम्मिलित है. देखें.
लोकसभा में आज जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश हो गई है. इस पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये वक्फ बिल मुसलमानों को बर्बाद करने के लिए लाया जा रहा है. ये असंवैधानिक है, मुसलमानों को अपनी वर्शिप से दूर करने के लिए सरकार ये बिल ला रही है.
वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच राज्यसभा और लोकसभा, संसद के दोनों सदनों में पेश हो गई है. ताजा अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें...
संसद में बजट सत्र के अंतिम दिन वक्फ बिल को लेकर बड़ा बवाल हुआ. विपक्ष ने जेपीसी की रिपोर्ट को झूठा करार देते हुए जोरदार तरीके से विरोध किया और सदन से बाहर चले गए. कांग्रेस ने कहा कि यह बिल मुसलमानों को निशाना बनाने का प्रयास है. देखें.
लोकसभा में वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश होते ही विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को एकतरफा बताते हुए कहा कि उनके सुझावों को नहीं माना गया. वहीं, बीजेपी ने भी कहा कि कुछ चिंताएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए. देखें.
राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच वक्फ बिल पर जेपीसी रिपोर्ट पेश हो गई है. कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक बताया है तो वहीं सपा ने इसके विरोध का ऐलान कर दिया है. असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे पर स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है.
वक्त बोर्ड संशोधन बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर संसद में विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे ने रिपोर्ट को गलत ठहराया है, जबकि भाजपा के जेपी नड्डा ने इस पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया है. एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने शिकायत की कि उनकी असहमति को अनसुना कर दिया गया. देखें.
संसद के बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिन, दो महत्वपूर्ण विषय सामने आए हैं. पहला, नया आयकर विधेयक पेश किया जाएगा. दूसरा, वक्फ बोर्ड पर जेपीसी की रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्तुत की जाएगी. JPC के अध्यक्ष ने बताया कि ये रिपोर्ट कैसे तैयार की गई है, इसमें किन-किन लोगों को शामिल किया गया है. देखिए.
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश की गई, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई. विपक्ष ने इस रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए इसे धार्मिक स्थलों पर कब्जे की कोशिश करार दिया. वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है. देखें.
राज्यसभा में वक्फ अमेंडमेंट बिल पर JPC की रिपोर्ट को पेश किया गया. लेकिन इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. सदस्यों ने विरोध जताया और शोर-शराबे के बीच रिपोर्ट को टेबल किया गया. ये बिल वक्फ बोर्ड में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव करता है, जिसे लेकर विपक्ष और सरकार के बीच मतभेद हैं. देखें JPC सदस्य मेधा कुलकर्णी ने क्या कहा?